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Basti News: बुखार के मरीजों में मिल रहे मलेरिया और डेंगू के लक्षण
Tue, 09 Sep 2025 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:27 AM IST
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जिला अस्पताल में फिजीशियन से परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज
बस्ती। मौसम के बदले मिजाज से बुखार तेजी से पांव पसार रहा है। मलेरिया और डेंगू का डंक लोगों को परेशान कर दिया है। जिला अस्पताल में रोजाना मलेरिया के चार से पांच केस मिल रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार देखी गई। मेडिसिन विभाग में भी मरीज और तीमारदार चिकित्सक के पास पहुंचने के लिए मशक्कत करते नजर आए।
डॉक्टरों ने बताया कि हाईग्रेड फीवर वाले मरीजों में मलेरिया और डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। जिला अस्पताल में ऐसे रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। ब्लड जांच केंद्र पर भी लंबी कतार दिखी। यहां 300 से अधिक मरीजों की जांच हुई। उनमें हाईग्रेड फीवर, टाइफायड, डेंगू के मरीज अधिक थे। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मौसम में बदलाव से वायरल बुखार के मामले आ रहे है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं। उन्हें भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कुछ बच्चों में निमोनिया और पीलिया के लक्षण मिल रहे हैं। एसआईसी जिला अस्पताल ने बताया कि डॉक्टरों को बाहर की दवा लिखने से मनाही है। जरूरी दवाएं जन औषधि केंद्र पर मिल रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को 1234 मरीज ओपीडी में पहुंचे थे।
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मेडिकल से लेकर खा रहे दवा, ठीक न होने पर आ रहे अस्पताल
चिकित्सक का कहना है कि लोग वायरल फीवर समझकर मेडिकल स्टोर से दवाएं ले रहे ते हैं। आराम नहीं मिलने पर अस्पताल पहुंचते हैं। जांच कराने पर मलेरिया की पुष्टि हो रही है। रोजाना चार से पांच केस मलेरिया के मिल रहे हैं। डेंगू के कारण प्लेटलेट घटने लगती है। समय पर जांच और सही इलाज न होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों ने बताया कि मलेरिया बहुत तेजी से फैलता है। इलाज न कराया तो यह दिमाग, किडनी या फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। यह मलेरिया बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और भी खतरनाक है। इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है।
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डॉक्टर ने बताए मलेरिया के लक्षण
-मच्छर के काटने के नौ से 14 दिन बाद दिखते हैं।
-बार-बार तेज बुखार आना।
-कंपकंपी के साथ ठंड लगना।
-सिरदर्द और ज्यादा थकान होना।
-उल्टी होना या उबकाई आना।
-मांसपेशियों में दर्द होना।
-त्वचा और आंखों का पीला पड़ना।
-मलेरिया दिमाग तक पहुंचता है तो बेहोशी या दौरा।
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डॉक्टरों ने बताया कि हाईग्रेड फीवर वाले मरीजों में मलेरिया और डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। जिला अस्पताल में ऐसे रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। ब्लड जांच केंद्र पर भी लंबी कतार दिखी। यहां 300 से अधिक मरीजों की जांच हुई। उनमें हाईग्रेड फीवर, टाइफायड, डेंगू के मरीज अधिक थे। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मौसम में बदलाव से वायरल बुखार के मामले आ रहे है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं। उन्हें भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कुछ बच्चों में निमोनिया और पीलिया के लक्षण मिल रहे हैं। एसआईसी जिला अस्पताल ने बताया कि डॉक्टरों को बाहर की दवा लिखने से मनाही है। जरूरी दवाएं जन औषधि केंद्र पर मिल रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को 1234 मरीज ओपीडी में पहुंचे थे।
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मेडिकल से लेकर खा रहे दवा, ठीक न होने पर आ रहे अस्पताल
चिकित्सक का कहना है कि लोग वायरल फीवर समझकर मेडिकल स्टोर से दवाएं ले रहे ते हैं। आराम नहीं मिलने पर अस्पताल पहुंचते हैं। जांच कराने पर मलेरिया की पुष्टि हो रही है। रोजाना चार से पांच केस मलेरिया के मिल रहे हैं। डेंगू के कारण प्लेटलेट घटने लगती है। समय पर जांच और सही इलाज न होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों ने बताया कि मलेरिया बहुत तेजी से फैलता है। इलाज न कराया तो यह दिमाग, किडनी या फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। यह मलेरिया बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और भी खतरनाक है। इससे शरीर में खून की कमी हो सकती है।
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डॉक्टर ने बताए मलेरिया के लक्षण
-मच्छर के काटने के नौ से 14 दिन बाद दिखते हैं।
-बार-बार तेज बुखार आना।
-कंपकंपी के साथ ठंड लगना।
-सिरदर्द और ज्यादा थकान होना।
-उल्टी होना या उबकाई आना।
-मांसपेशियों में दर्द होना।
-त्वचा और आंखों का पीला पड़ना।
-मलेरिया दिमाग तक पहुंचता है तो बेहोशी या दौरा।