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बस्ती: मूर्ति विसर्जन के दौरान हंगामा, दरोगा निलंबित, दो सिपाही लाइन हाजिर
Sat, 29 Oct 2022 05:03 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Oct 2022 05:03 PM IST
सार
मुंडेरवा कस्बे में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे प्रतिमाएं विसर्जन के लिए जा रही थीं। विसर्जन यात्रा की रफ्तार धीमी देख पुलिस कर्मियों ने गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए कहा। इसी दौरान किशोरी जनरेटर के पहिए की चपेट में आ गई। उसके घायल होने पर मूर्ति को रोक कर भीड़ पुलिस विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात मूर्ति विसर्जन के दौरान एक बालिका के घायल होने से भीड़ उग्र हो गई। मूर्ति को रोक कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। थाने से पहुंची पुलिस फोर्स ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।
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एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, सीओ प्रीति खरवार भी मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों को शांत कराया मूर्ति को विसर्जन के लिए रवाना किया गया। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने लापरवाही बरतने के आरोप में उप निरीक्षक दिवाकर यादव को निलम्बित और हेड कांस्टेबल अमरनाथ यादव व कांस्टेबल अभिजीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी गई है।
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मुंडेरवा कस्बे में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे प्रतिमाएं विसर्जन के लिए जा रही थीं। विसर्जन यात्रा की रफ्तार धीमी देख सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए कहा। इसी दौरान डांस कर रही 12 वर्षीय बालिका शालू पुत्र अशोक निवासी किठुरी थाना मुंडेरवा जनरेटर के पहिए की चपेट में आ गई। उसका एक पैर जख्मी हो गया। उसके घायल होने पर मूर्ति को रोक कर भीड़ पुलिस विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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उग्र भीड़ को देख दरोगा दिवाकर ने थाना प्रभारी परमाशंकर यादव को इसकी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में थाने से भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान भागने के चक्कर में गिरकर भी कुछ लोग चोटिल हो गए। आक्रोशित लोगों ने मूर्ति विसर्जन से इंकार कर थाने का घेराव भी किया।
थोड़ी देर बाद पुलिस के समझाने के बाद लोग फिर से एकत्र हुए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए दरोगा दिवाकर, हेड कांस्टेबल अमरनाथ यादव व कांस्टेबल अभिजीत के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर डट रहे। इधर हंगामें की सूचना पाकर एएसपी दीपेन्द्र नाथ चौधरी व सीओ रुधौली प्रीति खरवार भी मौके पर पहुंच गईं। लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया और इसके बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए रवाना हुई।
बस्ती एसपी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रथमदृष्टया अधिकारियों की रिपोर्ट में तीन पुलिस कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया और दो अन्य को लाइन हाजिर किया गया है। सीओ को जांच सौंपी गई है।