{"_id":"67e99923fcfc117f0702c8f5","slug":"17-crore-rupees-were-spent-there-is-no-nectar-in-the-lakes-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-124138-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: खर्च हो गए 17 करोड़ रुपये, सरोवरों में अमृत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: खर्च हो गए 17 करोड़ रुपये, सरोवरों में अमृत नहीं
विज्ञापन
ज्ञानपुर/औराई। अप्रैल शुरू होने से पहले ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है, लेकिन करोड़ों खर्च कर 170 गांव में बनाए गए सरोवरों में अमृत यानी पानी ही नहीं है।
अमृत सरोवरों में धूल उड़ रही है, लेकिन इसकी सुधि जिम्मेदारों को नहीं है। यही नहीं सरोवरों पर लगे कहीं बेंच क्षतिग्रस्त हैं, तो कहीं पिकनिक स्पॉट वाले स्वरूप की जगह जंगली घासफूस उगे हैं।
जिले में 546 ग्राम पंचायतें हैं। शहर की तर्ज पर गांव में भी पिकनिक स्थल तैयार करने के लिए तालाबों के सुंदरीकरण की मुहिम शुरू की गई। इसके तहत अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाने लगा। सरोवर के आसपास न सिर्फ छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए बल्कि परिसर में दूधिया रोशनी के साथ ही लोगों के बैठने के लिए बेंच भी स्थापित की गई।
विज्ञापन
औसतन तालाब की लंबाई के हिसाब से आठ लाख से लेकर 15 लाख तक एक-एक सरोवर पर खर्च हुए।
2022 से लेकर अब तक 170 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। एक ज्ञान सरोवर पर 10 लाख के हिसाब से 17 करोड़ रूपये खर्च हुए। ग्राम प्रधान, सचिव संग ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से सरोवरों की हालत खस्ता हो चुकी है।
साफ- सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई हैं। वहां लगे पेड़ सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे। पिछले दिनों सीडीओ ने डीघ के किशनदेवपुर में निरीक्षण किया तो वहां सरोवर में गंदगी मिली।
जिस पर सचिव का वेतन भी रोक दिया। औराई के अमीरपट्टी, बाबूसराय, अभोली के सदौपुर, ख्यौंखर, मसुधी, हरदुआं समेत अन्य ब्लॉकों में बने सरोवरों की यही स्थिति है।
बीडीओ औराई दिलीप कुमार ने बताया कि एक हफ्ते पहले उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सभी ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की गई है। सभी को तालाब भरने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
अमृत सरोवरों में धूल उड़ रही है, लेकिन इसकी सुधि जिम्मेदारों को नहीं है। यही नहीं सरोवरों पर लगे कहीं बेंच क्षतिग्रस्त हैं, तो कहीं पिकनिक स्पॉट वाले स्वरूप की जगह जंगली घासफूस उगे हैं।
विज्ञापन
जिले में 546 ग्राम पंचायतें हैं। शहर की तर्ज पर गांव में भी पिकनिक स्थल तैयार करने के लिए तालाबों के सुंदरीकरण की मुहिम शुरू की गई। इसके तहत अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाने लगा। सरोवर के आसपास न सिर्फ छायादार व फूलदार पौधे लगाए गए बल्कि परिसर में दूधिया रोशनी के साथ ही लोगों के बैठने के लिए बेंच भी स्थापित की गई।
विज्ञापन
औसतन तालाब की लंबाई के हिसाब से आठ लाख से लेकर 15 लाख तक एक-एक सरोवर पर खर्च हुए।
2022 से लेकर अब तक 170 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। एक ज्ञान सरोवर पर 10 लाख के हिसाब से 17 करोड़ रूपये खर्च हुए। ग्राम प्रधान, सचिव संग ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से सरोवरों की हालत खस्ता हो चुकी है।
साफ- सफाई न होने से ज्यादातर सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई हैं। वहां लगे पेड़ सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजा यह है कि अब लोग अमृत सरोवर की तरफ रुख भी नहीं कर रहे। पिछले दिनों सीडीओ ने डीघ के किशनदेवपुर में निरीक्षण किया तो वहां सरोवर में गंदगी मिली।
जिस पर सचिव का वेतन भी रोक दिया। औराई के अमीरपट्टी, बाबूसराय, अभोली के सदौपुर, ख्यौंखर, मसुधी, हरदुआं समेत अन्य ब्लॉकों में बने सरोवरों की यही स्थिति है।
बीडीओ औराई दिलीप कुमार ने बताया कि एक हफ्ते पहले उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सभी ग्राम प्रधानों के साथ बैठक की गई है। सभी को तालाब भरने का निर्देश दिया गया है।