{"_id":"58a495434f1c1bd357d83cca","slug":"vigilance-was-working-got-money-back","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम आई सतर्कता, रकम वापस मिली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम आई सतर्कता, रकम वापस मिली
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर क्राइम से जुड़ी तमाम जानकारी लोगों तक पहुंचने के बाद भी एक अनपढ़ व्यक्ति साइबर क्राइम का शिकार हो जाए तो इसे उसकी अज्ञानता कहा जाएगा। लेकिन एक न्यूरो फिजीशियन अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो इसे लापरवाही ही कहा जा सकता है। गनीमत रही कि पुलिस के साइबर सेल ने डॉक्टर की लापरवाही से गंवाई रकम वापस करवा ली। एसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि ई-वॉलेट (ई-बटुआ) मुहैया कराने वाली एजेंसी के जरिए रुपये लौटाने में कामयाबी मिली।
शहर के भूअर निरंजनपुर सिविल लाइंस निवासी न्यूरो फिजीशियन डॉ. राम प्रताप के सेलफोन पर 11 फरवरी को एक कॉल आई। जिसने उनसे एटीएम लॉक होने का डर पैदा करके 16 अंकों का कोड पूछा। डॉक्टर से यहीं चूक हो गई और एटीएम के पीछे अंकित नंबर उसे बताए दिया। फोन कटा भी नहीं था कि उनके पास ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) का मैसेज आ गया। बार-बार मैसेज आता रहा है तीन बार में डॉक्टर के खाते से रकम निकलती गई। इस तरह से तीन मिनट के भीतर 20 हजार रुपये खाते से भुगतान हो गए। रुपये गंवाकर डॉक्टर भागे पुलिस के पास पहुंचे। एसपी ने साइबर सेल के जनार्दन प्रजापति व सर्वेश नायक को यह टास्क दी। जिस पर काम करते हुए दोनों साइबर फ्राड वर्कआउट में माहिर दोनों आरक्षियों ने 14 फरवरी की रात तक गायब हुए 20 में से 19 हजार 800 रुपये खाते में लौटा दिए।
विज्ञापन
शहर के भूअर निरंजनपुर सिविल लाइंस निवासी न्यूरो फिजीशियन डॉ. राम प्रताप के सेलफोन पर 11 फरवरी को एक कॉल आई। जिसने उनसे एटीएम लॉक होने का डर पैदा करके 16 अंकों का कोड पूछा। डॉक्टर से यहीं चूक हो गई और एटीएम के पीछे अंकित नंबर उसे बताए दिया। फोन कटा भी नहीं था कि उनके पास ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) का मैसेज आ गया। बार-बार मैसेज आता रहा है तीन बार में डॉक्टर के खाते से रकम निकलती गई। इस तरह से तीन मिनट के भीतर 20 हजार रुपये खाते से भुगतान हो गए। रुपये गंवाकर डॉक्टर भागे पुलिस के पास पहुंचे। एसपी ने साइबर सेल के जनार्दन प्रजापति व सर्वेश नायक को यह टास्क दी। जिस पर काम करते हुए दोनों साइबर फ्राड वर्कआउट में माहिर दोनों आरक्षियों ने 14 फरवरी की रात तक गायब हुए 20 में से 19 हजार 800 रुपये खाते में लौटा दिए।
विज्ञापन