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Basti News: टेट की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
Tue, 30 Sep 2025 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:47 AM IST
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बस्ती। टेट (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद जनपद में शिक्षकों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी है। सोमवार को रामनगर में अध्यक्ष इन्द्रसेन मिश्र और मंत्री अभिषेक कुमार जायवाल के नेतृत्व में 22, परशुरामपुर में ब्लाक अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा और मंत्री राजीव कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 45, कुदरहा में ब्लाक अध्यक्ष चंद्रभान चौरसिया और वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका सिंह के नेतृत्व में 22, दुबौलिया में जिला उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह, ब्लाक अध्यक्ष रामपाल चौधरी, मंत्री त्रिलोकीनाथ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार के संयोजन में 25 तथा गौर में विनोद यादव के नेतृत्व में 18 शिक्षकों के हस्ताक्षर कराए गए।
जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने बताया कि शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। यह हस्ताक्षर अभियान 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा और संघ पदाधिकारी विद्यालयों में जाकर शिक्षकों के हस्ताक्षर करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा नियमावली के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन योग्यता और अर्हता के आधार पर की गई थी, इसलिए वर्तमान चयन अर्हता को आधार मानकर वर्षों पहले चयनित शिक्षकों को अयोग्य ठहराना न्याय के कल्याणकारी सिद्धांतों के खिलाफ है। इसीलिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें नियमों में संशोधन कर शिक्षा अधिकार विधेयक की धारा 23(2) की नियमावली में आवश्यक बदलाव करें, ताकि शिक्षकों की सेवा स्वतः सुरक्षित हो सके।
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जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने बताया कि शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। यह हस्ताक्षर अभियान 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा और संघ पदाधिकारी विद्यालयों में जाकर शिक्षकों के हस्ताक्षर करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा नियमावली के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन योग्यता और अर्हता के आधार पर की गई थी, इसलिए वर्तमान चयन अर्हता को आधार मानकर वर्षों पहले चयनित शिक्षकों को अयोग्य ठहराना न्याय के कल्याणकारी सिद्धांतों के खिलाफ है। इसीलिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें नियमों में संशोधन कर शिक्षा अधिकार विधेयक की धारा 23(2) की नियमावली में आवश्यक बदलाव करें, ताकि शिक्षकों की सेवा स्वतः सुरक्षित हो सके।
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