{"_id":"5a7f38994f1c1bb1208b868e","slug":"two-dozen-girls-of-kasturba-balika-vidyalaya-get-sick","type":"story","status":"publish","title_hn":"कस्तूरबा बालिका विद्यालय की दो दर्जन छात्राएं बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कस्तूरबा बालिका विद्यालय की दो दर्जन छात्राएं बीमार
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
कस्तूरबा बालिका विद्यालय की दो दर्जन छात्राएं बीमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्था का खामियाजा वहां पढ़ने वाली छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को सल्टौआ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की दो दर्जन से अधिक बालिकाएं बीमार हो गईं। कुछ ने बुखार तो अन्य ने खुजली की शिकायत की। छात्राओं का आरोप है कि यह बीमारी उन्हें दूषित जल की आपूर्ति के कारण हुई। प्रभारी डीएम ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
छात्राओं का यह आरोप भी था कि चार माह हो गए, इस बीच न तो तेल-साबुन दिए गए और न ही ठीक से भोजन दिया गया। वार्डेन रीतू गुप्ता ने बीमार पड़ी सभी छात्राओं का इलाज पीएचसी में कराया और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। एडी बेसिक डॉ. एसपी त्रिपाठी ने पखवाड़ा भर पहले सल्टौआ सहित अन्य कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण किया था। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में उन्होंने विद्यालयों बुनियादी सुविधाओं के अभाव का जिक्र किया था। रिपोर्ट में उन्होंने शुद्ध पानी न मिलने का भी जिक्र किया था। बालिकाओं को मानक के अनुरूप गुणवत्ता युक्त भोजन व नाश्ता न दिए जाने की बात भी कही गई थी। उन्होंने परिसर में गंदगी के चलते संक्रामक बीमारी की आशंका भी जताई थी। इसके लिए एडी बेसिक ने जिला समन्वयक (बालिका) को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की थी।
उधर, शनिवार को सल्टौआ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं की हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें आनन-फानन में पीएसची भेजा गया। जहां उनका इलाज हुआ। विद्यालय की बालिका सविता, रेखा, अर्चना, रेखा, बबली, सपना, महिमा, चांदनी, सुनीता, रोशनी, अंजनी, अनामिका, वर्तिका, मुस्कान, ज्योति, रोशनी, रागिनी, सुनीता, रेनू, प्रियंशी, राजकुमारी, सुधा, रजनी, अंशिका सहित अन्य बालिकाओं ने बताया कि वह सभी खांसी, जुकाम, बुखार, खुजली आदि से कई दिन से पीड़ित हैं। उनका आरोप था कि चार माह हो गए और उन्हें इस बीच साबुन, तेल, कपड़े धोने के लिए सर्फ तक नहीं दिया गया है। वार्डन रितू गुप्ता ने बताया विद्यालय की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्राओं का यह आरोप भी था कि चार माह हो गए, इस बीच न तो तेल-साबुन दिए गए और न ही ठीक से भोजन दिया गया। वार्डेन रीतू गुप्ता ने बीमार पड़ी सभी छात्राओं का इलाज पीएचसी में कराया और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। एडी बेसिक डॉ. एसपी त्रिपाठी ने पखवाड़ा भर पहले सल्टौआ सहित अन्य कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण किया था। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में उन्होंने विद्यालयों बुनियादी सुविधाओं के अभाव का जिक्र किया था। रिपोर्ट में उन्होंने शुद्ध पानी न मिलने का भी जिक्र किया था। बालिकाओं को मानक के अनुरूप गुणवत्ता युक्त भोजन व नाश्ता न दिए जाने की बात भी कही गई थी। उन्होंने परिसर में गंदगी के चलते संक्रामक बीमारी की आशंका भी जताई थी। इसके लिए एडी बेसिक ने जिला समन्वयक (बालिका) को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की थी।
विज्ञापन
उधर, शनिवार को सल्टौआ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की बालिकाओं की हालत जब बिगड़ने लगी तो उन्हें आनन-फानन में पीएसची भेजा गया। जहां उनका इलाज हुआ। विद्यालय की बालिका सविता, रेखा, अर्चना, रेखा, बबली, सपना, महिमा, चांदनी, सुनीता, रोशनी, अंजनी, अनामिका, वर्तिका, मुस्कान, ज्योति, रोशनी, रागिनी, सुनीता, रेनू, प्रियंशी, राजकुमारी, सुधा, रजनी, अंशिका सहित अन्य बालिकाओं ने बताया कि वह सभी खांसी, जुकाम, बुखार, खुजली आदि से कई दिन से पीड़ित हैं। उनका आरोप था कि चार माह हो गए और उन्हें इस बीच साबुन, तेल, कपड़े धोने के लिए सर्फ तक नहीं दिया गया है। वार्डन रितू गुप्ता ने बताया विद्यालय की समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन