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एमडीएम से शिक्षकों को मुक्त करने का ज्ञापन दिया
basti
Updated Thu, 26 May 2016 01:23 AM IST
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विरोध
- फोटो : ramesh mishra
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बस्ती। परिषदीय स्कूलों में गर्मियों के अवकाश में भी बच्चों को दोपहर का भोजन वितरण के शासनादेश के विरोध में बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल प्रभारी डीएम एवं सीडीओ सोबरन सिंह से मिला। और उन्हें ज्ञापन देकर उनसे इस योजना से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि शासन के निर्देश पर सभी परिषदीय स्कूलों में 20 मई से 30 जून तक अवकाश घोषित किया गया है। इसी के तहत अधिकाशं शिक्षक जिले से बाहर अवकाश मनाने के लिए चले गएं हैं। ऐसे में फिर 20 मई को यह आदेश जारी करना कि 20 मई से 30 जून तक सभी विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन बनेगा और बच्चों को खिलाया जाएगा। शिक्षक नेताओं का कहना है कि अगर इस योजना से शिक्षकों को मुक्त नहीं किया गया, तो जिले भर के सारे शिक्षक इसका विरोध करेंगे। कहा कि प्रदेश के कई जनपदों के प्रशासन ने व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अपने जनपदों में फिलहाल के लिए योजना को बंद कर रखा है।
कहा कि जब बच्चे ही स्कूल नहीं आ रहे हैं तो भोजन किसके लिए हेड मास्टर बनवाएगा। कहा कि कार्रवाई की आशंका से शिक्षक स्कूल तो जा रहे हैं, मगर बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, ऐसे में भोजन किसके लिए बनवाया जाए। कहा कि उच्चतम न्यायालय का भी आदेश है कि शिक्षकों को सिर्फ पठन पाठन का ही कार्य लिया जाए। यह बिलकुल शासनादेश के विपरीत है। बताया कि एमडीएम बनवाने का कार्य प्रधान और विद्यालय प्रबंधन समिति का है, शिक्षकों का कार्य तो सिर्फ स्कूल खोलने का है। इस मौके पर जिला मंत्री शांतिभूषण नाथ त्रिपाठी, उपाध्यक्ष बालकृष्ण ओझा, मीडिया प्रभारी उमाशंकर शुक्ल, सल्टौआ ब्लॉक अध्यक्ष प्रताप नरायन चौधरी, चंद्रेश बहादुर सिंह, राजेश गिरी, अशोक यादव, लाल बहादुर चौधरी, कुलदीप सिंह, नीरज श्रीवास्तव, कमर खलील, शिव रतन, श्रीधर पाल, प्रदुम्न त्रिपाठी, मोहम्मद असलम, कविंद्र नाथ चौधरी, शमशाद, अलाउदीन, आशीष दुबे, मोहम्म्द शोएब, रवि प्रताप सिंह, राजेश द्विवेदी, हरिओम सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव त्रिपाठी, श्रीधर पाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि शासन के निर्देश पर सभी परिषदीय स्कूलों में 20 मई से 30 जून तक अवकाश घोषित किया गया है। इसी के तहत अधिकाशं शिक्षक जिले से बाहर अवकाश मनाने के लिए चले गएं हैं। ऐसे में फिर 20 मई को यह आदेश जारी करना कि 20 मई से 30 जून तक सभी विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन बनेगा और बच्चों को खिलाया जाएगा। शिक्षक नेताओं का कहना है कि अगर इस योजना से शिक्षकों को मुक्त नहीं किया गया, तो जिले भर के सारे शिक्षक इसका विरोध करेंगे। कहा कि प्रदेश के कई जनपदों के प्रशासन ने व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अपने जनपदों में फिलहाल के लिए योजना को बंद कर रखा है।
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कहा कि जब बच्चे ही स्कूल नहीं आ रहे हैं तो भोजन किसके लिए हेड मास्टर बनवाएगा। कहा कि कार्रवाई की आशंका से शिक्षक स्कूल तो जा रहे हैं, मगर बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं, ऐसे में भोजन किसके लिए बनवाया जाए। कहा कि उच्चतम न्यायालय का भी आदेश है कि शिक्षकों को सिर्फ पठन पाठन का ही कार्य लिया जाए। यह बिलकुल शासनादेश के विपरीत है। बताया कि एमडीएम बनवाने का कार्य प्रधान और विद्यालय प्रबंधन समिति का है, शिक्षकों का कार्य तो सिर्फ स्कूल खोलने का है। इस मौके पर जिला मंत्री शांतिभूषण नाथ त्रिपाठी, उपाध्यक्ष बालकृष्ण ओझा, मीडिया प्रभारी उमाशंकर शुक्ल, सल्टौआ ब्लॉक अध्यक्ष प्रताप नरायन चौधरी, चंद्रेश बहादुर सिंह, राजेश गिरी, अशोक यादव, लाल बहादुर चौधरी, कुलदीप सिंह, नीरज श्रीवास्तव, कमर खलील, शिव रतन, श्रीधर पाल, प्रदुम्न त्रिपाठी, मोहम्मद असलम, कविंद्र नाथ चौधरी, शमशाद, अलाउदीन, आशीष दुबे, मोहम्म्द शोएब, रवि प्रताप सिंह, राजेश द्विवेदी, हरिओम सिंह, देवेंद्र सिंह, गौरव त्रिपाठी, श्रीधर पाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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