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Basti News: समूह की महिलाओं ने ढाई लाख झंडा बनाकर 50 लाख का किया कारोबार
Fri, 15 Aug 2025 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:12 AM IST
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बनकटी ब्लॉक में बीडीओ व प्रमुख को झंडा वितरित करती समूह की महिला।
बस्ती। 15 अगस्त को हर घर तिरंगा अभियान के लिए समूह की महिलाएं तिरंगा बना कर विभाग का उपलब्ध कराया है। जिले के 14 ब्लॉकों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं झंडा बनाकर ब्लॉकों में वितरण की। इसके जरिये वह 50 लाख रुपये का कारोबार करके आत्मनिर्भर बनकर प्रेरणास्रोत बनी हैं।
महिलाएं झंडे की सिलाई में न केवल अपना हुनर दिखा रही हैं बल्कि, राष्ट्रप्रेम की भावना भी जगा रही हैं। धागा काटने से सिलाई, प्रेसिंग और पैकिंग तक सारा कार्य महिलाएं स्वयं कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए 2.50 लाख झंडे तैयार की हैं।
14 अगस्त तक तिरंगा तैयार करके वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसे देर शाम तक वितरण किया गया। ब्लाॅक स्तर पर जमा होने के बाद सचिव के माध्यम से हर घर तिरंगा अभियान में 1185 ग्राम पंचायतों में घर-घर तिरंगा फहराया जाएगा। तिरंगा को तैयार करने में समूह की 700 से अधिक महिलाएं लगी थीं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तिरंगा बनाई हैं। तीन साइज में तिरंगे बनाए गए हैं। डीसी एनआरएलएम आशा देवी ने बताया कि 14 अगस्त की शाम तक सभी जगहों पर तिरंगा पहुंच गया। डीडीओ अजय सिंह ने बताया कि ब्लाॅक के माध्यम से सभी तिरंगों को गांवों में मुफ्त में वितरित किया गया है।
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तिरंगा बनाना गौरव की बात, मुनाफा तो मात्र चार रुपये
स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं ने बताया कि उनके समूह को झंडा बनाने का लक्ष्य मिला था। एक झंडा बनाने में कपड़ा सहित सिलाई की लागत 17 रुपये है, लेकिन तिरंगा बनाना गौरव की बात है। एक झंडे पर चार रुपये की कमाई हुई है।
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महिलाएं झंडे की सिलाई में न केवल अपना हुनर दिखा रही हैं बल्कि, राष्ट्रप्रेम की भावना भी जगा रही हैं। धागा काटने से सिलाई, प्रेसिंग और पैकिंग तक सारा कार्य महिलाएं स्वयं कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की 100 से अधिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 15 अगस्त पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए 2.50 लाख झंडे तैयार की हैं।
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14 अगस्त तक तिरंगा तैयार करके वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसे देर शाम तक वितरण किया गया। ब्लाॅक स्तर पर जमा होने के बाद सचिव के माध्यम से हर घर तिरंगा अभियान में 1185 ग्राम पंचायतों में घर-घर तिरंगा फहराया जाएगा। तिरंगा को तैयार करने में समूह की 700 से अधिक महिलाएं लगी थीं। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तिरंगा बनाई हैं। तीन साइज में तिरंगे बनाए गए हैं। डीसी एनआरएलएम आशा देवी ने बताया कि 14 अगस्त की शाम तक सभी जगहों पर तिरंगा पहुंच गया। डीडीओ अजय सिंह ने बताया कि ब्लाॅक के माध्यम से सभी तिरंगों को गांवों में मुफ्त में वितरित किया गया है।
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तिरंगा बनाना गौरव की बात, मुनाफा तो मात्र चार रुपये
स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं ने बताया कि उनके समूह को झंडा बनाने का लक्ष्य मिला था। एक झंडा बनाने में कपड़ा सहित सिलाई की लागत 17 रुपये है, लेकिन तिरंगा बनाना गौरव की बात है। एक झंडे पर चार रुपये की कमाई हुई है।