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जेल में मोबाइल चलाते मिले तो बढ़ जाएगी सजा,भरेंगे जुर्माना

Fri, 01 Oct 2021 10:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 10:39 PM IST
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punishment was groth attend mobile in jail
जेल में मोबाइल चलाते मिले तो बढ़ जाएगी सजा, भरेंगे जुर्माना
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- प्रमुख सचिव गृह के निर्देश से जेल में खलबली
- सूबे भर की सभी जेलों को भेजा शासन का नया फरमान
- 20 से 50 हजार जुर्माना, पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जेल के अंदर कैदियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बना दिया गया है। नियम का उल्लंघन करने पर अपराधियों को तीन से पांच साल के कठोर कारावास और 20 से 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करना पड़ेगा।

प्रत्येक बैरक में शासनादेश चस्पा कराने व वॉल राइटिंग के लिए मातहत अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से मोबाइल फोन, वाईफाई, ब्लूटूथ, निकट क्षेत्र संचार (एनएफसी), टैबलेट, कंप्यूटर, लैपटाप, इंटरनेट, जीपीआरएस, ई-मेल, एमएमएस, सिम या अन्य किसी उपकरण का प्रयोग कारागार परिसर के भीतर व बाहर गैरजमानती अपराध होगा। अगर किसी जेलकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा कर इसी कानून के तहत कार्रवाई होगी। जेलों में अब तक मोबाइल अथवा अन्य कोई प्रतिबंधित वस्तु पकड़े जाने पर छह माह की सजा व 200 रुपये जुर्माने का प्रविधान था। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि प्रमुख सचिव गृह अतुल कुमार श्रीवास्तव के भेजे गए शासनादेश में बताया गया है प्रदेश की सभी जेलों में कैदी अनुशासन के लिए कारागार अधिनियम-1894 के प्रावधानों में संशोधन कर नया नियम लागू किया गया है। अगर राज्य की जेलों में कोई भी बंदी या कैदी जेल परिसर के अंदर या बाहर किसी भी प्रकार के वायरलेस संचार उपकरण का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसे इस सजा और जुर्माने का आरोपति माना जाएगा। जेल अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि शासन का आदेश लागू कर दिया गया है। बीते दिनों इस कानून में बदलाव को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। प्रिजन एक्ट 1894 की धारा 42 व 43 में महत्वपूर्ण बदलाव कर सजा की अवधि व जुर्माना राशि बढ़ाई गई थी। इन धाराओं के तहत दी जाने वाली सजा आरोपित के मूल अपराध की सजा से अतिरिक्त होगी। जेल में बंद किसी अपराधी अथवा माफिया से फर्जी आइडी के जरिये मिलने वालों के विरुद्ध भी अब कठोर कार्रवाई संभव होगी।
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