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16 से अनिवार्य हो जाएगा ई-वे बिल का इस्तेमाल
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:43 AM IST
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भदोही। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के अंतर्गत ई-वे बिल की व्यवस्था 16 अगस्त से पूरी तरह से लागू हो जाएगी। विभागीय अधिकारी भी इसे लेकर गंभीर हो गए हैं तथा व्यवसायियों को प्रशिक्षित करने में लगे हुए हैं। पिछले दो दिनों ने नगर स्थित जीएसटी कार्यालय में ई-वे बिल संबंधी समस्याएं और अधिक आ रही हैं। उनका कहना है कार्यालय में दिन दिन भर इस पर कार्यशाला चल रही है। ई-वे बिल संबंधी कोई भी भ्रांति कार्यालय आकर दूर की जा सकती है।
क्षेत्रीय सहायक आयुक्त जीएसटी संजय सिंह ने बताया कि कुल तीन प्रकार के ई-वे बिल का इस्तेमाल व्यापारियों को करना है। ई-वे बिल संख्या तीन को भरना कूरियर कंपनियों की जिम्मेदारी होगी। ई-वे बिल संख्या दो उन व्यापारियों के लिए अनिवार्य होगा, जो लोहा, मेंथो आयल, सुपाड़ी, पान मसाला गुटखा अथवा वनस्पति कहीं से मंगाता अथवा बेचता है तो आवश्यकता पड़ेगी। ई-वे बिल संख्या एक यूपी का कोई व्यापारी जब गैर प्रांत से कर योग्य वस्तु यूपी में मंगाता है तब इसकी आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि यदि भदोही के कालीन कारोबारी बिकानेर से काती मंगाते हैं तो ई-वे बिल संख्या एक लगाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने साफ किया कि भदोही के कालीन उद्यमियों को अपने प्रांत में ही कोई माल भेजने पर ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी तथा यदि जाब वर्क के माल कहीं भेज रहे हों तो चालान होना चाहिए और यदि माल किसी को बेच रहे हैं तो बिल होना आवश्यक है। क्षेत्रीय सहायक आयुक्त ने बताया कि प्रारंभ में ई-वे बिल को लेकर थोड़ी बहुत परेशानी हो सकती है जिसको देखते हुए सरकार ने 15 अगस्त तक की मोहलत दी थी लेकिन 16 अगस्त से यह पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा। कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रांति को दूर करने के लिए लोग क्षेत्रीय जीएसटी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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क्षेत्रीय सहायक आयुक्त जीएसटी संजय सिंह ने बताया कि कुल तीन प्रकार के ई-वे बिल का इस्तेमाल व्यापारियों को करना है। ई-वे बिल संख्या तीन को भरना कूरियर कंपनियों की जिम्मेदारी होगी। ई-वे बिल संख्या दो उन व्यापारियों के लिए अनिवार्य होगा, जो लोहा, मेंथो आयल, सुपाड़ी, पान मसाला गुटखा अथवा वनस्पति कहीं से मंगाता अथवा बेचता है तो आवश्यकता पड़ेगी। ई-वे बिल संख्या एक यूपी का कोई व्यापारी जब गैर प्रांत से कर योग्य वस्तु यूपी में मंगाता है तब इसकी आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि यदि भदोही के कालीन कारोबारी बिकानेर से काती मंगाते हैं तो ई-वे बिल संख्या एक लगाना अनिवार्य होगा।
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उन्होंने साफ किया कि भदोही के कालीन उद्यमियों को अपने प्रांत में ही कोई माल भेजने पर ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी तथा यदि जाब वर्क के माल कहीं भेज रहे हों तो चालान होना चाहिए और यदि माल किसी को बेच रहे हैं तो बिल होना आवश्यक है। क्षेत्रीय सहायक आयुक्त ने बताया कि प्रारंभ में ई-वे बिल को लेकर थोड़ी बहुत परेशानी हो सकती है जिसको देखते हुए सरकार ने 15 अगस्त तक की मोहलत दी थी लेकिन 16 अगस्त से यह पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा। कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रांति को दूर करने के लिए लोग क्षेत्रीय जीएसटी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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