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Basti News: सहालग में चढ़ा बाजार, सक्रिय हुआ मिलावटखोरों का नेटवर्क

Wed, 04 Feb 2026 01:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:15 AM IST
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The market boomed during the wedding season, and the adulterators' network became active.
बस्ती। सहालग का बाजार चढ़ते ही मिलावटी दूध के धंधेबाजों ने भी सक्रियता और बढ़ा दी है। ऑर्डर के अनुसार बाहर से मिलावटी खाद्य सामग्री और पनीर मंगाकर उसे शादी-विवाह वाले घरों में भेजने की तैयारी बना ली है। बताते हैं कि धंधेबाजों का नेटवर्क पूरे जिले में सक्रिय है। उसी के जरिये सस्ते दर का लालच देकर दूध से लेकर मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री की बुकिंग कर दुकान और घरों तक पहुंचा रहे हैं।
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मिलावट के इस खेल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए धंधेबाज तैयार सामान को अपने पास नहीं रखते हैं। बल्कि सेटिंग के दुकानों पर सामग्री डंप किए रहते हैं। सामग्री खराब न हो इसके लिए बड़े-बड़े फ्रीजर रखे हुए हैं। धंधेबाज बुकिंग की तिथि पर सीधे ग्राहक को सामान भेज देते हैं। सूत्र बताते हैं कि धंधेबाजों सीधे काम करने की बजाए अपने एजेंटों के माध्यम से बुकिंग ले रहे हैं।
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खोआ जहां, कानपुर की मंडी से आ रहा है, वहीं पनीर अंबेडकरनगर व अयोध्या की मंडी के मंगाया जा रहा है, वहीं मिलावटी दूध गांव-देहात से आवश्यकतानुसार मंगवा रहे हैं। इसी दूध से तैयार सामान को शादी-विवाह वाले घरों तक भेज रहे हैं। शहर और कुदरहा से लेकर कलवारी क्षेत्र के गांवों में मिलावटी पनीर धंधेबाज बनाते हैं। इन क्षेत्रों में किसी की नजर नहीं पड़ती है।
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आम तौर पर यहां पहुंचना भी मुश्किल होता है। इन दिनों पनीर की बुकिंग 240 से 270 रुपये प्रति किलो की दर से करने की बात सामने आ रही है, जबकि जानकार बताते हैं कि एक किलो पनीर के लिए 300 रुपये से अधिक का दूध लग जाता है। प्रोसेसिंग चार्ज अलग से जोड़ने पर पनीर की न्यूनतम लागत 300 से 350 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच जाती है।
सूत्र बता रहे हैं कि सहालग के शुरुआत में ही करीब छह टन पनीर की बुकिंग हो चुकी है। जबकि चार टन खोआ और करीब तीन हजार लीटर दूध की बुकिंग की बात सामने आ रही है। इस बुकिंग को पूरा करने के लिए मिलावट का खेल जारी है। सहालग को देखते हुए धंधेबाजाें ने अपने हिसाब से व्यवस्था बना ली है। पशुपालन विभाग के अनुसार, खपत के अनुसार जनपद में दूध उत्पादन नहीं है। ऐसे में दूध, पनीर और खोआ की आपूर्ति कहां से कर रहे, इसमें संदेह है। विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए धंधेबाजों ने नेटवर्क मजबूत कर लिया है। मसाला और खोआ मिठाई में भी मिलावट की आशंका है।
एक पैकेट पाउडर से तैयार कर लेते हैं सात लीटर दूध: दूध की बिक्री करने वाले एक दूधिया और एक हलवाई ने बताया कि सहालग में मांग अधिक हो जाती है। ऐसे में पाउडर वाले दूध को मिलाकर काम चलाना पड़ता है।

एक पैकेट पाउडर के दूध से कम से कम सात से आठ लीटर दूध आसानी से बन जाता है। इससे मांग पूरी कर दी जाती है। घरों में गाय का दूध 50 तो भैंस का 60 रुपये प्रति लीटर दिया जाता है। पानी के अलावा कुछ नहीं मिलाया जाता है। रेट भी समय के हिसाब से घटता बढ़ता है। इसी दूध को कॉफी के प्रयोग में ले लिया जाता है।
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