{"_id":"61bb81a192f8ed20eb38ba42","slug":"sunil-died-mystry-basti-news-gkp4201373143","type":"story","status":"publish","title_hn":"फालोअप: हत्या और हादसे में उलझी सुनील की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फालोअप: हत्या और हादसे में उलझी सुनील की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फालोअप: हत्या और हादसे में उलझी सुनील की मौत
लालगंज थानांतर्गत डेफरी के पास खेत में बाइक समेत मिला था शव
इसी थाने के सिसई पंडित के रहने वाले थे सुनील यादव
छानबीन में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। लालगंज थाना क्षेत्र के सिसई पंडित निवासी सुनील यादव की मौत का मामला हत्या व दुर्घटना में दूसरे दिन भी उलझा रहा। मृतक के भाई संतोष कुमार यादव ने कुछ लोगों पर चुनावी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष उमा शंकर तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिवार के लोग महादेवा चौराहे पर प्रदर्शन करने की योजना बनाने लगे, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझा कर उन्हें शव के अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया। हालांकि परिवार वालों का कहना है कि जब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
सुनील यादव (28) का शव बुधवार की रात थाना क्षेत्र के डेफरी व सिसई पंडित के बीच नहर के किनारे बाइक के नीचे दबा हुआ मिला था। इसे देखकर हादसे का भी अनुमान लगाया गया। हालांकि परिजनों ने इसे हादसा मानने से इंकार करते हुए गला दबाकर हत्या का आरोप लगाया है। सिसई पंडित निवासी सुनील यादव अपने चार भाइयों में दूसरे नम्बर पर थे। पिछले दस साल से सुनील की मां कौशल्या देवी प्रधान रहीं और सुनील प्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी संभालते थे। इस बार प्रधानी का चुनाव हराने के बाद से वह अपने बड़े भाई रमन की लालगंज स्थित इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर समय देते थे। मृतक सुनील के छोटे भाई संतोष कुमार ने तहरीर में बताया है कि पंद्रह दिसंबर को उनके भाई सुनील एक परिचित की पैर में फ्रैक्चर होने की सूचना पर लालगंज बाजार से दवा लेकर देने गए थे। शाम करीब पौने आठ बजे एक लोग के साथ लालगंज से गांव लौट रहे थे। आरोप है कि डेफरी के पूरब स्थित पुलिया के करीब, तभी देखा कि डेफरी व सिसई पंडित के पांच लोग वहां पहले से मौजूद हैं। इन पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर बड़े भाई सुनील को पुलिया के पास रोक लिया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद नहर के बगल खेत में फेंक दिया। संतोष के मुताबिक घटनाक्रम के समय वहां पहुंचने के कारण उसे भी जानमाल की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लालगंज थानांतर्गत डेफरी के पास खेत में बाइक समेत मिला था शव
इसी थाने के सिसई पंडित के रहने वाले थे सुनील यादव
छानबीन में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। लालगंज थाना क्षेत्र के सिसई पंडित निवासी सुनील यादव की मौत का मामला हत्या व दुर्घटना में दूसरे दिन भी उलझा रहा। मृतक के भाई संतोष कुमार यादव ने कुछ लोगों पर चुनावी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष उमा शंकर तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिवार के लोग महादेवा चौराहे पर प्रदर्शन करने की योजना बनाने लगे, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझा कर उन्हें शव के अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया। हालांकि परिवार वालों का कहना है कि जब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
सुनील यादव (28) का शव बुधवार की रात थाना क्षेत्र के डेफरी व सिसई पंडित के बीच नहर के किनारे बाइक के नीचे दबा हुआ मिला था। इसे देखकर हादसे का भी अनुमान लगाया गया। हालांकि परिजनों ने इसे हादसा मानने से इंकार करते हुए गला दबाकर हत्या का आरोप लगाया है। सिसई पंडित निवासी सुनील यादव अपने चार भाइयों में दूसरे नम्बर पर थे। पिछले दस साल से सुनील की मां कौशल्या देवी प्रधान रहीं और सुनील प्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी संभालते थे। इस बार प्रधानी का चुनाव हराने के बाद से वह अपने बड़े भाई रमन की लालगंज स्थित इलेक्ट्रॉनिक की दुकान पर समय देते थे। मृतक सुनील के छोटे भाई संतोष कुमार ने तहरीर में बताया है कि पंद्रह दिसंबर को उनके भाई सुनील एक परिचित की पैर में फ्रैक्चर होने की सूचना पर लालगंज बाजार से दवा लेकर देने गए थे। शाम करीब पौने आठ बजे एक लोग के साथ लालगंज से गांव लौट रहे थे। आरोप है कि डेफरी के पूरब स्थित पुलिया के करीब, तभी देखा कि डेफरी व सिसई पंडित के पांच लोग वहां पहले से मौजूद हैं। इन पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर बड़े भाई सुनील को पुलिया के पास रोक लिया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद नहर के बगल खेत में फेंक दिया। संतोष के मुताबिक घटनाक्रम के समय वहां पहुंचने के कारण उसे भी जानमाल की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन