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Basti News: पुरानी गाड़ियों से खराब मौसम में सफर खतरनाक...चूके तो खतरा

Sun, 19 Jan 2025 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 19 Jan 2025 11:12 PM IST
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Traveling by old vehicles in bad weather is dangerous...if you miss, there is danger.
सुरक्षा प्रणाली ठीक न होने की वजह से बढ़ जाती है हादसे की आशंका
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पुरानी गाड़ियों में घिसे टायर, धीमी हेड लाइट, लचर ब्रेक सिस्टम भी खतरनाक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महराजगंज जिले में शनिवार की रात घने कोहरे के बीच कार के पेड़ से टकराना दहलाने वाली है। इस हादसे मे तीन दोस्तों की मौत हो गई। हादसे की असली वजह तो जांच में सामने आएगी। मगर, प्रथम दृष्ट्या पाया गया कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ वह काफी पुरानी थी। ऐसा ही एक हादसा तीन दिन पहले हर्रैया से बभनान मार्ग पर हुआ था। इसमें पैकोलिया थाने के उप निरीक्षक को जान गंवानी पड़ी थी।
जानकार बताते हैं कि खराब मौसम में पुरानी गाड़ियां लेकर फर्राटा भरना खतरनाक साबित हो सकता है। एक गैराज के संचालक मैकेनिकल इंजीनियर दीपक सिंह के मुताबिक फिटनेस के लिहाज से ऐसी गाड़ियों में कुछ न कुछ कमी रह जाती है। इससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। किसी गाड़ी का टायर घिसा रहता है तो किसी का ब्रेक ठीक से काम नहीं करता। लाइट और एयरबैग में भी कमी पाई जा रही है।
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ऐसे में अचानक खतरा सामने दिखने के बावजूद गाड़ी नियंत्रित नहीं हो पाती और हादसा हो जाता है। हालांकि, हादसे शो-रूम से निकली नई गाड़ियों से भी हो रहे हैं। मगर, आंकड़ों के लिहाज से पुरानी गाड़ियों से ऐसे हादसे ज्यादा हो रहे हैं। अधिवक्ता नरेंद्र पांडेय बताते हैं कि स्क्रैप पॉलिसी लागू करने के पीछे प्रदूषण के साथ ही सुरक्षा का मुद्दा भी ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें डीजल वाहन 10 वर्ष और पेट्रोल वाहन 15 वर्ष में कबाड़ मान लिए जाते हैं।
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सुरक्षा प्रणाली काफी ढीली
पुरानी गाड़ियों में सुरक्षा प्रणाली न के बराबर रह जाती है। पहले छोटी गाड़ियों में एयरबैग भी नहीं होते थे। ब्रेक सिस्टम भी एबीएस प्रणाली का नहीं होता है। जबकि नई गाड़ियों में सुरक्षा प्रणाली काफी अपडेट है। इसके अलावा लाइट भी उतनी अच्छी नहीं होती। गाड़ी के अंदर कई बार कोहरे में भाप बनने लगती है तो चालक भ्रमित हो जाता है। भाप को कई बार चालक हटा नहीं पाते और अनुमान के आधार पर गाड़ी चलाते हैं।
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आक्रामक ड्राइविंग बड़ी वजह
फोरलेन पर कई चालकों को बेहद आक्रामक ड्राइविंग करते देखा जाता है, जो खुद की जान तो खतरे में डालते ही हैं, सामने वाले को भी नुकसान पहुंचाते हैं। हाल में ही हर्रैया थानाक्षेत्र में एक कार करीब सौ की रफ्तार से आ रही थी। एकाएक ट्रक के ब्रेक लगाने पर कार के चालक ने भी ब्रेक लगाया। मगर, कार फिसलकर दूसरी लेन में जाकर पलट गई थी। कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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ये बरते सावधानी
- यदि आप बाई लेन में हैं और कोई आगे निकलना चाहता है तो आगे बढ़ जाएं और उन्हें आगे निकल जाने दें।

- तेज गति से वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को पर्याप्त जगह दें। तेज गति से वाहन चलाने वाले चालक आसानी से अपने वाहन पर नियंत्रण खो सकते हैं।
- अपनी ड्राइविंग को उसी के अनुसार समायोजित करें। तेज गति से गाड़ी चलाना आक्रामक ड्राइविंग से जुड़ा है, इससे बचें।
- अगर कोई तेज गति से गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर आपके पीछे आ रहा है या आपको जोखिम भरी ड्राइविंग में उलझाने की कोशिश कर रहा है तो अपने वाहन को सुरक्षित तरीके से रास्ते से हटाने के लिए विवेक का इस्तेमाल करें।

- यदि आपको लगता है कि कोई ड्राइवर आपका पीछा कर रहा है या आपको परेशान कर रहा है तो पुलिस को फोन करें।

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कोट

सुरक्षित यात्रा के लिए वाहन की फिटनेस काफी मायने रखती है। नए मॉडल के वाहनों में कई सुरक्षा प्रणाली जोड़ी गई है। जबकि पुराने वाहनों में वे सुविधाएं नहीं थीं। इसीलिए 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन को अनफिट करार दिए जाने की व्यवस्था है।
- रविकांत शुक्ल, आरटीओ
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