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Basti News: मंडी सचिव ने कैशियर को धमकाकर रिलीज करा लिया रुका हुआ वेतन
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बस्ती। मंडी समिति के मौजूदा सचिव राम कुमार ने कोर्ट के आदेश पर रोका गया वेतन कैशियर को डरा-धमकाकर रिलीज करा लिया। कैशियर ओम प्रकाश शुक्ला ने मंडी समिति के सभापति/एडीएम से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। एडीएम ने भुगतान की फाइल तलब की है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हुई प्रशासन की एक बैठक में भी मामला चर्चा में रहा।
जानकारी के मुताबिक मंडी सचिव के वेतन पर रोक का आदेश 16 जनवरी 2025 को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने दिया था। दरअसल, पुरानी बस्ती के रहने वाले अफजल ने कोर्ट में दाखिल किए गए वाद में बताया था कि उसकी जमीन मंडी परिषद में अधिग्रहित की गई है। 60 हजार रुपये प्रति बिस्वा की दर से नौ फीसदी ब्याज के साथ मुआवजा दिया जाना था लेकिन काफी समय बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
अदालत ने सितंबर 2024 में तत्कालीन सचिव महेंद्र कुमार गुप्ता को तलब किया तो उन्होंने चार माह का समय मांगा लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे आदेश के प्रति लापरवाही मानते हुए अग्रिम आदेश तक पदेन सचिव का वेतन रोकने का आदेश दे दिया था। इसी बीच 11 अगस्त 2025 को सचिव महेंद्र को एंटी करप्शन टीम ने एक कर्मचारी से रिश्वत लेते गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कोर्ट से पदेन सचिव के वेतन आहरण पर रोक की वजह से नए सचिव राम कुमार का भी वेतन रुका हुआ था। शुक्रवार को एडीएम को दिए शिकायत पत्र में मंडी निरीक्षक/प्रभारी कैशियर ओम प्रकाश शुक्ला ने आरोप लगाया है कि तीन दिन पहले सचिव राम कुमार ने उसे डरा-धमकाकर बकाया वेतन पांच लाख 25 हजार 427 रुपये का अपने खाते में भुगतान करा लिया।
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कोट....
सचिव के वेतन पर करीब एक साल से रोक लगी है। इधर बाबू ने भुगतान की फाइल पेश की थी लेकिन मैंने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद अगर भुगतान हो गया तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- प्रतिपाल चौहान, सभापति/एडीएम, बस्ती
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जानकारी के मुताबिक मंडी सचिव के वेतन पर रोक का आदेश 16 जनवरी 2025 को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने दिया था। दरअसल, पुरानी बस्ती के रहने वाले अफजल ने कोर्ट में दाखिल किए गए वाद में बताया था कि उसकी जमीन मंडी परिषद में अधिग्रहित की गई है। 60 हजार रुपये प्रति बिस्वा की दर से नौ फीसदी ब्याज के साथ मुआवजा दिया जाना था लेकिन काफी समय बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
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अदालत ने सितंबर 2024 में तत्कालीन सचिव महेंद्र कुमार गुप्ता को तलब किया तो उन्होंने चार माह का समय मांगा लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे आदेश के प्रति लापरवाही मानते हुए अग्रिम आदेश तक पदेन सचिव का वेतन रोकने का आदेश दे दिया था। इसी बीच 11 अगस्त 2025 को सचिव महेंद्र को एंटी करप्शन टीम ने एक कर्मचारी से रिश्वत लेते गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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कोर्ट से पदेन सचिव के वेतन आहरण पर रोक की वजह से नए सचिव राम कुमार का भी वेतन रुका हुआ था। शुक्रवार को एडीएम को दिए शिकायत पत्र में मंडी निरीक्षक/प्रभारी कैशियर ओम प्रकाश शुक्ला ने आरोप लगाया है कि तीन दिन पहले सचिव राम कुमार ने उसे डरा-धमकाकर बकाया वेतन पांच लाख 25 हजार 427 रुपये का अपने खाते में भुगतान करा लिया।
कोट....
सचिव के वेतन पर करीब एक साल से रोक लगी है। इधर बाबू ने भुगतान की फाइल पेश की थी लेकिन मैंने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद अगर भुगतान हो गया तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- प्रतिपाल चौहान, सभापति/एडीएम, बस्ती