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मेडिकल कॉलेज को सरकार की हरी झंडी
basti
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:49 PM IST
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ओपक कैली अस्पताल।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर लगा ग्रहण समाप्त हो गया है। तकनीकी कारणों से एमसीआई ने यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुए उसे समाप्त करने की घोषणा कर दी थी। इन स्थितियों के बीच बुधवार को एक बार फिर से इसकी स्थापना को सरकार ने हरी झंडी दी है। जिला अस्पताल से इसकी संबद्धता समाप्त करते हुए सैद्धांतिक रूप से ओपेक चिकित्सालय कैली को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया है।
पिछले दिनों विशेष सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा नसीमअहमद खान ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान वह जिला अस्पताल भी गए, जहां स्थिति की जानकारी हासिल की। यहां से लौटने के बाद मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने जिला सहित निर्माणाधीन कई मेडिकल कॉलेजों की योजना को रद्द कर दिया। इसके पीछे कारण जिला अस्पतालों की स्थिति बताई गई है। इधर, ओपेक चिकित्सालय कैली के सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव 22 मई को चार्ज मिला, तत्काल उन्होंने प्रस्ताव तैयार किया और शासन को भेजा। शासन ने अवलोकन के उपरांत इन्हें तैयारी के साथ बैठक में बुलाया। 27 मई को सीएमएस की बैठक प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दूबे के साथ हुई। जहां विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद सीएमएस लौट आए। बुुधवार को मेडिकल कॉलेज को ओपेक चिकित्सालय कैली से संबद्धता को सैद्धांतिक रूप से शासन ने हरी झंडी दे दी। सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि बस्ती में मेडिकल कॉलेज स्थापना को लेकर उठे सवालों के बीच उसे निरस्त करने की घोषणा की गई थी, जिस पर अब विराम लग गया है। शासन ने मेडिकल कॉलेज को यहां के लिए हरी झंडी देते हुए सैद्धांतिक रूप से ओेपेक चिकित्सालय कैली से संबद्ध किया है। बताया कि रामपुर में मेडिकल छात्रों की टीचिंग होगी जबकि क्लीनिकल वर्क ओपेक चिकित्सालय में होगा। प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया था, जिस पर मुहर लग गई है।
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पिछले दिनों विशेष सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा नसीमअहमद खान ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान वह जिला अस्पताल भी गए, जहां स्थिति की जानकारी हासिल की। यहां से लौटने के बाद मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने जिला सहित निर्माणाधीन कई मेडिकल कॉलेजों की योजना को रद्द कर दिया। इसके पीछे कारण जिला अस्पतालों की स्थिति बताई गई है। इधर, ओपेक चिकित्सालय कैली के सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव 22 मई को चार्ज मिला, तत्काल उन्होंने प्रस्ताव तैयार किया और शासन को भेजा। शासन ने अवलोकन के उपरांत इन्हें तैयारी के साथ बैठक में बुलाया। 27 मई को सीएमएस की बैठक प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दूबे के साथ हुई। जहां विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद सीएमएस लौट आए। बुुधवार को मेडिकल कॉलेज को ओपेक चिकित्सालय कैली से संबद्धता को सैद्धांतिक रूप से शासन ने हरी झंडी दे दी। सीएमएस डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि बस्ती में मेडिकल कॉलेज स्थापना को लेकर उठे सवालों के बीच उसे निरस्त करने की घोषणा की गई थी, जिस पर अब विराम लग गया है। शासन ने मेडिकल कॉलेज को यहां के लिए हरी झंडी देते हुए सैद्धांतिक रूप से ओेपेक चिकित्सालय कैली से संबद्ध किया है। बताया कि रामपुर में मेडिकल छात्रों की टीचिंग होगी जबकि क्लीनिकल वर्क ओपेक चिकित्सालय में होगा। प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया था, जिस पर मुहर लग गई है।
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