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फार्मासिस्टों ने कराया ताकत का एहसास, दो घंटे ठप किया काम
basti
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:05 AM IST
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जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती/सल्टौआ। मांगें मनवाने के लिए डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने आंदोलन छेड़ दिया है। 14 सूत्रीय मांगों के समर्थन में बृहस्पतिवार को आवाज बुलंद करते हुए ताकत का एहसास कराया और दो घंटे कार्य को ठप कर दिया।
शहर के अस्पतालों में सुबह आठ से 10 बजे व ग्रामीण क्षेत्र में 10 से 12 बजे तक दवाओं का वितरण नहीं हुआ। इस दौरान मरीज दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। दवा काउंटर पर लंबी लाइनें लगी रहीं। काला फीता बांधकर आंदोलन कर रहे एसोसिएशन के जनपदीय मंत्री डॉ. शैलेंद्र कुमार राय व अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार सिंह ने वेतन विसंगति, स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर फार्मासिस्टों के पदों पर नियुक्त न किए जाने सहित अन्य मुद्दों को उठाया है। कहा कि शनिवार को हम सब सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो 10 दिसंबर से सभी फार्मासिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। कहा कि संघ की वेतन विसंगति की रिपोर्ट लगभग डेढ़ वर्ष से शासन में लंबित है। इसके कारण सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा। भत्तों का वर्षों से पुनरीक्षण नहीं हुआ है। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ गोपालपुर में तैनात फार्मासिस्ट मांगों को लेकर दो घंटे कार्य बहिष्कार पर रहे। इसके बाद बांह पर काला फीता बांधकर कार्य किए। 10 दिसंबर को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। दिन के 10 बजे से हड़ताल पर रहने के कारण मरीज व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टर की पर्ची लेकर लोग इधर-उधर दवा लेने के लिए भटकते रहे। दोपहर 12 बजे से फार्मासिस्ट कार्य पर लौटे तो दवा का वितरण हुआ। फार्मासिस्ट राधारमण शुक्ल, अवनीश चौधरी, गिरजेश चौधरी ने बताया कि जब तक सरकार हम लोगों के मांगों को नहीं मानती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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शहर के अस्पतालों में सुबह आठ से 10 बजे व ग्रामीण क्षेत्र में 10 से 12 बजे तक दवाओं का वितरण नहीं हुआ। इस दौरान मरीज दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। दवा काउंटर पर लंबी लाइनें लगी रहीं। काला फीता बांधकर आंदोलन कर रहे एसोसिएशन के जनपदीय मंत्री डॉ. शैलेंद्र कुमार राय व अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार सिंह ने वेतन विसंगति, स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर फार्मासिस्टों के पदों पर नियुक्त न किए जाने सहित अन्य मुद्दों को उठाया है। कहा कि शनिवार को हम सब सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। चेतावनी दी कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो 10 दिसंबर से सभी फार्मासिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। कहा कि संघ की वेतन विसंगति की रिपोर्ट लगभग डेढ़ वर्ष से शासन में लंबित है। इसके कारण सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा। भत्तों का वर्षों से पुनरीक्षण नहीं हुआ है। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ गोपालपुर में तैनात फार्मासिस्ट मांगों को लेकर दो घंटे कार्य बहिष्कार पर रहे। इसके बाद बांह पर काला फीता बांधकर कार्य किए। 10 दिसंबर को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। दिन के 10 बजे से हड़ताल पर रहने के कारण मरीज व तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डॉक्टर की पर्ची लेकर लोग इधर-उधर दवा लेने के लिए भटकते रहे। दोपहर 12 बजे से फार्मासिस्ट कार्य पर लौटे तो दवा का वितरण हुआ। फार्मासिस्ट राधारमण शुक्ल, अवनीश चौधरी, गिरजेश चौधरी ने बताया कि जब तक सरकार हम लोगों के मांगों को नहीं मानती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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