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पंजीकरण के बाद भी ऑनलाइन नहीं दिख रहा किसानों का डाटा
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पंजीकरण के बाद भी ऑनलाइन नहीं दिख रहा किसानों का डाटा
- जनसेवा केंद्रों से पंजीकरण कराकर परेशान हो रहे हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जन सेवा केंद्रों से नया पंजीकरण कराने वालों का डाटा कृषि विभाग के पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। जिससे किसान परेशान हैं। वे कृषि भवन स्थित पीएम-किसान डेस्क के चक्कर लगा रहे हैं।
पीएम किसान योजना में पंजीकरण के बाद किसानों का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अंकित हो जाता है। किसान किस्त न मिलने पर हेल्प डेस्क की मदद से ऑनलाइन दर्ज डाटा की विभाग से जांच कराते हैं। इसके आधार पर विभाग किस्तें प्राप्त न होने पर कार्रवाई करता है। लेकिन तमाम किसान ऐसे हैं जिन्होंने जन सेवा केंद्रों के माध्यम से योजना में पंजीकरण कराया है। वह अपना डाटा हेल्प डेस्क की मदद से भी नहीं देख पा रहे हैं। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि जन सेवा केंद्रों से पंजीकरण के बाद किसानों का डाटा ऑनलाइन केंद्र सरकार को चला जाता है। जहां से जांच के बाद प्रदेश सरकार के पास आता है। वहां से फिर विभाग को मिलता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन चलती है। इसमें कुछ समय लगता है। जन सेवा केंद्रों पर पंजीकरण कराने वाले किसान इसे लेकर परेशान न हों।
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- जनसेवा केंद्रों से पंजीकरण कराकर परेशान हो रहे हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जन सेवा केंद्रों से नया पंजीकरण कराने वालों का डाटा कृषि विभाग के पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। जिससे किसान परेशान हैं। वे कृषि भवन स्थित पीएम-किसान डेस्क के चक्कर लगा रहे हैं।
पीएम किसान योजना में पंजीकरण के बाद किसानों का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अंकित हो जाता है। किसान किस्त न मिलने पर हेल्प डेस्क की मदद से ऑनलाइन दर्ज डाटा की विभाग से जांच कराते हैं। इसके आधार पर विभाग किस्तें प्राप्त न होने पर कार्रवाई करता है। लेकिन तमाम किसान ऐसे हैं जिन्होंने जन सेवा केंद्रों के माध्यम से योजना में पंजीकरण कराया है। वह अपना डाटा हेल्प डेस्क की मदद से भी नहीं देख पा रहे हैं। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि जन सेवा केंद्रों से पंजीकरण के बाद किसानों का डाटा ऑनलाइन केंद्र सरकार को चला जाता है। जहां से जांच के बाद प्रदेश सरकार के पास आता है। वहां से फिर विभाग को मिलता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन चलती है। इसमें कुछ समय लगता है। जन सेवा केंद्रों पर पंजीकरण कराने वाले किसान इसे लेकर परेशान न हों।
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