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Basti News: रुधौली के विधायक राजेंद्र ने विधानसभा में उठाया शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा
Tue, 05 Dec 2023 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:38 AM IST
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बस्ती। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जिले के रुधौली से सपा विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने क्षेत्र के कृषि, गरीब छात्रों की शिक्षा और उनकी मुफ्त यात्रा, गरीब परिवारों के स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में मुद्दा उठाया है। विधायक ने कहा कि सरकार ने कृषि उपकरणों पर 12 से 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगाया है।कई उपकरणों पर तो 28 प्रतिशत जीएसटी लिया जा रहा है। जब कृषि से संबंधित सारे उपकरण जीएसटी से मुक्त होंगे तो लागत घटेगी और किसानों की आय बढ़ेगी। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने वाले उपकरण पर भी जीएसटी वसूली जा रही है। किसानों को गुमराह करने के लिए सरकार किसान सम्मान निधि किसानों को दे रही है, वहीं दूसरी ओर कृषि यंत्रों पर लाखों रुपए किसानों से टैक्स के नाम पर ले रही है।
एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा और उनकी मुफ्त यात्रा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी में 22.5 प्रतिशत एससी-एसटी के समाज से जुड़े लोग हैं। जब सरकार शून्य से प्रवेश कराती थी तब सत्र 2016-17 में 21 करोड़ की आबादी में इस समाज के 11 लाख 37 हजार छात्रों के लिए 1766.59 करोड रुपए देती थी। आज जब इस समाज के नौ लाख 40 हजार छात्र शुल्क देकर तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो सरकार शिक्षा का बजट घटाकर मात्र 1057.35 करोड रुपए ही दे रही है। जिसके 22 प्रतिशत आरक्षण में केवल आठ से नौ प्रतिशत छात्र ही अध्ययन कर रहे हैं। बाकी या तो पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं या फिर उनके मां-बाप खेत जमीन इत्यादि बेचकर निजी विद्यालय में उनका प्रवेश करा रहे हैं। पूछा कि क्या सरकार इस समाज के बच्चों को व्यवसायिक एवं तकनीकी शिक्षा में निशुल्क प्रवेश देकर पढ़ाने का काम करेगी। क्या सरकार इन छात्रों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था करेगी।
स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार आयुष्मान कार्ड के नाम पर गरीब परिवारों को नि:शुल्क शिक्षा देने का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन जिस परिवार की संख्या छह है सिर्फ उन्हीं परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन पा रहा है, जबकि सरकार परिवार नियोजन का भी नारा लगा रही है। ऐसे में छह से कम सदस्य वाले परिवार को सरकार किस प्रकार निशुल्क स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, इस पर जनता जवाब चाहती है। उन्होंने सभी परिवारों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा और उनकी मुफ्त यात्रा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी में 22.5 प्रतिशत एससी-एसटी के समाज से जुड़े लोग हैं। जब सरकार शून्य से प्रवेश कराती थी तब सत्र 2016-17 में 21 करोड़ की आबादी में इस समाज के 11 लाख 37 हजार छात्रों के लिए 1766.59 करोड रुपए देती थी। आज जब इस समाज के नौ लाख 40 हजार छात्र शुल्क देकर तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो सरकार शिक्षा का बजट घटाकर मात्र 1057.35 करोड रुपए ही दे रही है। जिसके 22 प्रतिशत आरक्षण में केवल आठ से नौ प्रतिशत छात्र ही अध्ययन कर रहे हैं। बाकी या तो पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं या फिर उनके मां-बाप खेत जमीन इत्यादि बेचकर निजी विद्यालय में उनका प्रवेश करा रहे हैं। पूछा कि क्या सरकार इस समाज के बच्चों को व्यवसायिक एवं तकनीकी शिक्षा में निशुल्क प्रवेश देकर पढ़ाने का काम करेगी। क्या सरकार इन छात्रों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था करेगी।
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स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार आयुष्मान कार्ड के नाम पर गरीब परिवारों को नि:शुल्क शिक्षा देने का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन जिस परिवार की संख्या छह है सिर्फ उन्हीं परिवारों का आयुष्मान कार्ड बन पा रहा है, जबकि सरकार परिवार नियोजन का भी नारा लगा रही है। ऐसे में छह से कम सदस्य वाले परिवार को सरकार किस प्रकार निशुल्क स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, इस पर जनता जवाब चाहती है। उन्होंने सभी परिवारों को आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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