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चीनी मिल प्रबंधन के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:21 AM IST
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बस्ती। बस्ती चीनी मिल चलवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे लोगों की
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मांग पर काफी जद्दोजहद के बाद शनिवार देर रात चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ
धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
प्रशासन की पहल पर बजाज शुगर मिल के अध्यक्ष, जोनल एचआर (पूर्वी क्षेत्र) प्रभाकर चंद्रा और एचआर हेड डीके सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 7 क्रिमिनल ला अमेंडमेंट लगाई गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अनशन को आगे बढ़ाने या स्थगित करने पर रविवार को निर्णय लिया जाएगा।
बस्ती चीनी मिल चलवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे लोगों की हालत बिगड़ती जा रही है। छठे दिन छह अनशनकारियों में दो बृजेश कुमार सिंह और प्रेम सागर चौधरी की हालत और बिगड़ गई।
एसडीएम ने इन दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश एसओ पुरानी बस्ती को दिया। शनिवार को प्रशासन तंत्र और मजदूरों सहित अनशन कर रहे लोगों के साथ तीन घंटे तक चली वार्ता भी विफल रही।
मजदूरों का आरोप था कि प्रशासन और मिल प्रबंधन सहयोग नहीं कर रहा है। इन लोगों की तरफ से आंदोलन को समाप्त करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। प्रशासन अभी तक वार्ता के लिए मिल प्रबंध तंत्र के किसी भी अधिकारी को नहीं बुला सका और न मिल चलवाने की घोषणा ही करवा सका।
बस्ती चीनी मिल चलवाने को लेकर मिल गेट पर 16 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठे मजदूरों और उनके नेताओं का आरोप है कि सरकार खुद नहीं चाहती कि यह मिल चले। सरकार के लोग मिल प्रंबधन के आगे झुक गए हैं।
स्थानीय प्रशासन भी पत्र लिखकर अपने दायित्वों की इतिश्री करने में जुटा है। अनशन पर बैठे आशुतोष सिंह का कहना है कि मिल मजदूरों और गन्ना किसानों के प्रति जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
मजदूर का परिवार किस तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है, इसकी चिंता न तो शासन को है और न मिल प्रंबध तंत्र को। वहीं प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह शासन से जुड़ा हुआ है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन अपनी भूमिका निभा रहा है।
शनिवार को अनशन स्थल पर एडीएम राकेश कुमार सिंह, एसडीएम रामप्रसाद, सीओ, एसओ पुरानी बस्ती, श्रम उपायुक्त, बस्ती गन्ना समिति के सचिव और एलआईयू के लोग वार्ता करने गए। वार्ता तीन घंटे तक चली।
मजदूर और अनशनकारी कह रहे थे कि जब तक मिल प्रबंध तत्र मिल चलाने की घोषणा नहीं करता तब तक उन लोगों का अनशन जारी रहेगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से दो दिन से प्रयास हो रहा था।
जब इस पर बात नहीं बनी तो मजदूरों ने प्रशासन से मिल प्रबंध तंत्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और एफआईआर की प्रति देने की मांग की। आशुतोष सिंह ने बताया कि इस पर प्रशासन तैयार हो गया है।
रात आठ बजे एडीएम की ओर से पुरानी बस्ती में केस दर्ज करने की तहरीर दी गई। प्रभारी एसओ केडी सिंह का कहना है कि गन्ना विकास समिति बस्ती के सचिव रामाश्रय यादव की तहरीर पर बजाज शुगर मिल के अध्यक्ष, जोनल एचआर (पूर्वी क्षेत्र) प्रभाकर चंद्रा और एचआर हेड डीके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
धरना स्थल पर पहुंचने वालों में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक संजय प्रताप जायसवाल और आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह आदि शामिल रहे।
प्रशासन की पहल पर बजाज शुगर मिल के अध्यक्ष, जोनल एचआर (पूर्वी क्षेत्र) प्रभाकर चंद्रा और एचआर हेड डीके सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 7 क्रिमिनल ला अमेंडमेंट लगाई गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अनशन को आगे बढ़ाने या स्थगित करने पर रविवार को निर्णय लिया जाएगा।
बस्ती चीनी मिल चलवाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे लोगों की हालत बिगड़ती जा रही है। छठे दिन छह अनशनकारियों में दो बृजेश कुमार सिंह और प्रेम सागर चौधरी की हालत और बिगड़ गई।
एसडीएम ने इन दोनों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश एसओ पुरानी बस्ती को दिया। शनिवार को प्रशासन तंत्र और मजदूरों सहित अनशन कर रहे लोगों के साथ तीन घंटे तक चली वार्ता भी विफल रही।
मजदूरों का आरोप था कि प्रशासन और मिल प्रबंधन सहयोग नहीं कर रहा है। इन लोगों की तरफ से आंदोलन को समाप्त करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। प्रशासन अभी तक वार्ता के लिए मिल प्रबंध तंत्र के किसी भी अधिकारी को नहीं बुला सका और न मिल चलवाने की घोषणा ही करवा सका।
बस्ती चीनी मिल चलवाने को लेकर मिल गेट पर 16 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठे मजदूरों और उनके नेताओं का आरोप है कि सरकार खुद नहीं चाहती कि यह मिल चले। सरकार के लोग मिल प्रंबधन के आगे झुक गए हैं।
स्थानीय प्रशासन भी पत्र लिखकर अपने दायित्वों की इतिश्री करने में जुटा है। अनशन पर बैठे आशुतोष सिंह का कहना है कि मिल मजदूरों और गन्ना किसानों के प्रति जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
मजदूर का परिवार किस तरह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है, इसकी चिंता न तो शासन को है और न मिल प्रंबध तंत्र को। वहीं प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह शासन से जुड़ा हुआ है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन अपनी भूमिका निभा रहा है।
शनिवार को अनशन स्थल पर एडीएम राकेश कुमार सिंह, एसडीएम रामप्रसाद, सीओ, एसओ पुरानी बस्ती, श्रम उपायुक्त, बस्ती गन्ना समिति के सचिव और एलआईयू के लोग वार्ता करने गए। वार्ता तीन घंटे तक चली।
मजदूर और अनशनकारी कह रहे थे कि जब तक मिल प्रबंध तत्र मिल चलाने की घोषणा नहीं करता तब तक उन लोगों का अनशन जारी रहेगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से दो दिन से प्रयास हो रहा था।
जब इस पर बात नहीं बनी तो मजदूरों ने प्रशासन से मिल प्रबंध तंत्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और एफआईआर की प्रति देने की मांग की। आशुतोष सिंह ने बताया कि इस पर प्रशासन तैयार हो गया है।
रात आठ बजे एडीएम की ओर से पुरानी बस्ती में केस दर्ज करने की तहरीर दी गई। प्रभारी एसओ केडी सिंह का कहना है कि गन्ना विकास समिति बस्ती के सचिव रामाश्रय यादव की तहरीर पर बजाज शुगर मिल के अध्यक्ष, जोनल एचआर (पूर्वी क्षेत्र) प्रभाकर चंद्रा और एचआर हेड डीके सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
धरना स्थल पर पहुंचने वालों में सांसद हरीश द्विवेदी, विधायक संजय प्रताप जायसवाल और आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह आदि शामिल रहे।