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सवालों में तीन विभाग, हादसों के बाद खुलती है नीद
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ज्ञानपुर। अवैध स्कूल, नियम विरुद्ध बच्चों को लाना-ले जाना और सीएनजी के बजाए घरेलू सिलिंडर का प्रयोग के मामले में बेसिक शिक्षा, एआरटीओ और डीएसओ विभाग उदासीन बना हुआ है। लखनो की घटना के लिए यह सवाल कौंधने लगा है कि बिना मान्यता के इस तरह से स्कूल कैसे संचालित हो रहा था, वाहन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और घरेलू गैस सिलिंडर से वाहन कैसे चल रहा था। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने इन विभागों के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।
सूबे में सरकार किसी की रहे, लेकिन अफसर अपने तरीके से ही काम करते हैं। सपा सरकार में चाहे कैयरमऊ की घटना को ले लिया जाए, चाहे अब भाजपा सरकार में लखनों की घटना को। हादसों के बाद ही अफसरों की नींद खुलती है। कुछ दिन बाद जैसे-जैसे मामला पुराना होता जाता है, अफसर भी शांत हो जाते हैं। नथईपुर रोड के किनारे गुप्त रूप से एससी कान्वेंट स्कूल चलने का दावा शिक्षा विभाग भले कर रहा है, लेकिन कई साल से चल रहे इस गोरखधंधे की भनक विभाग को कैसे नहीं लगी, इसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। इसी तरह परिवहन विभाग की ओर से निरीक्षण का दावा किया जाता है बावजूद इसके जिला मुख्यालय पर ही प्राइवेट वाहनों से बच्चों को नियम विरुद्ध बेधड़क ढोया जा रहा है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एआरटीओ और विभाग के अन्य अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएनजी गैस से वाहनों को चलाना चाहिए, लेकिन घरेलू गैस से उसे चलाया जाता है। पूर्ति विभाग की ओर से इसको लेकर कभी भी जांच तक नहीं की गई। लखनों में घटना के बाद नाराज लोगों ने संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली में घंटों जमे रहे अफसर
ज्ञानपुर। स्कूली वैन में आग लगने से 19 बच्चों के झुलसने की घटना के बाद दोपहर बाद तक कोतवाली में अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। एडीएम राम सिंह वर्मा, एसडीएम ज्ञानपुर अमृता सिंह, भदोही एसडीएम यमुनाधर चौहान, डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट देेवेंद्र कुमार त्रिपाठी, एएसपी डॉ. संजय कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार प्रबंधक, वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में ही जमे रहे। अधिकारियों की टीम बीएचयू से बच्चों के हालत का लोकेशन भी लेती रही।
सूबे में सरकार किसी की रहे, लेकिन अफसर अपने तरीके से ही काम करते हैं। सपा सरकार में चाहे कैयरमऊ की घटना को ले लिया जाए, चाहे अब भाजपा सरकार में लखनों की घटना को। हादसों के बाद ही अफसरों की नींद खुलती है। कुछ दिन बाद जैसे-जैसे मामला पुराना होता जाता है, अफसर भी शांत हो जाते हैं। नथईपुर रोड के किनारे गुप्त रूप से एससी कान्वेंट स्कूल चलने का दावा शिक्षा विभाग भले कर रहा है, लेकिन कई साल से चल रहे इस गोरखधंधे की भनक विभाग को कैसे नहीं लगी, इसे लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। इसी तरह परिवहन विभाग की ओर से निरीक्षण का दावा किया जाता है बावजूद इसके जिला मुख्यालय पर ही प्राइवेट वाहनों से बच्चों को नियम विरुद्ध बेधड़क ढोया जा रहा है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एआरटीओ और विभाग के अन्य अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीएनजी गैस से वाहनों को चलाना चाहिए, लेकिन घरेलू गैस से उसे चलाया जाता है। पूर्ति विभाग की ओर से इसको लेकर कभी भी जांच तक नहीं की गई। लखनों में घटना के बाद नाराज लोगों ने संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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कोतवाली में घंटों जमे रहे अफसर
ज्ञानपुर। स्कूली वैन में आग लगने से 19 बच्चों के झुलसने की घटना के बाद दोपहर बाद तक कोतवाली में अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। एडीएम राम सिंह वर्मा, एसडीएम ज्ञानपुर अमृता सिंह, भदोही एसडीएम यमुनाधर चौहान, डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट देेवेंद्र कुमार त्रिपाठी, एएसपी डॉ. संजय कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार प्रबंधक, वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में ही जमे रहे। अधिकारियों की टीम बीएचयू से बच्चों के हालत का लोकेशन भी लेती रही।
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