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Basti News: आधे दिन की ओपीडी से मरीजों को परेशानी, बिना इलाज लौटे कई लोग
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जिला अस्पताल में दिन में 12 बजे तक चली ओपीडी से मरीजों को हुई परेशानी संवाद
- फोटो : samvad
बस्ती। वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आधे दिन की ओपीडी संचालित होने से मरीजों को परेशानी हुई। पर्चा काउंटर सुबह 11:30 बजे ही बंद कर दिए गए। इसकी जानकारी नहीं होने से कई मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन बिना इलाज लौटना पड़ा।
जिला अस्पताल में सुबह पौने 12 बजे पहुंचे अंकुर, नीरज और शिवम ने बताया कि उस समय अधिकांश कक्षों में चिकित्सक नहीं मिले और उनका पर्चा भी नहीं बन सका। वहीं, बाल रोग विभाग में मरीजों की भीड़ रही। यहां दोपहर 12 बजे तक 60 बच्चों की जांच की गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बच्चों में वायरल संक्रमण का खतरा अधिक है।
अस्पताल पहुंची नीलम को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवानी थी, लेकिन पर्चा नहीं बनने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। उपचार के बारे में पूछने पर कर्मचारियों ने उन्हें इमरजेंसी में जाने की सलाह दी। आधे दिन की ओपीडी के कारण ऐसे कई मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, जिन्हें समय से इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
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महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए भटकीं गर्भवती महिलाएं
महिला अस्पताल में भी ओपीडी का समय समाप्त होने के कारण मरीजों को परेशानी हुई। अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचीं कई गर्भवती महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। सोमवार को यहां 104 पर्चे बनाए गए, जबकि जिला अस्पताल में कुल 413 पर्चे बने।
कोट
जिन मरीजों ने पर्चा बनवा लिया था और दोपहर 12 बजे तक अस्पताल पहुंच गए थे, उनका उपचार किया गया।
-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में सुबह पौने 12 बजे पहुंचे अंकुर, नीरज और शिवम ने बताया कि उस समय अधिकांश कक्षों में चिकित्सक नहीं मिले और उनका पर्चा भी नहीं बन सका। वहीं, बाल रोग विभाग में मरीजों की भीड़ रही। यहां दोपहर 12 बजे तक 60 बच्चों की जांच की गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बच्चों में वायरल संक्रमण का खतरा अधिक है।
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अस्पताल पहुंची नीलम को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवानी थी, लेकिन पर्चा नहीं बनने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। उपचार के बारे में पूछने पर कर्मचारियों ने उन्हें इमरजेंसी में जाने की सलाह दी। आधे दिन की ओपीडी के कारण ऐसे कई मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, जिन्हें समय से इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
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महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए भटकीं गर्भवती महिलाएं
महिला अस्पताल में भी ओपीडी का समय समाप्त होने के कारण मरीजों को परेशानी हुई। अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचीं कई गर्भवती महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। सोमवार को यहां 104 पर्चे बनाए गए, जबकि जिला अस्पताल में कुल 413 पर्चे बने।
कोट
जिन मरीजों ने पर्चा बनवा लिया था और दोपहर 12 बजे तक अस्पताल पहुंच गए थे, उनका उपचार किया गया।
-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी जिला अस्पताल