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विक्रमजोत बनेगी जिले की पांचवीं तहसील
basti
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:40 PM IST
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विक्रमजोत तहसील का प्रस्तावित नक्शा।
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत को जिले की पांचवीं तहसील बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए डीएम ने कमिश्नर के माध्यम से राजस्व परिषद को तहसील बनाने का प्रस्ताव भेजा है। सबसे बड़ी तहसील हर्रैया के परशुरामपुर और विक्रमजोत ब्लॉकों को काटकर नई तहसील बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
नई तहसील में इन दो ब्लॉकों के 571 राजस्व ग्राम और 41611 हेक्टेअर क्षेत्रफल को शामिल किया गया है। तहसील का नक्शा और इससे जुड़ने वाले ग्रामों और राजस्व कर्मियों का ब्योरा भी साथ में भेजा गया है। विक्रमजोत तहसील के बनाने के पीछे मंशा शासकीय और जनहित में है। तहसील बन जाने से परशुरामपुर और विक्रमजोत के दूर दराज से आने वाले जरूरतमंदों को लाभ होगा। समय के साथ उनका धन भी बचेगा, अनेक कठिनाइयों से भी निजात मिलेगी। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शासकीय और जनहित को देखते हुए विक्रमजोत को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव सोमवार को भेजा दिया गया है। प्रशासनिक नजरिए से भी जनता के हितकारी कार्य और अधिक तत्परता एवं शीघ्रता से होगा।
यह होगा नई तहसील का स्वरूप
प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें हर्रैया तहसील के विक्रमजोत और परशुरामपुर के 571 राजस्व गांवों को लिया गया है। शेष 964 राजस्व ग्राम हर्रैया तहसील के दुबौलिया, कप्तानंगज व हर्रैया ब्लॉकों में रहेंगे। 41611 हेक्टेअर क्षेत्रफल जिसमें कृषि योग्य 31061 क्षेत्रफल और 3,47,408 जनसंख्या नई तहसील की होगी। चार आंशिक थाने होंगे, जिनमें छावनी, परशुरामपुर, दुबौलिया और हर्रैया शामिल हैं। 136 लेखपाल कार्य करेंगे। संग्रह अमीनों की संख्या 16 की रहेगी।
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विक्रमजोत को जिले की पांचवीं तहसील बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए डीएम ने कमिश्नर के माध्यम से राजस्व परिषद को तहसील बनाने का प्रस्ताव भेजा है। सबसे बड़ी तहसील हर्रैया के परशुरामपुर और विक्रमजोत ब्लॉकों को काटकर नई तहसील बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
नई तहसील में इन दो ब्लॉकों के 571 राजस्व ग्राम और 41611 हेक्टेअर क्षेत्रफल को शामिल किया गया है। तहसील का नक्शा और इससे जुड़ने वाले ग्रामों और राजस्व कर्मियों का ब्योरा भी साथ में भेजा गया है। विक्रमजोत तहसील के बनाने के पीछे मंशा शासकीय और जनहित में है। तहसील बन जाने से परशुरामपुर और विक्रमजोत के दूर दराज से आने वाले जरूरतमंदों को लाभ होगा। समय के साथ उनका धन भी बचेगा, अनेक कठिनाइयों से भी निजात मिलेगी। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शासकीय और जनहित को देखते हुए विक्रमजोत को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव सोमवार को भेजा दिया गया है। प्रशासनिक नजरिए से भी जनता के हितकारी कार्य और अधिक तत्परता एवं शीघ्रता से होगा।
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यह होगा नई तहसील का स्वरूप
प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें हर्रैया तहसील के विक्रमजोत और परशुरामपुर के 571 राजस्व गांवों को लिया गया है। शेष 964 राजस्व ग्राम हर्रैया तहसील के दुबौलिया, कप्तानंगज व हर्रैया ब्लॉकों में रहेंगे। 41611 हेक्टेअर क्षेत्रफल जिसमें कृषि योग्य 31061 क्षेत्रफल और 3,47,408 जनसंख्या नई तहसील की होगी। चार आंशिक थाने होंगे, जिनमें छावनी, परशुरामपुर, दुबौलिया और हर्रैया शामिल हैं। 136 लेखपाल कार्य करेंगे। संग्रह अमीनों की संख्या 16 की रहेगी।
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