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बैठक में विद्यालय प्रबंधक महासभा ने दी चेतावनी
Mon, 17 Dec 2018 11:29 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:29 PM IST
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प्रेसवार्ता करते पदाधिकारी।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। उप्र विद्यालय प्रबंधक महासभा के प्रदेश के पदाधिकारियों की बैठक सोमवार को परिषद कार्यालय में हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के रवैये के चलते प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
सोमवार को बैठक के बाद प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष सूर्य नरायन मणि त्रिपाठी ने कहा कि संसाधनों के अभाव के चलते विद्यालय संचालन में प्रबंधकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर शासन और विभाग को अवगत कराया जाता रहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। चार नवम्बर को विद्यालय प्रबंधक महासभा कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसमें सभी सदस्यों ने समस्याओं का निस्तारण न होने से नाराजगी जताई। इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया। प्रबंधतंत्र ने मांग की है कि माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापकों और लिपिकों की कमी के कारण पठन-पाठन बाधित हो रहा है। जब तक चयन बोर्ड शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करता है तब तक प्रबंध तंत्र को नियुक्ति का अधिकार दिया जाए। विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद कमी के कारण साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। माध्यमिक विद्यालयों में अनुशासन के लिए पूर्व की भांति माइनर पनिश्मेंट की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा, बॉयोमीट्रिक उपस्थिति के लिए धन की मांग की है। इसको लेकर पहले चरण में 19 दिसम्बर को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय धरना दिया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री नरसिंह नरायन दुबे, मंडलीय अध्यक्ष अजय कुमार पांडेय और मंडलीय मंत्री रामकृपाल पांडेय मौजूद रहे।
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सोमवार को बैठक के बाद प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष सूर्य नरायन मणि त्रिपाठी ने कहा कि संसाधनों के अभाव के चलते विद्यालय संचालन में प्रबंधकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर शासन और विभाग को अवगत कराया जाता रहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। चार नवम्बर को विद्यालय प्रबंधक महासभा कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसमें सभी सदस्यों ने समस्याओं का निस्तारण न होने से नाराजगी जताई। इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया। प्रबंधतंत्र ने मांग की है कि माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापकों और लिपिकों की कमी के कारण पठन-पाठन बाधित हो रहा है। जब तक चयन बोर्ड शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करता है तब तक प्रबंध तंत्र को नियुक्ति का अधिकार दिया जाए। विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद कमी के कारण साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। माध्यमिक विद्यालयों में अनुशासन के लिए पूर्व की भांति माइनर पनिश्मेंट की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा, बॉयोमीट्रिक उपस्थिति के लिए धन की मांग की है। इसको लेकर पहले चरण में 19 दिसम्बर को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय धरना दिया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री नरसिंह नरायन दुबे, मंडलीय अध्यक्ष अजय कुमार पांडेय और मंडलीय मंत्री रामकृपाल पांडेय मौजूद रहे।
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