{"_id":"5cf80fd4bdec2207315b77c5","slug":"155976084717-bhadohi-news97","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लोबल वार्मिंग सुधारने का एक मात्र शस्त्र पौधरोपड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लोबल वार्मिंग सुधारने का एक मात्र शस्त्र पौधरोपड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। वन प्रभाग की ओर से विभिन्न पौधशालाओं पर बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिले के सभी गांवों में पौधरोपण और आने वाले दिनों में ग्लोबल वार्मिंग में बदलाव पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान जिले में 20 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य तय किया गया।
जिले की विभिन्न पौधशालाओं पर विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यशाला का आयोजन कर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने और सुरक्षित रखने के लिए संकल्प लिया गया। इस दौरान ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन आदि को विषमुक्त करने पर मशविरे दिए गए। वैश्विक स्तर पर ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए शासन की ओर से जिले के सभी गांवों में पौधरोपण के लिए माईक्रोप्लानिंग की गई है। इसके अनुसार ग्रामीणों में नि:शुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे। माईक्रोप्लानिंग के अनुसार शासन से जिले में कुल 19 लाख 38 हजार 241 लोगों को एक-एक पौधे आवंटित करने का निर्णय लिया गया। कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि कृषक अपने चयनित स्थानों में गड्ढे की खुदाई अभी कर लें। 15 दिनों के बाद खाद, बालू मिट्टी मिला कर गड्ढा भर दें, ताकि प्रथम बारिश के बाद ही पौधे रोपित कर दें। कहा कि पौधे रोपित करने के बाद उनकी देख भाल भी करें। इस दौरान सागौन, बकैन, नीम और आम के पौधे लगाए जाएंगे। औराई ब्लॉक पर आयोजित कार्यशाला पर महेंद्र कुमार यादव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन विश्व स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इससे लड़ने का एक मात्र शस्त्र पौधरोपण है। औराई नर्सरी पर आयोजित कार्यशाला में अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि सभी रोजगार सेवकों को ही ग्राम सभा स्तर पर पौधरोपण की जिम्मेदारी दी गई है। जोरई नर्सरी में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सेवकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान सभी को सागौन के पौधे वितरित किये गए। इसी प्रकार एकौकी और खेमइपुर नर्सरी पर कार्यशाला आयोजित हुई।
विज्ञापन
जिले की विभिन्न पौधशालाओं पर विश्व पर्यावरण दिवस पर कार्यशाला का आयोजन कर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने और सुरक्षित रखने के लिए संकल्प लिया गया। इस दौरान ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन आदि को विषमुक्त करने पर मशविरे दिए गए। वैश्विक स्तर पर ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए शासन की ओर से जिले के सभी गांवों में पौधरोपण के लिए माईक्रोप्लानिंग की गई है। इसके अनुसार ग्रामीणों में नि:शुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे। माईक्रोप्लानिंग के अनुसार शासन से जिले में कुल 19 लाख 38 हजार 241 लोगों को एक-एक पौधे आवंटित करने का निर्णय लिया गया। कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि कृषक अपने चयनित स्थानों में गड्ढे की खुदाई अभी कर लें। 15 दिनों के बाद खाद, बालू मिट्टी मिला कर गड्ढा भर दें, ताकि प्रथम बारिश के बाद ही पौधे रोपित कर दें। कहा कि पौधे रोपित करने के बाद उनकी देख भाल भी करें। इस दौरान सागौन, बकैन, नीम और आम के पौधे लगाए जाएंगे। औराई ब्लॉक पर आयोजित कार्यशाला पर महेंद्र कुमार यादव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन विश्व स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इससे लड़ने का एक मात्र शस्त्र पौधरोपण है। औराई नर्सरी पर आयोजित कार्यशाला में अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि सभी रोजगार सेवकों को ही ग्राम सभा स्तर पर पौधरोपण की जिम्मेदारी दी गई है। जोरई नर्सरी में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सेवकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान सभी को सागौन के पौधे वितरित किये गए। इसी प्रकार एकौकी और खेमइपुर नर्सरी पर कार्यशाला आयोजित हुई।
विज्ञापन