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Bhadohi News: 10 हजार सीटें, 21 हजार विद्यार्थी, स्नातक में दाखिले के लिए होगी मारामारी
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यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी हो चुका है। अब छात्र-छात्राओं ने स्नातक में प्रवेश के लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्नातक, आईटीआई और पॉलिटेक्निक को मिलाकर कुल करीब 10 हजार सीटें है, जबकि इंटर में 21 हजार 611 छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल किया है। सीट और उत्तीर्ण छात्र अनुपात में करीब 11 हजार से अधिक का अंतर होने से एक बार फिर एडमिशन के लिए छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़नी तय है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुक्रवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल जारी किया गया। इंटर उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाएंगे। बोर्ड परीक्षा में शामिल करीब 25 हजार परीक्षार्थियों में 21 हजार 611 उत्तीर्ण हो गए। जून से ही स्नातक में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वैसे जिले में तीन राजकीय और 25 वित्तविहीन डिग्री कॉलेज हैं। इसमें कुल साढ़े नो हजार के करीब सीटें हैं, जबकि आटीआई और पॉलिटेक्निक को मिलाकर यह संख्या करीब 10 हजार तक पहुंचती है। ज्ञानपुर, भदोही और औराई के तीनों राजकीय महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं। जिससे मेरिट वालों को तो प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन कम अंक वाले छात्रों को प्रयागराज के जिलों में जाना पड़ेगा। तकनीकी शिक्षा के लिहाज से भी उम्मीद से कम सीटें होने से भी परेशानी बढ़ेगी। जिले में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में ही सबसे अधिक सीटें है।
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कला वर्ग में राहत, विज्ञान में होती है दिक्कत
ज्ञानपुर। जिले के सबसे प्राचीन और बड़े महाविद्यालय में शामिल काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक की सबसे अधिक 1600 से सीटें है। इसमें सबसे अधिक बीए में 780, बीएससी बायो और मैथ में 320 और 340 और वाणिज्य में 250 के करीब सीटें है। यहां पर हर साल जून-जुलाई में प्रवेश शुरू हो जाता है। मेरिट से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। विज्ञान, गणित और वाणिज्य संकाय की सीटें सबसे पहले ही भर जाती हैं जबकि कला वर्ग में कुछ हद तक राहत मिलती है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से शुक्रवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल जारी किया गया। इंटर उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाएंगे। बोर्ड परीक्षा में शामिल करीब 25 हजार परीक्षार्थियों में 21 हजार 611 उत्तीर्ण हो गए। जून से ही स्नातक में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वैसे जिले में तीन राजकीय और 25 वित्तविहीन डिग्री कॉलेज हैं। इसमें कुल साढ़े नो हजार के करीब सीटें हैं, जबकि आटीआई और पॉलिटेक्निक को मिलाकर यह संख्या करीब 10 हजार तक पहुंचती है। ज्ञानपुर, भदोही और औराई के तीनों राजकीय महाविद्यालयों में छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं। जिससे मेरिट वालों को तो प्रवेश मिल जाएगा, लेकिन कम अंक वाले छात्रों को प्रयागराज के जिलों में जाना पड़ेगा। तकनीकी शिक्षा के लिहाज से भी उम्मीद से कम सीटें होने से भी परेशानी बढ़ेगी। जिले में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में ही सबसे अधिक सीटें है।
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कला वर्ग में राहत, विज्ञान में होती है दिक्कत
ज्ञानपुर। जिले के सबसे प्राचीन और बड़े महाविद्यालय में शामिल काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक की सबसे अधिक 1600 से सीटें है। इसमें सबसे अधिक बीए में 780, बीएससी बायो और मैथ में 320 और 340 और वाणिज्य में 250 के करीब सीटें है। यहां पर हर साल जून-जुलाई में प्रवेश शुरू हो जाता है। मेरिट से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। विज्ञान, गणित और वाणिज्य संकाय की सीटें सबसे पहले ही भर जाती हैं जबकि कला वर्ग में कुछ हद तक राहत मिलती है।
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