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आंदोलन से खरीद हो सकती है प्रभावित
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:43 AM IST
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ज्ञानपुर। जरूरत के हिसाब से क्रय केंद्र न खुलने से धान खरीद का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। राइस मिलरों के आंदोलन से धान खरीद प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मिलर मांग पूरी न होने तक आंदोलन के लिए अड़ गए हैं।
विभिन्न समस्याओं को लेकर राइस मिलरों ने दो सप्ताह से धान की कुटाई न करने के लिए काम काज ठप कर दिया है। उनका आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनको मिलने वाला कमीशन अब भी वही है। कहा कि एक देश एक कर की तर्ज पर जीएसटी लागू हुआ मगर सूबे में मंडी टैक्स अब भी लिया जा रहा है। पूर्व में एक क्विंटल धान के सापेक्ष 62 किलो चावल की रिकवरी होती थी, जो अब 67 किलो कर दिया गया है। महंगाई के बाद भी धान की कुटाई 10 रुपये क्विंटल ही दी जा रही है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने कहा कि जिले में 22 मिलर हैं। उनके माध्यम से ही चावल डिपो में जाता है। उनके आंदोलन से धान खरीद प्रभावित हो सकती है।
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विभिन्न समस्याओं को लेकर राइस मिलरों ने दो सप्ताह से धान की कुटाई न करने के लिए काम काज ठप कर दिया है। उनका आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनको मिलने वाला कमीशन अब भी वही है। कहा कि एक देश एक कर की तर्ज पर जीएसटी लागू हुआ मगर सूबे में मंडी टैक्स अब भी लिया जा रहा है। पूर्व में एक क्विंटल धान के सापेक्ष 62 किलो चावल की रिकवरी होती थी, जो अब 67 किलो कर दिया गया है। महंगाई के बाद भी धान की कुटाई 10 रुपये क्विंटल ही दी जा रही है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने कहा कि जिले में 22 मिलर हैं। उनके माध्यम से ही चावल डिपो में जाता है। उनके आंदोलन से धान खरीद प्रभावित हो सकती है।
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