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Basti News: प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से ट्रेन का टिकट बनाकर बेचने वाला धंधेबाज गिरफ्तार
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आरपीएफ ने पकड़ा टिकट दलाल-स्रोत आरपीएफ
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पुरानी बस्ती। बस्ती रेलवे के जरिए आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से टिकट बनाकर बेचने वाले एक दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ई-टिकट, पीआरएस काउंटर टिकट, मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन से जुड़े साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एक अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
अपराध सूचना शाखा लखनऊ और लखनऊ मंडल की टास्क टीम ने मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी के निर्देशन में संतकबीरनगर जिले के चिउटना बाजार (सेमरियावा-टीमा रोड) स्थित एक जनरल स्टोर पर छापा मारा गया। यहां से सिसवा तालिब, थाना दुधारा निवासी नसीबुल्ला को गिरफ्तार किया गया। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक राशिद वेग मिर्जा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी पिछले चार वर्षों से आईआरसीटीसी की कई पर्सनल यूजर आईडी के साथ प्रतिबंधित गदर और एलेक्सा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-टिकट बनाकर बेच रहा था।
वहीं एक अन्य आरोपी हलीम उर्फ पप्पू के माध्यम से तत्काल श्रेणी के पीआरएस काउंटर टिकट भी हासिल कर यात्रियों को मनमाने दामों पर उपलब्ध कराता था। आरोपी एसी टिकट के लिए प्रति यात्री पांच हजार और स्लीपर टिकट के लिए 3,200 रुपये तक वसूलता था। भुगतान यूपीआई और फोनपे के जरिए लिया जाता था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के मोबाइल से एक ई-टिकट, तीन पीआरएस काउंटर टिकट, व्हाट्सएप चैट और यूपीआई लेन-देन का रिकॉर्ड बरामद हुआ।
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साक्ष्य के तौर पर मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और आरोपी की दुकान को उसकी सहमति से सील कर दिया गया। आरपीएफ पोस्ट बस्ती में आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कमलेश कुमार यादव को सौंपी गई है।
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अपराध सूचना शाखा लखनऊ और लखनऊ मंडल की टास्क टीम ने मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी के निर्देशन में संतकबीरनगर जिले के चिउटना बाजार (सेमरियावा-टीमा रोड) स्थित एक जनरल स्टोर पर छापा मारा गया। यहां से सिसवा तालिब, थाना दुधारा निवासी नसीबुल्ला को गिरफ्तार किया गया। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक राशिद वेग मिर्जा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी पिछले चार वर्षों से आईआरसीटीसी की कई पर्सनल यूजर आईडी के साथ प्रतिबंधित गदर और एलेक्सा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-टिकट बनाकर बेच रहा था।
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वहीं एक अन्य आरोपी हलीम उर्फ पप्पू के माध्यम से तत्काल श्रेणी के पीआरएस काउंटर टिकट भी हासिल कर यात्रियों को मनमाने दामों पर उपलब्ध कराता था। आरोपी एसी टिकट के लिए प्रति यात्री पांच हजार और स्लीपर टिकट के लिए 3,200 रुपये तक वसूलता था। भुगतान यूपीआई और फोनपे के जरिए लिया जाता था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के मोबाइल से एक ई-टिकट, तीन पीआरएस काउंटर टिकट, व्हाट्सएप चैट और यूपीआई लेन-देन का रिकॉर्ड बरामद हुआ।
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साक्ष्य के तौर पर मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और आरोपी की दुकान को उसकी सहमति से सील कर दिया गया। आरपीएफ पोस्ट बस्ती में आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक कमलेश कुमार यादव को सौंपी गई है।