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धीमी गति और खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2016 12:30 AM IST
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बस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा में जिले की नोडल
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अधिकारी और महिला बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार ने काम की
धीमी गति और खराब गुणवत्ता पर कड़ा एतराज जताया। कहा कि इस जिले में बिना
किसी प्लान के कार्य हो रहा है। हर साल जिले को सात सौ करोड़ से अधिक रुपये
मिलते हैं, मगर इसके अनुरूप परिणाम नहीं दिखाई देता।
प्रमुख सचिव रेणुका कुमार ने सबसे अधिक नाराजगी सड़कों और भवनों की खराब गुणवत्ता और धीमी गति को लेकर जताई। कहा कि न तो सड़कों की गुणवत्ता ठीक है और न वित्तीय और भौतिक प्रगति ही संतोषजनक है। जल निगम के एक्सईएन और परियोजना निदेशक डीपी सिंह की गलत रिपोर्टिंग पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब किया।
डीएम ने विकास कार्यों की धीमी गति के लिए चुनाव को कारण बताया तो प्रमुख सचिव ने कहा कि उन्हें बहानेबाजी से बचने की नसीहत दीं। सभी एसडीएम और गांव को गोद लिए अधिकारियों से कहा कि वे भी गांव में रात्रिकालीन विश्राम करें, ताकि गांव का कुछ विकास हो सके।
सबसे पहले पीडब्लूडी द्वारा निर्मित 50 लाख से ऊपर की लागत सड़कों की प्रगति की समीक्षा हुई। डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि जिले में पीडब्लूडी 100 सड़कों का निर्माण करा रही है। 38 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। 62 बची हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि समय से निर्माण न होने से परियोजना की लागत बढ़ती है, अनावश्यक रूप से सरकारी धन व्यय होता है।
इसके लिए उन्होंने उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष परियोजनाओं को समय से पूरा करने का निर्देश दिया। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन बीबी श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव को बताया कि धन के अभाव में रामशरण दास योजना के तहत सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस मद में मात्र 20 फीसदी धन ही जिले को मिला है, उसका उपयोग किया जा चुका है।
एक्सईएन ने बताया कि लक्ष्य पूरा करने के लिए बिना भुगतान किए ठेकेदारों से जबरिया काम कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने पैक्सपेड द्वारा बनवाए जा रहे सरकारी भवनों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। प्रमुख सचिव ने डीएम को पैक्सपेड द्वारा निर्मित भवनों की गुणवत्ता की जांच का निर्देश दिया।
एक जेई के भरोसे 150 प्रोजेक्ट
डीएम ने प्रमुख सचिव को बताया कि सांसद और विधायक निधि से कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम 150 अधिक परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इस संस्था के पास मात्र एक अवर अभियंता है। प्रमुख सचिव ने कहा कि इस संस्था को इतना काम किसके कहने पर दे दिया जाता है।
डीएम ने कहा कि सांसद और विधायक के कहने पर इस संस्था को काम दिया जाता है। साथ ही यह भी कहा कि जिले में कुछ ऐसी कार्यदायी संस्था कार्य कर रही हैं, जिनका कार्यालय तक बस्ती में नहीं है। कहा गया कि शासन से इन कार्यदाई संस्थाओं को नामित किया जाता है।
प्रमुख सचिव रेणुका कुमार ने सबसे अधिक नाराजगी सड़कों और भवनों की खराब गुणवत्ता और धीमी गति को लेकर जताई। कहा कि न तो सड़कों की गुणवत्ता ठीक है और न वित्तीय और भौतिक प्रगति ही संतोषजनक है। जल निगम के एक्सईएन और परियोजना निदेशक डीपी सिंह की गलत रिपोर्टिंग पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई और स्पष्टीकरण तलब किया।
डीएम ने विकास कार्यों की धीमी गति के लिए चुनाव को कारण बताया तो प्रमुख सचिव ने कहा कि उन्हें बहानेबाजी से बचने की नसीहत दीं। सभी एसडीएम और गांव को गोद लिए अधिकारियों से कहा कि वे भी गांव में रात्रिकालीन विश्राम करें, ताकि गांव का कुछ विकास हो सके।
सबसे पहले पीडब्लूडी द्वारा निर्मित 50 लाख से ऊपर की लागत सड़कों की प्रगति की समीक्षा हुई। डीएम अनिल कुमार दमेले ने बताया कि जिले में पीडब्लूडी 100 सड़कों का निर्माण करा रही है। 38 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। 62 बची हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि समय से निर्माण न होने से परियोजना की लागत बढ़ती है, अनावश्यक रूप से सरकारी धन व्यय होता है।
इसके लिए उन्होंने उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष परियोजनाओं को समय से पूरा करने का निर्देश दिया। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन बीबी श्रीवास्तव ने प्रमुख सचिव को बताया कि धन के अभाव में रामशरण दास योजना के तहत सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि इस मद में मात्र 20 फीसदी धन ही जिले को मिला है, उसका उपयोग किया जा चुका है।
एक्सईएन ने बताया कि लक्ष्य पूरा करने के लिए बिना भुगतान किए ठेकेदारों से जबरिया काम कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने पैक्सपेड द्वारा बनवाए जा रहे सरकारी भवनों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। प्रमुख सचिव ने डीएम को पैक्सपेड द्वारा निर्मित भवनों की गुणवत्ता की जांच का निर्देश दिया।
एक जेई के भरोसे 150 प्रोजेक्ट
डीएम ने प्रमुख सचिव को बताया कि सांसद और विधायक निधि से कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम 150 अधिक परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इस संस्था के पास मात्र एक अवर अभियंता है। प्रमुख सचिव ने कहा कि इस संस्था को इतना काम किसके कहने पर दे दिया जाता है।
डीएम ने कहा कि सांसद और विधायक के कहने पर इस संस्था को काम दिया जाता है। साथ ही यह भी कहा कि जिले में कुछ ऐसी कार्यदायी संस्था कार्य कर रही हैं, जिनका कार्यालय तक बस्ती में नहीं है। कहा गया कि शासन से इन कार्यदाई संस्थाओं को नामित किया जाता है।