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Basti News: महागौरी से मांगा जगत कल्याण का आशीष, महानवमी आज
Mon, 23 Oct 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 23 Oct 2023 01:02 AM IST
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दक्षिण दरवाजा पुलिस चौकी पर स्थापित दुर्गा प्रतिमा।
उदया तिथि होने की वजह से सोमवार को मनाई जा रही महाष्टमी
अभिजीत मुहूर्त नवरात्र हवन और कन्या पूजन का सर्वोत्तम समय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नवरात्र के महाष्टमी पर रविवार को महागौरी की पूजा की गई। दिनभर मंदिरों और पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्तों ने रविवार को ही व्रत रखा। सोमवार को नवमी पर नौ दिन के व्रत रखने वाले हवन की तैयारियां कर रहे हैं।
अधिकतर लोग कुल गुरु या स्थानीय मंदिर के पुजारी से हवन कराते हैं। कुछ पंडित यजमान के घर जाकर हवन कराते हैं। जबकि कई लोग पंडालों व मंदिर में होने वाली सामूहिक हवन में भाग लेते हैं। शहर के गायत्री मंदिर के सामूहिक हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि 22 अक्तूबर रविवार 7:58 बजे से शुरू हो गई। इसका समापन 23 अक्तूबर सोमवार को शाम 5:44 बजे होगा। उदय तिथि के आधार पर 23 अक्तूबर को ही महानवमी मनाई जाएगी।
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पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह- 6:27 से 7:51 बजे तक।
दोपहर 1:30 से 2:55 बजे तक।
..
इस तरह करें महानवमी की पूजा
पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, महानवमी की तिथि नवरात्र की आखिरी तिथि होती है। इस तिथि पर मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना और पाठ करने का महत्व होता है। महानवमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा को स्थापित करें। यदि आपके पास देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा नहीं तो देवी दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और नवग्रह को फूल अर्पित करें। इसके बाद देवी को धूप, दीप, फल, फूल, भोग और नवैद्य अर्पित करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और कन्याओं का पूजन करते हुए उपहार देकर विदा करें।
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अभिजीत मुहूर्त नवरात्र हवन और कन्या पूजन का सर्वोत्तम समय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नवरात्र के महाष्टमी पर रविवार को महागौरी की पूजा की गई। दिनभर मंदिरों और पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्तों ने रविवार को ही व्रत रखा। सोमवार को नवमी पर नौ दिन के व्रत रखने वाले हवन की तैयारियां कर रहे हैं।
अधिकतर लोग कुल गुरु या स्थानीय मंदिर के पुजारी से हवन कराते हैं। कुछ पंडित यजमान के घर जाकर हवन कराते हैं। जबकि कई लोग पंडालों व मंदिर में होने वाली सामूहिक हवन में भाग लेते हैं। शहर के गायत्री मंदिर के सामूहिक हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
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वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि 22 अक्तूबर रविवार 7:58 बजे से शुरू हो गई। इसका समापन 23 अक्तूबर सोमवार को शाम 5:44 बजे होगा। उदय तिथि के आधार पर 23 अक्तूबर को ही महानवमी मनाई जाएगी।
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पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह- 6:27 से 7:51 बजे तक।
दोपहर 1:30 से 2:55 बजे तक।
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इस तरह करें महानवमी की पूजा
पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, महानवमी की तिथि नवरात्र की आखिरी तिथि होती है। इस तिथि पर मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना और पाठ करने का महत्व होता है। महानवमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा को स्थापित करें। यदि आपके पास देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा नहीं तो देवी दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और नवग्रह को फूल अर्पित करें। इसके बाद देवी को धूप, दीप, फल, फूल, भोग और नवैद्य अर्पित करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और कन्याओं का पूजन करते हुए उपहार देकर विदा करें।