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Basti News: घर लाैटे श्रद्धालुओं के चेहरे पर आई मुस्कान... भूल गए दर्द

Fri, 31 Jan 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 31 Jan 2025 12:56 AM IST
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Smiles appeared on the faces of the devotees who returned home...the pain was forgotten.
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ के बाद दहशत में आए श्रद्धालु घर वापसी पर अपना दर्द भूल गए। अपनों के बीच उनके चेहरे पर मुस्कान दिखी। हालांकि, रास्ते में उन्हें तमाम दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। भगदड़ की घटना के बाद बुधवार की आधी रात से छिटपुट की संख्या में श्रद्धालुओं का लौटना शुरू हुआ तो बृहस्पतिवार की सुबह इनकी संख्या बढ़ गई। लोगों ने बताया कि प्रयागराज से किसी तरह 12 से 15 घंटे बाद बस्ती पहुंच पा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान करने गए अधिकतर लोग अब भी रास्ते में फंसे हुए हैं। बृहस्पतिवार को प्रयागराज से आने वाली कोई ट्रेन नहीं थी। रेलवे स्टेशन पर दोपहर 12 बजे तक सन्नाटा पसरा था। एक बजे प्रयागराज से श्रद्धालुओं को लेकर एक बस लौटी। इससे उतरने वाले यात्री लोकल रूट की सवारी के लिए भटकते नजर आए। बनकटी क्षेत्र के अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार की भोर से बृहस्पतिवार की दोपहर तक सुकून नहीं मिला है। रास्ते में कहां-कहां भटके यह तक याद नहीं है। किसी तरह घर पहुंचा हूं। अपनों के बीच आकर राहत महसूस हो रही है।
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महाकुंभ में भगदड़ के बाद रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या न के बराबर दिखी। बसों से लौट रहे यात्री तत्काल अपने गंतव्य पर जाने के लिए ऑटो, टैक्सी की तलाश में जुट जा रहे हैं।
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कुछ यात्रियों के परिजन फोन से संपर्क कर उन्हें रिसीव करने रोडवेज पर पहुंचे। गोरखनाथ ने बताया कि महाकुंभ में भगदड़ के दौरान वह दूसरे घाट पर थे। कुछ देर बाद घटना के बारे में पता चला तो वह दहशत में आ गए। इसके बाद मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। शहर से बाहर निकलने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे। पूछते-पूछते पैदल प्रयागराज से बाहर आए। तब बस मिली। रमावती देवी ने बताया कि घटना के समय वह लोग संगम घाट से दूर थीं। धैर्य से काम लेते हुए परिवार सहित स्नान किया। फिर किसी तरह से वापस आए। बस रास्ते में कई घंटा फंसी रही।
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