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Basti News: 255 विद्यालयों में नहीं गठित हो सकी परिवहन सुरक्षा समिति
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बस्ती। बच्चों को परिवहन की सुविधा देने वाले निजी व एडेड विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन में रुचि नहीं ले रहे हैं। अब तक 95 विद्यालयों ने समिति का गठन कर डीआईओएस व बीएसए कार्यालय को सूची दी है। 255 विद्यालयों में गठन नहीं हो सका है। बीएसए से इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से जल्द समिति का गठन कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति स्कूली बच्चों की बस, वैन और अन्य वाहनों से होने वाली यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए गठित एक निगरानी निकाय है। समिति का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूल आने-जाने के साधनों की नियमित जांच करना, चालकों और परिचालकों के दस्तावेजों व आचरण पर नजर रखना, सड़क हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाना है।
समिति में विद्यालय के प्रधानाचार्य या प्रबंधक अध्यक्ष होंगे। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानेदार और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए वाहनों में महिला अटेंडेंट/हेल्पर की मौजूदगी सुनिश्चित करना होगा। समिति वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और परमिट की जांच करेंगी। बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर की स्थिति को देखेंगे।
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जिले में 397 विद्यालय हैं। इसमें 93 विद्यालय राजकीय व एडेड हैं। 304 वित्त विहीन हैं। इनमें वाहनों की सुविधा वाले 350 निजी व एडेड विद्यालय शामिल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने बताया कि अभी तक केवल 95 विद्यालयों ने समिति गठन की सूची उपलब्ध कराई है। अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से सूचना मांगी गई है। बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों को अतिशीघ्र सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति स्कूली बच्चों की बस, वैन और अन्य वाहनों से होने वाली यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए गठित एक निगरानी निकाय है। समिति का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूल आने-जाने के साधनों की नियमित जांच करना, चालकों और परिचालकों के दस्तावेजों व आचरण पर नजर रखना, सड़क हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाना है।
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समिति में विद्यालय के प्रधानाचार्य या प्रबंधक अध्यक्ष होंगे। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानेदार और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए वाहनों में महिला अटेंडेंट/हेल्पर की मौजूदगी सुनिश्चित करना होगा। समिति वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और परमिट की जांच करेंगी। बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर की स्थिति को देखेंगे।
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जिले में 397 विद्यालय हैं। इसमें 93 विद्यालय राजकीय व एडेड हैं। 304 वित्त विहीन हैं। इनमें वाहनों की सुविधा वाले 350 निजी व एडेड विद्यालय शामिल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने बताया कि अभी तक केवल 95 विद्यालयों ने समिति गठन की सूची उपलब्ध कराई है। अन्य विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से सूचना मांगी गई है। बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों को अतिशीघ्र सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।