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कोविड के कारण फिर शुरू हुआ ऑनलाइन क्लास
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कोविड के कारण फिर शुरू हुई ऑनलाइन क्लास
बस्ती। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। जिले में 382 स्कूलों का संचालन यूपी बोर्ड से होता है। इनमें लगभग डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। लेकिन, अभी 16 जनवरी तक स्कूल बंद हैं। ऐसे में अब ऑनलाइन पढ़ाई का ही सहारा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डीएस यादव ने बताया कि सभी स्कूलों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों पर सुबह नौ बजे से विषयवार पाठ्यक्रमों का लिंक भेजा जाएगा। उस लिंक को खोलते ही विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। उसी ग्रुप पर ही हाजिरी दर्ज की जाएगी। वहीं, अगर किसी छात्र-छात्राओं को कुछ समझ नहीं आता है तो उसके लिए विद्यालय स्तर पर ही ग्रुप बनाए गए हैं, जिन पर विद्यार्थी अपनी समस्या को लिखकर भेज सकेंगे। ऑनलाइन कक्षाओं के निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्ति किया जाएगा।
जीजीआईसी की प्रधानाचार्या नीलम सिंह ने बताया कि कोविड के कारण स्कूल बंद हो गया है। लेकिन कक्षा 10 और 12 की कक्षाएं ऑनलाइन चल रही थी। शासन का आदेश मिलने के बाद 9 और 11 की भी कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो गईं। शिक्षिकाएं स्कूल से ऑनलाइन बच्चों को पढ़ा रही हैं। अगर किसी बच्चे को कोई दिक्कत आती है। उसका भी समाधान किया जाता है।
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बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या मुस्लिमा खातून ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। 15 वर्ष से ऊपर छात्राओं को कोविड टीकाकरण हो चुका है। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। अधिकतर बच्चों के पास मोबाइल या लैपटाप उपलब्ध न होने कारण समास्या आ रही है।
बेगम खैर गर्ल्स स्कूल की कक्षा 12 की छात्रा रूपाली ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में अब काफी कम समय बचा है। ऑनलाइन पढ़ाई ही सहारा है। ऑनलाइन पढ़ाई से वैसे तो संतुष्ट हैं, लेकिन कई बार कनेक्टिविटी की समस्या आती है। टीचर भी काफी मेहनत करती हैं जिसका लाभ हमें लेना चाहिए।
कक्षा 10 की छात्रा स्नेह चौधरी ने बताया कि पहली बार मैं बोर्ड की परीक्षा में बैठ रही हूं। हम लोगों की कक्षाएं पूरा समय कोरोना के कारण नहीं चल पाई हैं। ज्यादातर बच्चों के पास स्मार्ट मोबाइल फोन न होने के कारण पढ़ाई में दिक्कत होती है। फिर भी अपने संसाधनों से ही पढ़ रहे हैं।
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बस्ती। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। जिले में 382 स्कूलों का संचालन यूपी बोर्ड से होता है। इनमें लगभग डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। लेकिन, अभी 16 जनवरी तक स्कूल बंद हैं। ऐसे में अब ऑनलाइन पढ़ाई का ही सहारा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डीएस यादव ने बताया कि सभी स्कूलों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों पर सुबह नौ बजे से विषयवार पाठ्यक्रमों का लिंक भेजा जाएगा। उस लिंक को खोलते ही विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। उसी ग्रुप पर ही हाजिरी दर्ज की जाएगी। वहीं, अगर किसी छात्र-छात्राओं को कुछ समझ नहीं आता है तो उसके लिए विद्यालय स्तर पर ही ग्रुप बनाए गए हैं, जिन पर विद्यार्थी अपनी समस्या को लिखकर भेज सकेंगे। ऑनलाइन कक्षाओं के निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्ति किया जाएगा।
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जीजीआईसी की प्रधानाचार्या नीलम सिंह ने बताया कि कोविड के कारण स्कूल बंद हो गया है। लेकिन कक्षा 10 और 12 की कक्षाएं ऑनलाइन चल रही थी। शासन का आदेश मिलने के बाद 9 और 11 की भी कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो गईं। शिक्षिकाएं स्कूल से ऑनलाइन बच्चों को पढ़ा रही हैं। अगर किसी बच्चे को कोई दिक्कत आती है। उसका भी समाधान किया जाता है।
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बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या मुस्लिमा खातून ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। 15 वर्ष से ऊपर छात्राओं को कोविड टीकाकरण हो चुका है। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। अधिकतर बच्चों के पास मोबाइल या लैपटाप उपलब्ध न होने कारण समास्या आ रही है।
बेगम खैर गर्ल्स स्कूल की कक्षा 12 की छात्रा रूपाली ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में अब काफी कम समय बचा है। ऑनलाइन पढ़ाई ही सहारा है। ऑनलाइन पढ़ाई से वैसे तो संतुष्ट हैं, लेकिन कई बार कनेक्टिविटी की समस्या आती है। टीचर भी काफी मेहनत करती हैं जिसका लाभ हमें लेना चाहिए।
कक्षा 10 की छात्रा स्नेह चौधरी ने बताया कि पहली बार मैं बोर्ड की परीक्षा में बैठ रही हूं। हम लोगों की कक्षाएं पूरा समय कोरोना के कारण नहीं चल पाई हैं। ज्यादातर बच्चों के पास स्मार्ट मोबाइल फोन न होने के कारण पढ़ाई में दिक्कत होती है। फिर भी अपने संसाधनों से ही पढ़ रहे हैं।