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Basti News: तीसरे दिन भी बंद नहीं हुई फुहार... तापमान में आई गिरावट
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बस्ती। अर्णब चक्रवात का असर तीसरे दिन शनिवार को भी जिले में बना रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुमान के विपरीत आसमान साफ नहीं हुआ। दिनभर ठंडी हवाओं के साथ रिमझिम बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को समय से पहले ठंड का एहसास होने लगा। अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और तेज हवा से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
शुक्रवार देर रात तक हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को शनिवार को मौसम साफ होने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। उत्तर-पूर्वी दिशा से करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवा ने मौसम में ठिठुरन बढ़ा दी। सड़कों पर लोग रेनकोट पहनकर बाइक से आते-जाते दिखाई दिए।
बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। जिन किसानों ने कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी थी, वह भी भीग गई। किसानों को आशंका है कि नमी के कारण धान के दाने काले पड़ सकते हैं और फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मौसम साफ होने के बाद फसल को सुखाने में भी समय लगेगा, जिससे कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित होगा।
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बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव : लगातार बारिश से शहर के गांधीनगर, मुरलीजोत, मंगल बाजार, चिकवा टोला और आवास विकास उत्तरी समेत कई मोहल्लों में पानी भर गया। गलियों में कीचड़ और गंदगी फैलने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। गांधीनगर क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने की भी सूचना मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली के फाल्ट बढ़ने से आपूर्ति प्रभावित रही।
सड़क पर जलभराव से राहगीर परेशान
कलवारी। बारिश के कारण कुदरहा विकास क्षेत्र के पांऊ-चरकैला संपर्क मार्ग पर जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नाली और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा है। इससे चढ़ौआ, सुअरहा, मिर्जापुर और चरकैला समेत कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। पांऊ चौराहे से चरकैला जाने वाला मार्ग माझा क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के साथ जगह-जगह गड्ढे भी बन गए हैं। सुनील, शोहरत, रमेश, ईश्वर लाल यादव, अनिल कुमार, बालचंद और राजेश यादव ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में समस्या होती है। उन्होंने नाली निर्माण और जलनिकासी का स्थायी प्रबंध कराने की मांग की।
20 घंटे तक ठप रही बिजली आपूर्ति
छावनी। बारिश के चलते विद्युत उपकेंद्र बीरपुर खरहरा से जुड़े चार फीडरों की आपूर्ति करीब 20 घंटे तक बाधित रही। 33 केवी लाइन में खराबी आने से शुक्रवार दिन में बिजली गुल हो गई। लगातार बारिश के कारण फाल्ट ठीक करने में देरी हुई। शनिवार सुबह 11 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
इससे सेवरा लाला, डुहवा, छावनी और अमोढ़ा फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। अवर अभियंता शफीक अहमद ने बताया कि 33 केवी लाइन का फाल्ट ठीक करा दिया गया है। अब बिजली आपूर्ति सुचारू है।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
नगर बाजार। दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के करीब 80 प्रतिशत किसानों की धान की फसल अभी खेतों में खड़ी थी। कुछ किसानों ने कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी थी। बारिश और हवा के कारण खड़ी फसल जमीन पर गिर गई, जबकि कटी हुई फसल भी भीग गई।
किसानों को आशंका है कि खेतों में नमी बनी रहने से धान सड़ सकता है या उसमें अंकुरण हो सकता है। अगर दो-तीन दिन तक धूप नहीं निकली तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसान अरबाज ने बताया कि पूरे साल की कमाई धान की फसल पर निर्भर है। खाद, बीज और कटाई के लिए कर्ज लिया था, लेकिन बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। किसान जगदीश ने बताया कि उनकी फसल पककर तैयार थी और दो दिन बाद कटाई कराने की तैयारी थी। तेज हवा और बारिश से पूरी फसल जमीन पर गिर गई।
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शुक्रवार देर रात तक हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को शनिवार को मौसम साफ होने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। उत्तर-पूर्वी दिशा से करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवा ने मौसम में ठिठुरन बढ़ा दी। सड़कों पर लोग रेनकोट पहनकर बाइक से आते-जाते दिखाई दिए।
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बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। जिन किसानों ने कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी थी, वह भी भीग गई। किसानों को आशंका है कि नमी के कारण धान के दाने काले पड़ सकते हैं और फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मौसम साफ होने के बाद फसल को सुखाने में भी समय लगेगा, जिससे कटाई और मड़ाई का काम प्रभावित होगा।
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बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव : लगातार बारिश से शहर के गांधीनगर, मुरलीजोत, मंगल बाजार, चिकवा टोला और आवास विकास उत्तरी समेत कई मोहल्लों में पानी भर गया। गलियों में कीचड़ और गंदगी फैलने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। गांधीनगर क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर खराब होने की भी सूचना मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली के फाल्ट बढ़ने से आपूर्ति प्रभावित रही।
सड़क पर जलभराव से राहगीर परेशान
कलवारी। बारिश के कारण कुदरहा विकास क्षेत्र के पांऊ-चरकैला संपर्क मार्ग पर जलभराव की समस्या बढ़ गई है। नाली और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा है। इससे चढ़ौआ, सुअरहा, मिर्जापुर और चरकैला समेत कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। पांऊ चौराहे से चरकैला जाने वाला मार्ग माझा क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने के साथ जगह-जगह गड्ढे भी बन गए हैं। सुनील, शोहरत, रमेश, ईश्वर लाल यादव, अनिल कुमार, बालचंद और राजेश यादव ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में समस्या होती है। उन्होंने नाली निर्माण और जलनिकासी का स्थायी प्रबंध कराने की मांग की।
20 घंटे तक ठप रही बिजली आपूर्ति
छावनी। बारिश के चलते विद्युत उपकेंद्र बीरपुर खरहरा से जुड़े चार फीडरों की आपूर्ति करीब 20 घंटे तक बाधित रही। 33 केवी लाइन में खराबी आने से शुक्रवार दिन में बिजली गुल हो गई। लगातार बारिश के कारण फाल्ट ठीक करने में देरी हुई। शनिवार सुबह 11 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
इससे सेवरा लाला, डुहवा, छावनी और अमोढ़ा फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। अवर अभियंता शफीक अहमद ने बताया कि 33 केवी लाइन का फाल्ट ठीक करा दिया गया है। अब बिजली आपूर्ति सुचारू है।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
नगर बाजार। दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के करीब 80 प्रतिशत किसानों की धान की फसल अभी खेतों में खड़ी थी। कुछ किसानों ने कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी थी। बारिश और हवा के कारण खड़ी फसल जमीन पर गिर गई, जबकि कटी हुई फसल भी भीग गई।
किसानों को आशंका है कि खेतों में नमी बनी रहने से धान सड़ सकता है या उसमें अंकुरण हो सकता है। अगर दो-तीन दिन तक धूप नहीं निकली तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसान अरबाज ने बताया कि पूरे साल की कमाई धान की फसल पर निर्भर है। खाद, बीज और कटाई के लिए कर्ज लिया था, लेकिन बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। किसान जगदीश ने बताया कि उनकी फसल पककर तैयार थी और दो दिन बाद कटाई कराने की तैयारी थी। तेज हवा और बारिश से पूरी फसल जमीन पर गिर गई।