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Basti News: कसौधन कांदू समाज के जाति प्रमाण पत्र पर व्यापारियों की चर्चा, सीएम को भेजा पत्र
Tue, 05 Dec 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:46 AM IST
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बस्ती। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल की बैठक रविवार को पुरानी बस्ती स्थित कार्यालय पर हुई। बैठक में कसौधन कांदू समाज को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर चर्चा हुई। बाद में जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर समस्याओं पर कसौधन कांदू समाज की बात रखी है। योगी आदित्य नाथ को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा है कि प्रदेश सरकार एक तरफ मजदूरों महिलाओं युवाओं व्यापारियों तथा पिछड़ी जाति के लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।
इसके विपरीत जिला प्रशासन वर्षों से अपनी जिद पर कायम रहने के कारण कसौधन व कांदू समाज को पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र जारी न करने की ठान ली है जिसका खामियाजा निकाय के चुनाव में भाजपा को उठाना पड़ा है। इसका कारण यह है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा चुनाव में हारी है वहां कसौधन समाज और कान्दू समाज की बहुलता है। यदि अभी भी प्रशासन और सत्तासीन नेताओं ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले चुनाव में भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पत्र में कहा गया है कि 10 वर्षों से निरंतर समाज के लोगों ने ज्ञापन धरना प्रदर्शन करने के पश्चात भी इस मुद्दे पर जिला प्रशासन और भाजपाई चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि प्रमाण पत्र न मिलने के कारण समाज के युवाओं का भविष्य संकट में है।
उन्हें सरकारी नौकरियों में उम्र की छूट सिविल परीक्षा एवं प्रवेश परीक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण तथा कॉलेज और विद्यालयों में कट ऑफ मेरिट सहित अनेक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। और तो और नए आदेश में प्रदेश सरकार ने किसी भी सरकारी नौकरी के लिए प्रारंभिक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक कर दिया है जिसके लिए आवेदन करते समय जाति लिखना आवश्यक है। प्रमाण पत्र के अभाव में छात्र असमंजस में है कि यदि जाति लिखे तो प्रमाण पत्र कहां से लाएं, कौन सी जाति लिखें आखिर हमारी कौन सी जाति है। स्थिति यह है कि ऑनलाइन आवेदन करने पर भी बिना जांच पड़ताल के ही आवेदन निरस्त कर दिया जा रहा है। इससे छात्र छात्राएं कुंठित हो रहे हैं।
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इस मौेके पर पवन गुप्ता, सिराज अहमद, दिनेश जायसवाल, राजकुमार आदि मौजूद हे।
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इसके विपरीत जिला प्रशासन वर्षों से अपनी जिद पर कायम रहने के कारण कसौधन व कांदू समाज को पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र जारी न करने की ठान ली है जिसका खामियाजा निकाय के चुनाव में भाजपा को उठाना पड़ा है। इसका कारण यह है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा चुनाव में हारी है वहां कसौधन समाज और कान्दू समाज की बहुलता है। यदि अभी भी प्रशासन और सत्तासीन नेताओं ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले चुनाव में भी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पत्र में कहा गया है कि 10 वर्षों से निरंतर समाज के लोगों ने ज्ञापन धरना प्रदर्शन करने के पश्चात भी इस मुद्दे पर जिला प्रशासन और भाजपाई चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि प्रमाण पत्र न मिलने के कारण समाज के युवाओं का भविष्य संकट में है।
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उन्हें सरकारी नौकरियों में उम्र की छूट सिविल परीक्षा एवं प्रवेश परीक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण तथा कॉलेज और विद्यालयों में कट ऑफ मेरिट सहित अनेक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। और तो और नए आदेश में प्रदेश सरकार ने किसी भी सरकारी नौकरी के लिए प्रारंभिक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक कर दिया है जिसके लिए आवेदन करते समय जाति लिखना आवश्यक है। प्रमाण पत्र के अभाव में छात्र असमंजस में है कि यदि जाति लिखे तो प्रमाण पत्र कहां से लाएं, कौन सी जाति लिखें आखिर हमारी कौन सी जाति है। स्थिति यह है कि ऑनलाइन आवेदन करने पर भी बिना जांच पड़ताल के ही आवेदन निरस्त कर दिया जा रहा है। इससे छात्र छात्राएं कुंठित हो रहे हैं।
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इस मौेके पर पवन गुप्ता, सिराज अहमद, दिनेश जायसवाल, राजकुमार आदि मौजूद हे।