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स्मृति ईरानी
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:40 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृित ईरानी ने माना कि बुनकरों के पास हुनर और मेहनत तो है लेकिन लोन की व्यवस्था न होने से वे मायूस हो जाते हैं। इसलिए सरकार ने इस क्षेत्र के विकास की बागडोर बैंकों को सौंपने का इरादा बनाया है। नई व्यवस्था में छोटे कारोबारियों को पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद अब विपदा की घड़ी में बुनकरों को कर्ज लेने के लिए साहूकार के पास जाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार की मुद्रा लोन योजना के जरिए वे 50 हजार से 10 लाख तक का कर्ज ले सकते हैं। बुनकरों के बच्चों की 75 फीसदी फीस सरकार वस्त्र मंत्रालय के सौजन्य से भरने लगी है। प्रशासन को चाहिए कि वस्त्र मंत्रालय की योजनाओं को बुनकरों तक पहुंचाए।
इस दौरान पीएम ने ‘59 मिनट्स लोन पोर्टल’ की लांचिंग करते हुए कहा, एमएसएमई कृषि के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है। इस सेक्टर के उद्यमियों को आसानी से सस्ता कर्ज मिले, सरकार ने इसकी राह आसान कर दी है। एमएसएमई उद्योग ही आगे चलकर बड़े उद्योग-धंधे का आधार बनते हैं। इसलिए आसान कर्ज के अलावा उन्हें व्यापक बाजार मिलना चाहिए, तकनीकी का अपग्रेडेशन होना चाहिए, कारोबार में सरकारी दखल कम हो। कहा कि परिवर्तनों की वजह से देश दुनिया की चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के लिए बढ़ रहा है। एमएसएमई उद्यमियों ने खुद को इस परिवर्तन से जोड़ा है। इसलिए सरकार भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।
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इस दौरान मंच पर केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव कामरान रिजवी के अलावा ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा, भदोही विधायक रवींद्र त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर, जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और एसपी राजेश एस मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद अब विपदा की घड़ी में बुनकरों को कर्ज लेने के लिए साहूकार के पास जाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार की मुद्रा लोन योजना के जरिए वे 50 हजार से 10 लाख तक का कर्ज ले सकते हैं। बुनकरों के बच्चों की 75 फीसदी फीस सरकार वस्त्र मंत्रालय के सौजन्य से भरने लगी है। प्रशासन को चाहिए कि वस्त्र मंत्रालय की योजनाओं को बुनकरों तक पहुंचाए।
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इस दौरान पीएम ने ‘59 मिनट्स लोन पोर्टल’ की लांचिंग करते हुए कहा, एमएसएमई कृषि के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है। इस सेक्टर के उद्यमियों को आसानी से सस्ता कर्ज मिले, सरकार ने इसकी राह आसान कर दी है। एमएसएमई उद्योग ही आगे चलकर बड़े उद्योग-धंधे का आधार बनते हैं। इसलिए आसान कर्ज के अलावा उन्हें व्यापक बाजार मिलना चाहिए, तकनीकी का अपग्रेडेशन होना चाहिए, कारोबार में सरकारी दखल कम हो। कहा कि परिवर्तनों की वजह से देश दुनिया की चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के लिए बढ़ रहा है। एमएसएमई उद्यमियों ने खुद को इस परिवर्तन से जोड़ा है। इसलिए सरकार भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।
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इस दौरान मंच पर केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव कामरान रिजवी के अलावा ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा, भदोही विधायक रवींद्र त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर, जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और एसपी राजेश एस मौजूद रहे।