{"_id":"6813d28491f402784d05b270","slug":"ram-katha-teaches-the-art-of-living-shyamji-basti-news-c-207-1-sgkp1006-135847-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवन जीने की कला सिखाती है रामकथा : श्यामजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवन जीने की कला सिखाती है रामकथा : श्यामजी
Fri, 02 May 2025 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 02 May 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
परशुरामपुर। क्षेत्र के पौराणिक स्थल मखौड़ाधाम में व्यास श्याम ने रामकथा की महिमा का वर्णन किया। कहा कि रामकथा जीवन जीने की कला सिखाती है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने मानव रूप में अवतरित होकर ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया, जिससे मनुष्य अपने समस्त सांसारिक संबंधों का निर्वहन कर सकता है। रामकथा संबंधों में निहित मर्यादाओं को सुरक्षित-संरक्षित करती है इसलिए रामकथा और राम का जीवन मर्यादाओं का संकलन है। वर्तमान समय में मनुष्य भौतिकता की चकाचौंध भरी जिंदगी जी रहा है। ऐसे समय में अगर रामकथा का अवलंबन नहीं किया गया तो निश्चित रूप से हम पथ भ्रष्ट हो जाएंगे। सत्संग से ही मोक्ष संभव है। इस मौके पर दशरथ महल अयोध्या के महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरू विष्णुदेवाचार्य, रामशंकर दास रामायणी, महंत भानु दास, रामबाबू दास, विष्णु देव नायक आदि उपस्थित रहे। संवाद
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने मानव रूप में अवतरित होकर ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया, जिससे मनुष्य अपने समस्त सांसारिक संबंधों का निर्वहन कर सकता है। रामकथा संबंधों में निहित मर्यादाओं को सुरक्षित-संरक्षित करती है इसलिए रामकथा और राम का जीवन मर्यादाओं का संकलन है। वर्तमान समय में मनुष्य भौतिकता की चकाचौंध भरी जिंदगी जी रहा है। ऐसे समय में अगर रामकथा का अवलंबन नहीं किया गया तो निश्चित रूप से हम पथ भ्रष्ट हो जाएंगे। सत्संग से ही मोक्ष संभव है। इस मौके पर दशरथ महल अयोध्या के महंत विंदुगद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरू विष्णुदेवाचार्य, रामशंकर दास रामायणी, महंत भानु दास, रामबाबू दास, विष्णु देव नायक आदि उपस्थित रहे। संवाद