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ग्रामीणों का तहसील दिवस में प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 05 Jul 2016 10:49 PM IST
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विकास खंड कुदरहा क्षेत्र के जगरनाथपुर के लोगो ने सदर तहसील पर कोटेदार के विरूध किया प्रर्दशन।
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तहसील दिवस के मौके पर मंगलवार को सदर तहसील पहुंचे जगन्नाथपुर के ग्रामीणों ने प्रधान सरिता और भाजपा के युवा नेता आलोक पांडेय की अगुवाई में कोटेदार के अनियमित वितरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके अलावा शिकायत करने के बावजूद कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई न करने पर प्रशासन के विरुद्घ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कोटे का लाइसेंस निरस्त करने और उनके स्थान पर नये कोटेदार का चयन करने की मांग की और एसडीएम को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन का सिलसिला एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। एसडीएम रामप्रसाद ने बताया कि कोटेदार के विरुद्घ कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
विरोध जताने आए प्रधान सरिता भाजपा युवा नेता आलोक पांडेय, लवकेश, भोला, भगवती प्रसाद, शिवमूरत, साकेत, कलावती, रीता, राजेश गोस्वामी, उर्मिला, दुर्गावती, आशा, चंद्रकला, बसंती, कौशल्या, सिंगारी, कलावती सहित लगभग 250 ग्रामीणों ने एसडीएम सदर रामप्रसाद से बताया कि कोटेदार पिछले छह माह से राशन, चीनी, केरोसिन नहीं दे रहे हैं। बताया कि जब भी कोटेदार के अनियमित वितरण की शिकायत की जाती, कार्रवाई करने के बजाए आपूर्ति विभाग के कर्मी कोटेदार के पक्ष में रिपोर्ट लगा देते हैं। एक बार जगन्नाथपुर का कोटा साजिशन माधवपुर गांव से संबद्घ कर दिया गया। फिर जब गावं वालों ने विरोध किया तो कोटे को मसुरहा में संबद्घ कर दिया गया। फिर कुछ दिन विभाग ने साजिश करके उसे माधवपुर से संबद्ध कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार को राजनीतिक और विभाग का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कोटेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों ने एसडीएम को यह भी बताया कि गरीबों के हिस्से का रायन, चीनी और केरोसिन कोटेदार खुले बाजार में बेच देतें हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम से नए कोटेदार का चयन खुली बैठक के जरिए कराने की अपील की।
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विरोध जताने आए प्रधान सरिता भाजपा युवा नेता आलोक पांडेय, लवकेश, भोला, भगवती प्रसाद, शिवमूरत, साकेत, कलावती, रीता, राजेश गोस्वामी, उर्मिला, दुर्गावती, आशा, चंद्रकला, बसंती, कौशल्या, सिंगारी, कलावती सहित लगभग 250 ग्रामीणों ने एसडीएम सदर रामप्रसाद से बताया कि कोटेदार पिछले छह माह से राशन, चीनी, केरोसिन नहीं दे रहे हैं। बताया कि जब भी कोटेदार के अनियमित वितरण की शिकायत की जाती, कार्रवाई करने के बजाए आपूर्ति विभाग के कर्मी कोटेदार के पक्ष में रिपोर्ट लगा देते हैं। एक बार जगन्नाथपुर का कोटा साजिशन माधवपुर गांव से संबद्घ कर दिया गया। फिर जब गावं वालों ने विरोध किया तो कोटे को मसुरहा में संबद्घ कर दिया गया। फिर कुछ दिन विभाग ने साजिश करके उसे माधवपुर से संबद्ध कर दिया गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि कोटेदार को राजनीतिक और विभाग का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कोटेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों ने एसडीएम को यह भी बताया कि गरीबों के हिस्से का रायन, चीनी और केरोसिन कोटेदार खुले बाजार में बेच देतें हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम से नए कोटेदार का चयन खुली बैठक के जरिए कराने की अपील की।
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