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पुरानी पेंशन बहाली को अटेवा ने पदयात्रा निकाल भरी हुंकार
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा ने पदयात्रा निकाल भरी हुंकार
- दी चेतावनी पेंशन बहाल न हुई तो 21 नवंबर को लखनऊ में होगा धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आल टीचर्स इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की ओर से पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण व एनपीएस के विरोध में पदयात्रा कर हुंकार भरी। शुक्रवार को जीआईसी से कलक्ट्रेट तक निकली पद यात्रा में संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन बहाली न हुई तो 21 नवंबर को लखनऊ में प्रदेश भर के लोग जुटकर धरना देंगे।
जिला संयोजक तौआब अली ने कहा कि यदि सरकार समय रहते पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं करेगी तो अटेवा 21 नवंबर को अपनी ताकत का अहसास कराएगा। महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी ने कहा कि सरकार को निजीकरण की व्यवस्था लागू करने से बचना चाहिए अन्यथा कंपनियां कर्मियों का शोषण करना शुरू कर देंगी। रैली प्रभारी अनीस अहमद एवं सह प्रभारी अमरचंद्र, पप्पू सक्सेना, सुखराज गुप्ता, मनीष मिश्रा ने कहा एनपीएस शेयर बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था है जिसमें कोई गारंटी नहीं है यह व्यवस्था तत्काल बंद होनी चाहिए। अटेवा को समर्थन दे रहे उप्र माध्यमिक शिक्षा संघ (एकजुट) के प्रदेशीय कोषाध्यक्ष विजेंद्र वर्मा, संगठन मंत्री ध्रुव नरायन, जिलाध्यक्ष अजय वर्मा, जिला संरक्षक प्रमोद कुमार ओझा व बृजेश वर्मा ने कहा कि चुनावी वर्ष में सरकार को पुरानी पेंशन की बहाली कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बुढ़ापे की लाठी का तोहफा देना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, डिप्लोम फार्मेसी संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, नर्सेज संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, सफाई कर्मचारी संघ, इंकलाबी नौजवान सभा आदि कई संगठनों ने समर्थन देकर पद यात्रा में प्रतिभाग किया।
इस मौके पर अमरनाथ, देवेन्द्र तिवारी, अनीता प्रजापति, विजय नाथ तिवारी, सुरेन्द्र यादव, सुनील मौर्या, प्रमोद वर्मा, पंच बहादुर यादव, अर्जुन प्रसाद, संतोष शुक्ला, वासुदेव, योगेश्वर शुक्ल, शिवरतन, अब्दुल कयूम, पप्पू सक्सेना, मजहर आलम, अरूण कुमार मिश्र, गिरीश चौबे, आशुतोष मिश्र, संतोष कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद, आशा पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के उदय शंकर शुक्ल, दुर्गेश यादव, राज्य कर्मचारी परिषद के मस्तराम वर्मा, तौलू प्रसाद, राम आधार पाल, सफाई कर्मचारी संघ के अजय आर्य और मंशा राम आदि मौजूद रहे।
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- दी चेतावनी पेंशन बहाल न हुई तो 21 नवंबर को लखनऊ में होगा धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आल टीचर्स इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की ओर से पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण व एनपीएस के विरोध में पदयात्रा कर हुंकार भरी। शुक्रवार को जीआईसी से कलक्ट्रेट तक निकली पद यात्रा में संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन बहाली न हुई तो 21 नवंबर को लखनऊ में प्रदेश भर के लोग जुटकर धरना देंगे।
जिला संयोजक तौआब अली ने कहा कि यदि सरकार समय रहते पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं करेगी तो अटेवा 21 नवंबर को अपनी ताकत का अहसास कराएगा। महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी ने कहा कि सरकार को निजीकरण की व्यवस्था लागू करने से बचना चाहिए अन्यथा कंपनियां कर्मियों का शोषण करना शुरू कर देंगी। रैली प्रभारी अनीस अहमद एवं सह प्रभारी अमरचंद्र, पप्पू सक्सेना, सुखराज गुप्ता, मनीष मिश्रा ने कहा एनपीएस शेयर बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था है जिसमें कोई गारंटी नहीं है यह व्यवस्था तत्काल बंद होनी चाहिए। अटेवा को समर्थन दे रहे उप्र माध्यमिक शिक्षा संघ (एकजुट) के प्रदेशीय कोषाध्यक्ष विजेंद्र वर्मा, संगठन मंत्री ध्रुव नरायन, जिलाध्यक्ष अजय वर्मा, जिला संरक्षक प्रमोद कुमार ओझा व बृजेश वर्मा ने कहा कि चुनावी वर्ष में सरकार को पुरानी पेंशन की बहाली कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बुढ़ापे की लाठी का तोहफा देना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, डिप्लोम फार्मेसी संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, नर्सेज संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, सफाई कर्मचारी संघ, इंकलाबी नौजवान सभा आदि कई संगठनों ने समर्थन देकर पद यात्रा में प्रतिभाग किया।
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इस मौके पर अमरनाथ, देवेन्द्र तिवारी, अनीता प्रजापति, विजय नाथ तिवारी, सुरेन्द्र यादव, सुनील मौर्या, प्रमोद वर्मा, पंच बहादुर यादव, अर्जुन प्रसाद, संतोष शुक्ला, वासुदेव, योगेश्वर शुक्ल, शिवरतन, अब्दुल कयूम, पप्पू सक्सेना, मजहर आलम, अरूण कुमार मिश्र, गिरीश चौबे, आशुतोष मिश्र, संतोष कुमार, डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद, आशा पांडेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के उदय शंकर शुक्ल, दुर्गेश यादव, राज्य कर्मचारी परिषद के मस्तराम वर्मा, तौलू प्रसाद, राम आधार पाल, सफाई कर्मचारी संघ के अजय आर्य और मंशा राम आदि मौजूद रहे।
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