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लक्ष्य के सापेक्ष 8.5 फीसदी गेहूं की खरीद

Sat, 07 May 2016 12:28 AM IST
basti
basti Updated Sat, 07 May 2016 12:28 AM IST
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 Wheat procurement target of 8.5 per cent relative
wheat - फोटो : अमर उजाला
बस्ती जिले में गेहूं खरीद का हाल बेहाल है। खरीद शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत गया है, मगर गेहूं खरीद की हालत में कोई सुधार नहीं आया। पांच मई तक लक्ष्य के सापेक्ष महज साढ़े आठ प्रतिशत गेहूं की खरीद हो पाई है।
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शासन की ओर से इस बासर बस्ती को 60 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। गेहूं खरीद के लिए विभिन्न खरीद एजेंसियों ने कुल 72 क्रय केंद्र जिले में स्थापित किए थे। क्रय केंद्रों को पहली अप्रैल से ही चालू कर दिया गया था। क्रय केंद्रों के चालू होने के बाद भी किसान केेंद्रों तक नहीं पहुंच रहे थे। विभाग का दावा था कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में किसान क्रय केंद्रों तक पहुंचेंगे और गेहूं खरीद को गति मिलेगी, मगर दावे के विपरीत किसान केंद्रों तक नहीं पहुंचे।
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हालत यह है कि अभी भी तमाम क्रय केंद्रों पर केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार कर रहे हैं, मगर किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे हैं। अब तक गेहूं खरीद की जो रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार पांच मई तक लक्ष्य 60 हजार एमटी के सापेक्ष महज  5094 एमटी गेहूं की खरीद हो पाई है। इनमें खाद्य विभाग की ओर से 1675 एमटी, पीसीएफ की ओर से 2974 एमटी, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ की ओर से 255 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम की ओर से 147 एमटी गेहूं की खरीद की गई है।
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कुल मिलाकर अब तक सभी एजेंसियों के क्रय केंद्र की ओर से लक्ष्य के सापेक्ष महज साढ़े आठ प्रतिशत गेहूं की खरीद हो सकी है। पहली जून तक गेहूं की खरीद होनी है, ऐसे में गेहूं खरीद के लिए अब महज 25 दिन ही बचे है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय का कहना है कि इस बार गेहूं के उत्पादन में 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। गेहूं उत्पादन घटने से किसानो के के पास इतना गेहूं नहीं बचा कि किसान गेहूं बेच सके।


गेहूं खरीद घटने का दूसरा प्रमुख कारण गेहूं का सरकारी खरीद रेट व मार्केट रेट बराबर होना है। बाजार में भी गेहूं का रेट 1500 रुपये से ऊपर हो गया है। सरकारी रेट भी 1525 रुपये है। ऐसे में किसान क्रय केंद्र की बजाए बाजार में ही अपना गेहूं बेच दे रहा है। उसे नकद गेहूं का मूल्य मिल जा रहा है, जबकि क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने पर गेहूं का मूल्य खाते में जाता है। 
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