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Basti News: एक साथ दो सगी बहनों का उजड़ गया सुहाग, खुशी के घर में मातम
Tue, 25 Mar 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:41 AM IST
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सुनील के राेते बिलखते परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एक साथ दो सगी बहनों का सुहाग उजड़ने से परिवार समेत रिश्तेदारों के घर मातम छा गया। हादसे में रविवार की रात बाइक सवार दो सगे साढ़ू की मौत के बाद जिस घर में सतईसा के लिए खुशनुमा माहौल था, उस घर में मातम छा गया है। पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों का शव उनके-उनके घर लाया गया तो लोग बदहवास हो गए। परिजनों के साथ रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था।
जानकारी के अनुसार, मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र राजभर रविवार की दोपहर परिवार को लेकर रुच्चापार स्थित छोटे साढ़ू अर्जुन राजभर के घर सतईसा कार्यक्रम में शामिल होने आया था।
रुद्रपुर थाना क्षेत्र के राम लक्षन गांव निवासी साढ़ू सुनील राजभर के घर सतईसा के कार्यक्रम में शरीक होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र पत्नी गुड़िया देवी को वहां छोड़कर देर शाम साढ़ू सुनील के साथ रुच्चापार चौराहे पर गए।
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वहां से रात करीब 10:30 बजेे लौटते वक्त बेकाबू स्कॉर्पियो ने देवरिया के औरीचौरी के पास उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद स्कार्पियो सवार भाग निकले।
सोमवार को दोनों का शव उनके-उनके घर लाया गया तो परिजनों के चीख-पुकार से गांव का माहौल गमगीन हो गया। जितेंद्र्र की मौत की खबर मिलते पत्नी गुड़िया देवी बदहवास हो गई। वहां मौजूद महिलाओं ने किसी तरह उसे संभाला। बेटी जाह्नवी (14), बेटा आर्यन (10) पापा को याद कर बिलख पड़े। जितेंद्र के एक भाई धर्मेंद्र और पांच बहनें हैं । पिता सिद्ध नाथ घर पर ही रहकर खेती-बाड़ी करते हैं।
उधर, रुद्रपुर के शिवपुर पड़रही गांव के भरटोली टोला निवासी 40 वर्षीय सुनील का शव जब उसके घर लागया गया तो पत्नी माधुरी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। सुनील राजभर सफाई कर्मचारी था और बैतालपुर ब्लाॅक के अकटहियां उर्फ मटियही गांव में तैनाती थी।
उसकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता फुलमती और पिता लालजी बेसुध हो गए। सुनील के दो छोटे बच्चे आयुष (10) और आयुषी (सात) बिना पिता के हो गए।
परिजनों की चित्कार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सोमवार की देर शाम युवक का दाह संस्कार किया गया।
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देवरिया। एक साथ दो सगी बहनों का सुहाग उजड़ने से परिवार समेत रिश्तेदारों के घर मातम छा गया। हादसे में रविवार की रात बाइक सवार दो सगे साढ़ू की मौत के बाद जिस घर में सतईसा के लिए खुशनुमा माहौल था, उस घर में मातम छा गया है। पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों का शव उनके-उनके घर लाया गया तो लोग बदहवास हो गए। परिजनों के साथ रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था।
जानकारी के अनुसार, मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव निवासी 40 वर्षीय जितेंद्र राजभर रविवार की दोपहर परिवार को लेकर रुच्चापार स्थित छोटे साढ़ू अर्जुन राजभर के घर सतईसा कार्यक्रम में शामिल होने आया था।
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रुद्रपुर थाना क्षेत्र के राम लक्षन गांव निवासी साढ़ू सुनील राजभर के घर सतईसा के कार्यक्रम में शरीक होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र पत्नी गुड़िया देवी को वहां छोड़कर देर शाम साढ़ू सुनील के साथ रुच्चापार चौराहे पर गए।
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वहां से रात करीब 10:30 बजेे लौटते वक्त बेकाबू स्कॉर्पियो ने देवरिया के औरीचौरी के पास उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बाइक सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद स्कार्पियो सवार भाग निकले।
सोमवार को दोनों का शव उनके-उनके घर लाया गया तो परिजनों के चीख-पुकार से गांव का माहौल गमगीन हो गया। जितेंद्र्र की मौत की खबर मिलते पत्नी गुड़िया देवी बदहवास हो गई। वहां मौजूद महिलाओं ने किसी तरह उसे संभाला। बेटी जाह्नवी (14), बेटा आर्यन (10) पापा को याद कर बिलख पड़े। जितेंद्र के एक भाई धर्मेंद्र और पांच बहनें हैं । पिता सिद्ध नाथ घर पर ही रहकर खेती-बाड़ी करते हैं।
उधर, रुद्रपुर के शिवपुर पड़रही गांव के भरटोली टोला निवासी 40 वर्षीय सुनील का शव जब उसके घर लागया गया तो पत्नी माधुरी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। सुनील राजभर सफाई कर्मचारी था और बैतालपुर ब्लाॅक के अकटहियां उर्फ मटियही गांव में तैनाती थी।
उसकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता फुलमती और पिता लालजी बेसुध हो गए। सुनील के दो छोटे बच्चे आयुष (10) और आयुषी (सात) बिना पिता के हो गए।
परिजनों की चित्कार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सोमवार की देर शाम युवक का दाह संस्कार किया गया।