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Basti News: सल्टौआ और कुदरहा सीएचसी के प्रभारी का वेतन रोका
Fri, 07 Jul 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 07 Jul 2023 01:08 AM IST
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में बेहतर फीड बैक न होने पर डीएम प्रियंका निरंजन काफी नाराज हुई। उन्होंने सल्टौआ गोपालपुर तथा कुदरहा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन रोकने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया। वह बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ले रही थी। निर्देश दिया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जाए।
डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा बीडीओ को निर्देशित किया कि मरम्मत योग्य सीएचसी/पीएचसी तथा स्वास्थ्य केंद्र का इस्टीमेट तैयार कराया जाए। इसमें बाउंड्रीवाल, मरीजों के लिए वेटिंग रूम, पेयजल, शौचालय, सड़क, पार्किंग तथा छत की मरम्मत संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का शिलान्यास 1 अगस्त को एक साथ किया जाएगा। उन्होेंने निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई। सीएमओ को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर चिह्नित आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करके अवगत कराएं। उन्होंने रिक्त स्थानों पर आशाओं की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि प्राइमरी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र खुल गए हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल टीम भेजकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। पूर्व में आरबीएसके की ओर से चिह्नित 120 बच्चों का समुचित इलाज न होने और जननी सुरक्षा योजना में 4436 लाभार्थियों का भुगतान न किए जाने पर डीएम नाराज हुई।
उन्होंने सभी 369 स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की तैनाती करने का निर्देश दिया है। बताया गया कि कहीं-कहीं पर दो एवं तीन एएनएम की तैनाती की गई है। इसके अलावा पंजीकृत 13391 गर्भवती महिलाओं में से 7569 महिलाओं का ही एएनसी जांच होना पाया गया। शेष गर्भवती महिलाओं की जांच पूरी कराने के निर्देश दिए गए। परिवार नियोजन में भी फीडबैक ठीक नहीं पाया गया। एक कदम सुपोषण की ओर अभियान में 7 जून से 2 जुलाई तक केवल 38 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई है। जबकि राज्य का मानक 60 प्रतिशत है। इसमें 10 विकास खंडों की स्थिति बेहद खराब है। 121 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर विद्युत कनेक्शन कराए जाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में केवल 5 प्रतिशत मरीजों का बलगम टेस्ट कराने के लिए नमूना लैब को भेजा जाना पाया गया। यूनिसेफ के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि फ्रंटलाइन वर्कर आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री का 11 ब्लॉक में प्रशिक्षण बाकी है। संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश पांडेय ने किया। इस मौके पर सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. एके मिश्र, नगरीय नोडल डॉ. एके कुशवाहा, डीआईओएस डॉ. विनोद कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा बीडीओ को निर्देशित किया कि मरम्मत योग्य सीएचसी/पीएचसी तथा स्वास्थ्य केंद्र का इस्टीमेट तैयार कराया जाए। इसमें बाउंड्रीवाल, मरीजों के लिए वेटिंग रूम, पेयजल, शौचालय, सड़क, पार्किंग तथा छत की मरम्मत संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का शिलान्यास 1 अगस्त को एक साथ किया जाएगा। उन्होेंने निष्क्रिय आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई। सीएमओ को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर चिह्नित आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करके अवगत कराएं। उन्होंने रिक्त स्थानों पर आशाओं की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि प्राइमरी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र खुल गए हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल टीम भेजकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। पूर्व में आरबीएसके की ओर से चिह्नित 120 बच्चों का समुचित इलाज न होने और जननी सुरक्षा योजना में 4436 लाभार्थियों का भुगतान न किए जाने पर डीएम नाराज हुई।
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उन्होंने सभी 369 स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम की तैनाती करने का निर्देश दिया है। बताया गया कि कहीं-कहीं पर दो एवं तीन एएनएम की तैनाती की गई है। इसके अलावा पंजीकृत 13391 गर्भवती महिलाओं में से 7569 महिलाओं का ही एएनसी जांच होना पाया गया। शेष गर्भवती महिलाओं की जांच पूरी कराने के निर्देश दिए गए। परिवार नियोजन में भी फीडबैक ठीक नहीं पाया गया। एक कदम सुपोषण की ओर अभियान में 7 जून से 2 जुलाई तक केवल 38 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई है। जबकि राज्य का मानक 60 प्रतिशत है। इसमें 10 विकास खंडों की स्थिति बेहद खराब है। 121 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर विद्युत कनेक्शन कराए जाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में केवल 5 प्रतिशत मरीजों का बलगम टेस्ट कराने के लिए नमूना लैब को भेजा जाना पाया गया। यूनिसेफ के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि फ्रंटलाइन वर्कर आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री का 11 ब्लॉक में प्रशिक्षण बाकी है। संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश पांडेय ने किया। इस मौके पर सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. एके मिश्र, नगरीय नोडल डॉ. एके कुशवाहा, डीआईओएस डॉ. विनोद कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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