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विशेष सचिव का सच से हुआ सामना
अमर उजाला बस्ती
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:53 PM IST
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निरीक्षण किया।
- फोटो : अमर उजाला
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विशेष सचिव सिंचाई योगेश कुमार शुक्ल ने बनकटी विकास खंड में कमिश्नर की ओर से गोद लिए गए गांव थरौली पहुंचे। इसके बाद वह ग्राम पंचायत हटवा में स्थित प्राथमिक विद्यालय पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के साथ विद्यालय की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने हौसला पोषण योजना के तहत अतिकुपोषित, कुपोषित बच्चों के भोजन, टीकाकरण, स्वच्छता, शिक्षा आदि व्यवस्थाओं को देखा।
विशेष सचिव योगेश शुक्ल दिन में 11.45 बजे प्राथमिक विद्यालय थरौली पहुंचे। वहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात महिला आंगनबाड़ी कर्मी मंदाकनी उपाध्याय और सहायिका राधिका से योजनाओं के बारे में पूछताछ की। केंद्र पर पंजीकृत अति कुपोषित बच्ची सरिता की मां अंजनी ने विशेष सचिव को बताया कि जिला अस्पताल में संचालित पुनर्वास केंद्र में 14 दिन तक बच्ची को लेकर भर्ती रहीं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न रहने के कारण सही तरीके से इलाज नहीं किया गया। यह सुनकर विशेष सचिव का माथा ठनक गया, उनहोने डिप्टी सीएमओ डा. सीएल कन्नौजिया से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि अतिकुपोषित बच्चों के साथ रहने वाले अभिभावक को दवा व भोजन के साथ साथ पचास रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिया जाता है। इस पर महिला ने बताया कि उसे नहीं मिला। इस विशेष सचिव ने कहा कि इस बच्ची को पुन: भर्ती कराकर पिछले 14 दिन का और दुबारा भर्ती होने पर 14 दिन की धनराशि का भुगतान किया जाए। इसके साथ ही महिला के पति को काम देने का निर्देश दिया। बीडीओ डीएन तिवारी व डिप्टी सीएमओ डा. सीएल कन्नौजिया को निर्देश देते हुए कहा कि ब्लॉक स्तरीय आंगनबाड़ी कर्मचारियों की बैठक कराई जाए और कुपोषित बच्चों व असहाय गरीब महिलाओं के लिए स्वास्थ्य कैंप लगाकर विशेष चिकित्सकों से जांच कराने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायतों में अच्छे कार्य करने वाले महिला पुरुष को चिन्हित कर उन्हे सम्मानित करने को भी कहा। इसके बाद विशेष सचिव ने प्राथमिक विद्यालय हटवा का निरीक्षण किया। विद्यालय में 44 बच्चों की उपस्थिति पर सचिव ने कहा शिक्षक से कहा कि बच्चों की संख्या 44 और शिक्षक का वेतन 46 हजार। बच्चों की संख्या इतनी कम मिलने पर शिक्षक रुकमणी वर्मा ने कहा कि बच्चे प्राइवेट विद्यालय पर चले जा रहें है।
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विशेष सचिव योगेश शुक्ल दिन में 11.45 बजे प्राथमिक विद्यालय थरौली पहुंचे। वहां स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात महिला आंगनबाड़ी कर्मी मंदाकनी उपाध्याय और सहायिका राधिका से योजनाओं के बारे में पूछताछ की। केंद्र पर पंजीकृत अति कुपोषित बच्ची सरिता की मां अंजनी ने विशेष सचिव को बताया कि जिला अस्पताल में संचालित पुनर्वास केंद्र में 14 दिन तक बच्ची को लेकर भर्ती रहीं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न रहने के कारण सही तरीके से इलाज नहीं किया गया। यह सुनकर विशेष सचिव का माथा ठनक गया, उनहोने डिप्टी सीएमओ डा. सीएल कन्नौजिया से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि अतिकुपोषित बच्चों के साथ रहने वाले अभिभावक को दवा व भोजन के साथ साथ पचास रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिया जाता है। इस पर महिला ने बताया कि उसे नहीं मिला। इस विशेष सचिव ने कहा कि इस बच्ची को पुन: भर्ती कराकर पिछले 14 दिन का और दुबारा भर्ती होने पर 14 दिन की धनराशि का भुगतान किया जाए। इसके साथ ही महिला के पति को काम देने का निर्देश दिया। बीडीओ डीएन तिवारी व डिप्टी सीएमओ डा. सीएल कन्नौजिया को निर्देश देते हुए कहा कि ब्लॉक स्तरीय आंगनबाड़ी कर्मचारियों की बैठक कराई जाए और कुपोषित बच्चों व असहाय गरीब महिलाओं के लिए स्वास्थ्य कैंप लगाकर विशेष चिकित्सकों से जांच कराने का निर्देश दिया। ग्राम पंचायतों में अच्छे कार्य करने वाले महिला पुरुष को चिन्हित कर उन्हे सम्मानित करने को भी कहा। इसके बाद विशेष सचिव ने प्राथमिक विद्यालय हटवा का निरीक्षण किया। विद्यालय में 44 बच्चों की उपस्थिति पर सचिव ने कहा शिक्षक से कहा कि बच्चों की संख्या 44 और शिक्षक का वेतन 46 हजार। बच्चों की संख्या इतनी कम मिलने पर शिक्षक रुकमणी वर्मा ने कहा कि बच्चे प्राइवेट विद्यालय पर चले जा रहें है।
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