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दो एसडीएम समेत 13 अफसरों का वेतन रोका
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:35 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)।
जनता दर्शन, तहसील दिवस, आईजीआरएस समेत अन्य पटल के माध्यम से आने वाली शिकायतों का निस्तारण न करने पर 13 अफसरों पर गाज गिर गई। डीएम विशाख जी ने ज्ञानपुर और एसडीएम समेत 13 जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। अधिकारी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद शपथ पत्र देंगे, तब उनका वेतन बहाल किया जाएगा।
आम आदमी को समय से न्याय मिले इसके लिए शासन की ओर से कई अहम पटल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का मौका दिया जाता है। सरकारी दफ्तरों में सुबह 10 से 12 बजे जनता दर्शन, तहसील दिवस, समाधान दिवस, आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आम आदमी शिकायत दर्ज कराता है। फरियादियों के शिकायतों के निस्तारण में सरकारी विभागों की ओर से ढिलाई बरती जाती है। शासन और प्रशासन के तमाम निर्देश के बाद भी अफसर लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। कई बार निर्देश के बाद भी लापरवाही बरतने पर डीएम विशाख जी ने 13 अधिकारियों का वेतन रोक दिया। इसमें एसडीएम ज्ञानपुर सुनील कुमार यादव, औराई केशवनाथ गुप्ता, डीपीआरओ अनिल कुमार त्रिपाठी, डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा, डीपीओ अनुपमा शांडिल्य, मनरेगा उपायुक्त अजीत सिंह, पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय, पूर्ति निरीक्षक विजय प्रताप यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई केएन जायसवाल, तहसीलदार ज्ञानपुर शैलेंद्र चौहान, एसओ कोइरौना विनोद सिंह और एसओ गोपीगंज सुनील दत्त दूबे शामिल हैं। डीएम विशाख जी ने निर्देश दिया है कि लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद अधिकारी जब तक शपथ पत्र न दें कि 15 दिन से अधिक पुराने मामलों का निस्तारण कर दिया है, तब तक उनका वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
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जनता दर्शन, तहसील दिवस, आईजीआरएस समेत अन्य पटल के माध्यम से आने वाली शिकायतों का निस्तारण न करने पर 13 अफसरों पर गाज गिर गई। डीएम विशाख जी ने ज्ञानपुर और एसडीएम समेत 13 जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। अधिकारी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद शपथ पत्र देंगे, तब उनका वेतन बहाल किया जाएगा।
आम आदमी को समय से न्याय मिले इसके लिए शासन की ओर से कई अहम पटल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का मौका दिया जाता है। सरकारी दफ्तरों में सुबह 10 से 12 बजे जनता दर्शन, तहसील दिवस, समाधान दिवस, आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आम आदमी शिकायत दर्ज कराता है। फरियादियों के शिकायतों के निस्तारण में सरकारी विभागों की ओर से ढिलाई बरती जाती है। शासन और प्रशासन के तमाम निर्देश के बाद भी अफसर लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते। कई बार निर्देश के बाद भी लापरवाही बरतने पर डीएम विशाख जी ने 13 अधिकारियों का वेतन रोक दिया। इसमें एसडीएम ज्ञानपुर सुनील कुमार यादव, औराई केशवनाथ गुप्ता, डीपीआरओ अनिल कुमार त्रिपाठी, डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा, डीपीओ अनुपमा शांडिल्य, मनरेगा उपायुक्त अजीत सिंह, पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय, पूर्ति निरीक्षक विजय प्रताप यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई केएन जायसवाल, तहसीलदार ज्ञानपुर शैलेंद्र चौहान, एसओ कोइरौना विनोद सिंह और एसओ गोपीगंज सुनील दत्त दूबे शामिल हैं। डीएम विशाख जी ने निर्देश दिया है कि लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद अधिकारी जब तक शपथ पत्र न दें कि 15 दिन से अधिक पुराने मामलों का निस्तारण कर दिया है, तब तक उनका वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
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