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Basti News: भूमि चिह्नांकन के बाद रफ्तार पकड़ेगा रिंग रोड का काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रिंग रोड के निर्माण की हलचल अब और बढ़ेगी। अभी ज्यों- ज्यों खेत खाली हो रहे हैं सड़क के लिए जमीन के चिह्नांकन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
धान की फसल कटते ही प्रस्तावित भूमि में सड़क की जमीन की खोदाई करके चिह्नित कर ली जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से अधिकृत निर्माण कंपनी ने छह पोकलैंड मशीनें उतार दी हैं। पहली बार 11 किमी लंबाई तक भूमि की खोदाई की जा रही है। छह किमी तक यह कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। अगले चरण में भूमि समतलीकरण का कार्य किए जाने की तैयारी है।
रिंग रोड के निर्माण का रास्ता काफी हद साफ हो चुका है। 70 प्रतिशत काश्तकारों को मुआवजा मिलने के साथ ही शेष मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रतिदिन 15 से 20 काश्तकारों को मुआवजा बांटा जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री के बाद विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय की ओर से कार्यदायी संस्था को कब्जा पत्र मुहैया करा दिया जा रहा है। प्रथम फेज के 54 गांवों में से 30 से अधिक गांवों का कब्जा पत्र दिया जा चुका है। इस आधार पर निर्माण कंपनी ने कार्य शुरू करा दिए हैं। अभी प्रस्तावित भूमि को खोदाई करके चिह्नित करने का कार्य कराया जा रहा है।
शहर के दक्षिण बरवनिया गांव से कुआनों नदी तक और और पूरब बायपोखर से कुआनों नदी तक कुल छह पोकलैंड मशीनें लगातार खोदाई कर जमीन चिह्नित कर रही है। कार्यदायी एजेंसी के अनुसार बरवनिया से सबदेइया कला (फोरलेन) 11 किमी तक सड़क के लिए अधिग्रहित जमीन फसल से खाली हो चुकी है। इसे चिह्नित कर लिया जा रहा है। जबकि गोटवा से बरवनिया तक अभी प्रस्तावित भूमि में गन्ने की फसल लगी हुई है।
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इसे खाली में एक महीने का वक्त है। इसलिए पहले खाली जमीनों में निर्माण की कवायद शुरू की गई है। उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में भूमि के चिह्नांकन का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद निर्माण कंपनी इतनी दूरी में समतलीकरण का कार्य शुरू कराएगी।
समतलीकरण के बाद दिखने लगेगी सड़क की रूपरेखा : रिंगरोड सड़क की रूपरेखा स्पष्ट तौर पर समतलीकरण कार्य होने के बाद दिखने लगेगी। निर्माण एजेंसी की मानें तो अगले 15 दिन में चिह्नित भूमि में समतलीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए भी आधा दर्जन मशीनें उतारी जाएंगी। इसी के साथ बाकी प्रस्तावित भूमि के चिह्नांकन का कार्य भी होता रहेगा। इस तरह गोटवा से सबदेइया कला के बीच 54 गांवों में 22.5 किमी फोरलेन सड़क का आधार जमीन पर दिखने लगेगा।
प्रथम फेज की सड़क पर खर्च होंगे 1138.32 करोड़ रुपये : प्रथम फेज में 22.5 किमी लंबी फोरलेन सड़क पर 1138.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्रालय ने 600 करोड़ का बजट निर्गत भी कर दिया है। 300 करोड़ रुपये केवल जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 200 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में खर्च हो चुके हैं। प्रथम फेज में ही कटया में टोल प्लाजा और कुआनों नदी पर राजाचक गांव के पास ब्रिज बनना भी प्रस्तावित है। इसके अलावा बायपोखर, कड़र में रेलवे ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।
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बस्ती। रिंग रोड के निर्माण की हलचल अब और बढ़ेगी। अभी ज्यों- ज्यों खेत खाली हो रहे हैं सड़क के लिए जमीन के चिह्नांकन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
धान की फसल कटते ही प्रस्तावित भूमि में सड़क की जमीन की खोदाई करके चिह्नित कर ली जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से अधिकृत निर्माण कंपनी ने छह पोकलैंड मशीनें उतार दी हैं। पहली बार 11 किमी लंबाई तक भूमि की खोदाई की जा रही है। छह किमी तक यह कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। अगले चरण में भूमि समतलीकरण का कार्य किए जाने की तैयारी है।
रिंग रोड के निर्माण का रास्ता काफी हद साफ हो चुका है। 70 प्रतिशत काश्तकारों को मुआवजा मिलने के साथ ही शेष मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रतिदिन 15 से 20 काश्तकारों को मुआवजा बांटा जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री के बाद विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय की ओर से कार्यदायी संस्था को कब्जा पत्र मुहैया करा दिया जा रहा है। प्रथम फेज के 54 गांवों में से 30 से अधिक गांवों का कब्जा पत्र दिया जा चुका है। इस आधार पर निर्माण कंपनी ने कार्य शुरू करा दिए हैं। अभी प्रस्तावित भूमि को खोदाई करके चिह्नित करने का कार्य कराया जा रहा है।
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शहर के दक्षिण बरवनिया गांव से कुआनों नदी तक और और पूरब बायपोखर से कुआनों नदी तक कुल छह पोकलैंड मशीनें लगातार खोदाई कर जमीन चिह्नित कर रही है। कार्यदायी एजेंसी के अनुसार बरवनिया से सबदेइया कला (फोरलेन) 11 किमी तक सड़क के लिए अधिग्रहित जमीन फसल से खाली हो चुकी है। इसे चिह्नित कर लिया जा रहा है। जबकि गोटवा से बरवनिया तक अभी प्रस्तावित भूमि में गन्ने की फसल लगी हुई है।
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इसे खाली में एक महीने का वक्त है। इसलिए पहले खाली जमीनों में निर्माण की कवायद शुरू की गई है। उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह में भूमि के चिह्नांकन का कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद निर्माण कंपनी इतनी दूरी में समतलीकरण का कार्य शुरू कराएगी।
समतलीकरण के बाद दिखने लगेगी सड़क की रूपरेखा : रिंगरोड सड़क की रूपरेखा स्पष्ट तौर पर समतलीकरण कार्य होने के बाद दिखने लगेगी। निर्माण एजेंसी की मानें तो अगले 15 दिन में चिह्नित भूमि में समतलीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए भी आधा दर्जन मशीनें उतारी जाएंगी। इसी के साथ बाकी प्रस्तावित भूमि के चिह्नांकन का कार्य भी होता रहेगा। इस तरह गोटवा से सबदेइया कला के बीच 54 गांवों में 22.5 किमी फोरलेन सड़क का आधार जमीन पर दिखने लगेगा।
प्रथम फेज की सड़क पर खर्च होंगे 1138.32 करोड़ रुपये : प्रथम फेज में 22.5 किमी लंबी फोरलेन सड़क पर 1138.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्रालय ने 600 करोड़ का बजट निर्गत भी कर दिया है। 300 करोड़ रुपये केवल जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 200 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में खर्च हो चुके हैं। प्रथम फेज में ही कटया में टोल प्लाजा और कुआनों नदी पर राजाचक गांव के पास ब्रिज बनना भी प्रस्तावित है। इसके अलावा बायपोखर, कड़र में रेलवे ओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा।