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संदीप मौत प्रकरण : पुलिस हत्या मानने को तैयार न परिवार के लोग हादसा
Sat, 01 Jul 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 01 Jul 2023 01:02 AM IST
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बस्ती। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है। पुलिस हत्या नहीं मान रही है तो परिवार के लोग हादसा मानने के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस ने संदीप के तीन दोस्तों पर हत्या का केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन उनमें से किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। मृतक संदीप के चाचा बाबूराम विश्वकर्मा ने शुक्रवार को एडीजी गोरखपुर से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एडीजी के जनसंपर्क अधिकारी ने विवेचक रोहित कुमार उपाध्याय से मामले की जानकारी ली और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तलब किया। संदीप के चाचा व वादी बाबूराम का कहना है कि जिन तीन दोस्तों को नामजद किया गया है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। जबकि विवेचक का कहना है कि अभी जांच की जा रही है। हत्या का कोई मोटिव या गवाह मिलने पर गिरफ्तारी की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई है। विवेचक के मुताबिक, जब तक कोई साक्ष्य न मिले या गवाह न मिले तब तक हत्या के आरोप में जेल भेजना उचित नहीं है।
बता दें कि 13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उनके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड़ भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी में (ढोढ़रहवा घाट) पर पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाबी और मोबाइल फोन गायब ना। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि नहाते समय डूबने से उसकी मौत हुई। मगर, घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने गांव के ही साथ पढ़ने वाले रोहित चौधरी, शिवम और सिद्धार्थ पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी। मृतक संदीप के चाचा ने एसपी से मिलकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। परिजनों ने आईजीआरएस के जरिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की थी। एसपी ने सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान को जांच सौंपी थी। सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी एकत्र की। सीओ ने एसओ कप्तानगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया।
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साथ जाते दिखे चार, लौटे थे सिर्फ तीन
- घटना के दिन आसपास के लोगों ने पुलिस और संदीप के परिवार के लोगों को बताया था कि दो बाइक पर बैठकर उन लोगों ने चार लोगों को नदी की तरफ जाते देखा था। मगर कुछ देर बाद एक बाइक पर तीन ही लोग लौटते दिखे थे। परिवार के लोगों को यहीं से शक हुआ कि संदीप की मौत के पीछे कोई न कोई गहरा राज जरूर है। उनका कहना है कि अगर नहाते समय संदीप डूब गया था तो साथ गए दोस्तों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। वह लोग चोरी से भाग गए और संदीप की बाइक की चाबी और उसका मोबाइल फोन भी उठा ले गए थे।
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बता दें कि 13 जून को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था। उनके चाचा बाबूराम का कहना है कि वह गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत में जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड़ भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी में (ढोढ़रहवा घाट) पर पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक घटना स्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाबी और मोबाइल फोन गायब ना। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसके आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि नहाते समय डूबने से उसकी मौत हुई। मगर, घटना के तीसरे दिन संदीप के परिजनों ने गांव के ही साथ पढ़ने वाले रोहित चौधरी, शिवम और सिद्धार्थ पर संदीप को बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि के चलते यह गुत्थी उलझ गई थी। मृतक संदीप के चाचा ने एसपी से मिलकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी। परिजनों ने आईजीआरएस के जरिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की थी। एसपी ने सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान को जांच सौंपी थी। सीओ कलवारी विनय कुमार चौहान ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी एकत्र की। सीओ ने एसओ कप्तानगंज को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया।
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साथ जाते दिखे चार, लौटे थे सिर्फ तीन
- घटना के दिन आसपास के लोगों ने पुलिस और संदीप के परिवार के लोगों को बताया था कि दो बाइक पर बैठकर उन लोगों ने चार लोगों को नदी की तरफ जाते देखा था। मगर कुछ देर बाद एक बाइक पर तीन ही लोग लौटते दिखे थे। परिवार के लोगों को यहीं से शक हुआ कि संदीप की मौत के पीछे कोई न कोई गहरा राज जरूर है। उनका कहना है कि अगर नहाते समय संदीप डूब गया था तो साथ गए दोस्तों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। वह लोग चोरी से भाग गए और संदीप की बाइक की चाबी और उसका मोबाइल फोन भी उठा ले गए थे।
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