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बूंदाबांदी के बाद फिर झमाझम बरसात
basti
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:50 PM IST
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बरसात का अानंद लेतीं युवतियां।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। तीन दिन से सक्रिय मानसून का असर शहर की गलियों और सड़कों पर दिखने लगा है। न्यायमार्ग हो या पुरानी बस्ती की सड़कें हर जगह पानी भरा हुआ है। मालवीय रोड से निकलने वाली गलियां तो छोटे तालाब सरीखे नजर आने लगी हैं।
बरसात शुरू होने से पहले ही नगर पालिका परिषद पिछले दो महीने से विशेष सफाई अभियान चला रहा है। लेकिन गंदगी से पटे नाले और नालियों को जिम्मेदारों ने देखा तक नहीं है। यह सच तीन दिन से सक्रिय मानसून ने दिखाया है। हालांकि, न्यायमार्ग स्थित पुलिस कार्यालय के पास बूंदाबांदी में भी सड़क पर उफान आ जाता है। लेकिन मालवीय रोड, आवास विकास कॉलोनी, कटरा मोहल्ले के अलावा पुरानी बस्ती की सड़कें भी बारिश की पानी से लबालब हैं। बारिश में बीमारियों को खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नाले और नालियों की सफाई के लिए पालिका परिषद की ओर से सफाई अभियान का रोस्टर जारी किया गया। लेकिन यह सफाई किस स्तर तक हुई इसका पता शनिवार और रविवार को दिन के 11 बजे हुई जबरदस्त बरसात से चला।
लो-वोल्टेज और उमस भरी गर्मी झेल रहे शहरी अब सुकून में हैं। रविवार को दिन का तापमान अधिकतम 30 डिग्री रहा जबकि तीन दिन पहले यह 35 डिग्री के आसपास हुआ करता था। न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने से उमस ज्यादा कचोट रही थी। ग्रामीणांचल में इस बरसात को लोग अनाज की बारिश मान रहे हैं। विक्रमजोत, छावनी, परशुरामपुर, बभनान, हर्रैया, कप्तानगंज, गौर, भानपुर, रुधौली, मुंडेरवा, बनकटी आदि क्षेत्रों के किसान धान और गन्ने के लिए बारिश को वरदान मान रहे हैं। रोपाई में जुटे हैं। क्योंकि बिजली के झटके, सूखे नहर तथा खराब पड़े सरकारी ट्यूबवेल के चलते खेती किसानी की हालत खराब गई थी। मौसम विज्ञानी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक अभी ऐसा ही मौसम रहेगा। बारिश भी होगी। रविवार को भी दिनभर बूंदाबांदी के चलते बाजारों में सन्नाटा जरूर पसरा है।
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सड़कों पर पानी भरने से दुश्वारियां बढ़ीं
महराजगंज। कस्बे में बरसात ने विकास की हालत दिखा दी है। हाईवे पर बसे कस्बे में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से सर्विस रोड पर पानी भर गया है। सामान खरीदने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। एनएचएआई के इस सर्विस रोड के बगल बनवाई गई नाली जाम हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सर्विस रोड पर पानी भरने से हम लोगों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
नगर बाजार निकलने में दुश्वारियां
नगर बाजार। बहादुरपुर ब्लॉक के नगर बाजार की गड्ढेदार सड़कें हल्की बरसात में लबालब हो गईं और राहगीरों को निकलने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार नगर बाजार के राजा उदय प्रताप नारायण सिंह ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऐतिहासिक कस्बा आज बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां बड़ी संख्या लोग प्रतिदिन खरीदारी करने आते हैं। दर्जनों सरकारी गैर सरकारी विद्यालय हैं। शनिवार और बुधवार को बाजार लगता है। आवागमन का यह प्रमुख मार्ग गड्ढे में तब्दील होने से बरसात में पानी भर गया। इससे हादसे का भी खतरा पैदा हो गया है। यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। स्थानीय सतीश कुमार, प्रिन्स गुप्ता, बैजनाथ, रमेश सोनी, राजेन्द्र, शालू गुप्ता, घनश्याम आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से कहकर थक चुके हैं लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
किसानों को राहत, राहगीरों की परेशानी
बनकटी। लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे बारिश होने से खिल गए। सिंचाई के लिए परेशान किसानों ने राहत की सांस ली। इस बारिश ने तो किसानों को राहत दी, मगर क्षेत्र की तमाम सड़कों पर जल जमाव व गड्ढा होने से यात्रा मुश्किल में पड़ गई। सरकार ने सड़क गड्ढा मुक्ति पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसका उदाहरण बस्ती महुली मार्ग है। जहां हल्की सी बरसात में सड़क पर बने गड्ढों के पानी भर जाता है और राहगीर चोटहिल होते हैं। बस्ती-महुली मार्ग को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बानपुर से देईसाड़ ,बनकटी से बरहुआ पक्का बाजार, ईटहर मार्ग, बनकटी से हल्लौर नगरा मार्ग, हल्लौर नगरा से चेनुआ, बनकटी से अहरा मार्ग के अरईल दिगरपट्टी मार्ग, देईसाड़ से खोरिया ,बनकटी से खैराटी, बरोहिया से रौतापार, एकमा से पड़री ,पक्का बाजार से जयविजय मार्ग, टिकवा जोत से सजहरा फैलवा व डीहीखास मार्ग सहित अन्य मार्गों पर यात्रा मुश्किल है। क्षेत्र के प्रभाकर पाल, शाह आलम, जगदीश चौधरी ने बताया की सबसे बुरा हाल बानपुर से देईसाड़ मार्ग का है। इस मार्ग का मरम्मत में लगभग साठ लाख रुपये खर्च हुए, यहां सड़क पर पानी भरा है।
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बरसात शुरू होने से पहले ही नगर पालिका परिषद पिछले दो महीने से विशेष सफाई अभियान चला रहा है। लेकिन गंदगी से पटे नाले और नालियों को जिम्मेदारों ने देखा तक नहीं है। यह सच तीन दिन से सक्रिय मानसून ने दिखाया है। हालांकि, न्यायमार्ग स्थित पुलिस कार्यालय के पास बूंदाबांदी में भी सड़क पर उफान आ जाता है। लेकिन मालवीय रोड, आवास विकास कॉलोनी, कटरा मोहल्ले के अलावा पुरानी बस्ती की सड़कें भी बारिश की पानी से लबालब हैं। बारिश में बीमारियों को खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नाले और नालियों की सफाई के लिए पालिका परिषद की ओर से सफाई अभियान का रोस्टर जारी किया गया। लेकिन यह सफाई किस स्तर तक हुई इसका पता शनिवार और रविवार को दिन के 11 बजे हुई जबरदस्त बरसात से चला।
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लो-वोल्टेज और उमस भरी गर्मी झेल रहे शहरी अब सुकून में हैं। रविवार को दिन का तापमान अधिकतम 30 डिग्री रहा जबकि तीन दिन पहले यह 35 डिग्री के आसपास हुआ करता था। न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने से उमस ज्यादा कचोट रही थी। ग्रामीणांचल में इस बरसात को लोग अनाज की बारिश मान रहे हैं। विक्रमजोत, छावनी, परशुरामपुर, बभनान, हर्रैया, कप्तानगंज, गौर, भानपुर, रुधौली, मुंडेरवा, बनकटी आदि क्षेत्रों के किसान धान और गन्ने के लिए बारिश को वरदान मान रहे हैं। रोपाई में जुटे हैं। क्योंकि बिजली के झटके, सूखे नहर तथा खराब पड़े सरकारी ट्यूबवेल के चलते खेती किसानी की हालत खराब गई थी। मौसम विज्ञानी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक अभी ऐसा ही मौसम रहेगा। बारिश भी होगी। रविवार को भी दिनभर बूंदाबांदी के चलते बाजारों में सन्नाटा जरूर पसरा है।
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सड़कों पर पानी भरने से दुश्वारियां बढ़ीं
महराजगंज। कस्बे में बरसात ने विकास की हालत दिखा दी है। हाईवे पर बसे कस्बे में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से सर्विस रोड पर पानी भर गया है। सामान खरीदने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। एनएचएआई के इस सर्विस रोड के बगल बनवाई गई नाली जाम हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सर्विस रोड पर पानी भरने से हम लोगों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
नगर बाजार निकलने में दुश्वारियां
नगर बाजार। बहादुरपुर ब्लॉक के नगर बाजार की गड्ढेदार सड़कें हल्की बरसात में लबालब हो गईं और राहगीरों को निकलने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार नगर बाजार के राजा उदय प्रताप नारायण सिंह ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऐतिहासिक कस्बा आज बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां बड़ी संख्या लोग प्रतिदिन खरीदारी करने आते हैं। दर्जनों सरकारी गैर सरकारी विद्यालय हैं। शनिवार और बुधवार को बाजार लगता है। आवागमन का यह प्रमुख मार्ग गड्ढे में तब्दील होने से बरसात में पानी भर गया। इससे हादसे का भी खतरा पैदा हो गया है। यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। स्थानीय सतीश कुमार, प्रिन्स गुप्ता, बैजनाथ, रमेश सोनी, राजेन्द्र, शालू गुप्ता, घनश्याम आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से कहकर थक चुके हैं लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
किसानों को राहत, राहगीरों की परेशानी
बनकटी। लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे बारिश होने से खिल गए। सिंचाई के लिए परेशान किसानों ने राहत की सांस ली। इस बारिश ने तो किसानों को राहत दी, मगर क्षेत्र की तमाम सड़कों पर जल जमाव व गड्ढा होने से यात्रा मुश्किल में पड़ गई। सरकार ने सड़क गड्ढा मुक्ति पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसका उदाहरण बस्ती महुली मार्ग है। जहां हल्की सी बरसात में सड़क पर बने गड्ढों के पानी भर जाता है और राहगीर चोटहिल होते हैं। बस्ती-महुली मार्ग को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बानपुर से देईसाड़ ,बनकटी से बरहुआ पक्का बाजार, ईटहर मार्ग, बनकटी से हल्लौर नगरा मार्ग, हल्लौर नगरा से चेनुआ, बनकटी से अहरा मार्ग के अरईल दिगरपट्टी मार्ग, देईसाड़ से खोरिया ,बनकटी से खैराटी, बरोहिया से रौतापार, एकमा से पड़री ,पक्का बाजार से जयविजय मार्ग, टिकवा जोत से सजहरा फैलवा व डीहीखास मार्ग सहित अन्य मार्गों पर यात्रा मुश्किल है। क्षेत्र के प्रभाकर पाल, शाह आलम, जगदीश चौधरी ने बताया की सबसे बुरा हाल बानपुर से देईसाड़ मार्ग का है। इस मार्ग का मरम्मत में लगभग साठ लाख रुपये खर्च हुए, यहां सड़क पर पानी भरा है।