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Basti News: तैयारी में चूके जिम्मेदार... अब ग्रामीणों से तकरार
Tue, 20 May 2025 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 20 May 2025 11:51 PM IST
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बस्ती। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में बन रही अयोध्या रिंग का स्वरूप तैयार होते ही भविष्य की दुश्वारियां समझ में आने लगी है। कार्यदायी संस्था एनएचएआई ने प्रस्ताव तैयार करते समय आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों की जलनिकासी व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। केवल सड़क का एस्टीमेट तैयार कर प्रस्ताव पास करा लिया गया। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क आसपास के गांवों के लिए बांध का काम करेगी। इसके कारण बारिश के दौरान जलनिकासी नहीं हो पाएगी। यह सभी गांव पानी से घिर जाएंगे। ग्रामीणों काे जल निकासी की समस्या की जानकारी होने के बाद से ही रिंगरोड का विरोध होने लगा है। निर्माण स्थल पर ग्रामीण दो बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि गांव के एक तरफ रिंगरोड बन जाने से धिरौली पांडेय, रायपुर, रैदासपुर, विक्रमजोत, छतौना, संदलपुर, नेतवर पट्टी सहित दर्जन भर से अधिक गांवों की जल निकासी मुश्किल हो जाएगी।
बारिश का पानी रिंगरोड के रास्ते ही ढलान की ओर निकलता है। अब रिंगरोड बन जाने से पानी नहीं निकल पाएगा। एनएचएआई के इंजीनियरों को कार्ययोजना बनाते समय इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए था। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है। सड़क निर्माण के दौरान नीचे पुलिया देकर जलनिकासी की व्यवस्था बनाई जा सकती है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद एनएचएआई की टीम सोमवार को कार्यस्थल का मुआयना भी किया था।नागरिकों ने भविष्य में जलनिकासी की समस्या बताई। समाधान का आश्वासन मिला है। लेकिन, नागरिकों का कहना है कि कार्य के दौरान जगह-जगह जलनिकासी के लिए पुलिया का भी निर्माण शुरू किया जाए।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क आसपास के गांवों के लिए बांध का काम करेगी। इसके कारण बारिश के दौरान जलनिकासी नहीं हो पाएगी। यह सभी गांव पानी से घिर जाएंगे। ग्रामीणों काे जल निकासी की समस्या की जानकारी होने के बाद से ही रिंगरोड का विरोध होने लगा है। निर्माण स्थल पर ग्रामीण दो बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि गांव के एक तरफ रिंगरोड बन जाने से धिरौली पांडेय, रायपुर, रैदासपुर, विक्रमजोत, छतौना, संदलपुर, नेतवर पट्टी सहित दर्जन भर से अधिक गांवों की जल निकासी मुश्किल हो जाएगी।
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बारिश का पानी रिंगरोड के रास्ते ही ढलान की ओर निकलता है। अब रिंगरोड बन जाने से पानी नहीं निकल पाएगा। एनएचएआई के इंजीनियरों को कार्ययोजना बनाते समय इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए था। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है। सड़क निर्माण के दौरान नीचे पुलिया देकर जलनिकासी की व्यवस्था बनाई जा सकती है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद एनएचएआई की टीम सोमवार को कार्यस्थल का मुआयना भी किया था।नागरिकों ने भविष्य में जलनिकासी की समस्या बताई। समाधान का आश्वासन मिला है। लेकिन, नागरिकों का कहना है कि कार्य के दौरान जगह-जगह जलनिकासी के लिए पुलिया का भी निर्माण शुरू किया जाए।
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