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समझने में बीता सिग्नल का पहला दिन
basti
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:46 PM IST
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यातायात
- फोटो : ramesh mishra
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बस्ती। मनमाने ढंग से फर्राटा भरने वाले शनिवार को सिग्नल की लाल, नीली, पीली बत्ती के इशारे पर चले। सबसे ज्यादा अस्तव्यस्त रहने वाले कंपनीबाग चौराहे पर बत्ती पूरे दिन कौतूहल का विषय बनी रही।
शनिवार का दिन शहर के यातायात के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार यहां के किसी चौराहे पर सिग्नल सिस्टम से यातायात संचालित हुआ। कंपनीबाग चौराहे पर शुक्रवार को ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम शुरू हुआ। छोटे से शहर में लाइलाज बनती जा रही जाम की बीमारी से यह सिस्टम काफी हद तक बचाएगा, लोग ऐसी उम्मीद करते हैं। हालांकि, लोगों का यह भी कहना है कि सिर्फ बत्ती लगाने से बात नहीं बनेगी। बल्कि लोगों में यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी और चौराहों से अतिक्रमण हटवाना होगा।
खुद नहीं जानते संकेत के तरीके
शनिवार को कंपनी बाग चौराहे पर सिग्नल सिस्टम के बीच तैनात जवानों की गतिविधियां देखकर तमाम लोग खिल्ली उड़ाते दिखे। क्योंकि वहां खड़े जवानों के इशारे बत्ती के इशारे से भिन्न दिखे। किस तरफ का ट्रैफिक रोककर किसे पास देना है, इसका ज्ञान अभी उनमें नहीं दिखा। ऐसे में लोग कहते हैं कि ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल तभी कारगर साबित होगा जब पुलिस यातायात ड्यूटी पर प्रशिक्षित जवान तैनात किए जाएं।
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शनिवार का दिन शहर के यातायात के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार यहां के किसी चौराहे पर सिग्नल सिस्टम से यातायात संचालित हुआ। कंपनीबाग चौराहे पर शुक्रवार को ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम शुरू हुआ। छोटे से शहर में लाइलाज बनती जा रही जाम की बीमारी से यह सिस्टम काफी हद तक बचाएगा, लोग ऐसी उम्मीद करते हैं। हालांकि, लोगों का यह भी कहना है कि सिर्फ बत्ती लगाने से बात नहीं बनेगी। बल्कि लोगों में यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी और चौराहों से अतिक्रमण हटवाना होगा।
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खुद नहीं जानते संकेत के तरीके
शनिवार को कंपनी बाग चौराहे पर सिग्नल सिस्टम के बीच तैनात जवानों की गतिविधियां देखकर तमाम लोग खिल्ली उड़ाते दिखे। क्योंकि वहां खड़े जवानों के इशारे बत्ती के इशारे से भिन्न दिखे। किस तरफ का ट्रैफिक रोककर किसे पास देना है, इसका ज्ञान अभी उनमें नहीं दिखा। ऐसे में लोग कहते हैं कि ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल तभी कारगर साबित होगा जब पुलिस यातायात ड्यूटी पर प्रशिक्षित जवान तैनात किए जाएं।
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