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Basti News: लापरवाही ले रही जान, जिम्मेदार बने अनजान

Wed, 05 Aug 2026 12:46 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:46 AM IST
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Negligence is claiming lives; those responsible remain oblivious.
बस्ती। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का फायदा गली-मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले निजी अस्पताल उठा रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत तक नहीं हैं। शिकायत मिलने पर विभागीय अधिकारी कार्रवाई का दावा जरूर करते हैं लेकिन धरातल पर प्रभावी कार्रवाई न होने से ऐसे अस्पतालों का संचालन लगातार जारी है।
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आरोप है कि बिचौलियों की सक्रियता के चलते मरीजों को सेटिंग वाले अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है, जहां उपचार में लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ रही है। बिचौलियों की मिलीभगत से कई बार अस्पताल का नाम या स्थान बदलकर संचालन जारी रखा जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जिले में 125 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं, जबकि गली-मोहल्लों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इससे कई गुना अधिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। ऐसे अस्पतालों में फंसकर मरीजों की जान जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले तीन माह में करीब नौ मौतें हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में लापरवाही के आरोप लगे हैं। इसके बावजूद जांच की धीमी रफ्तार के चलते अब तक सिर्फ एक अस्पताल पर कार्रवाई हो सकी है।
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हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो अवैध सेंटरों की जांच की थी। वहां न चिकित्सक मिले और न ही पंजीकरण संबंधी दस्तावेज। इसी तरह कुदरहा में भी एक बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिक पकड़ा गया था। इन मामलों में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

घर में एएनएम करा रही थी प्रसव, प्रसूता की मौत
लालगंज थाना क्षेत्र के बैजनाथजोत निवासी एक एएनएम पर घर में ही प्रसव कराने का आरोप लगा है। बताया गया कि रविवार को नंदपुर गांव स्थित घर पर एएनएम ने राधिका (24) पत्नी दीपक का प्रसव कराया। प्रसव के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी। पति दीपक का आरोप है कि इसके बाद एक झोलाछाप को बुलाकर दवा दिलाई गई लेकिन हालत और गंभीर हो गई। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में प्रसूता की मौत हो गई। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। शिकायत के आधार पर जांच के लिए टीम गठित की गई है।

कई मामलों में जांच लंबित, कार्रवाई का इंतजार
मालवीय रोड स्थित एक अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक पर न्यूरो सर्जन बनकर महिला का उपचार करने का आरोप लगा था। छह दिन बाद महिला की मौत हो गई। मामले की जांच अभी लंबित है।
रेलवे स्टेशन रोड स्थित अस्पताल में एक माह पहले प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था। इसकी जांच रिपोर्ट अभी तक सीएमओ को नहीं सौंपी गई है।
बरदहिया में दो माह पहले बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हुई थी। आरोप अवैध अस्पताल पर लगा था लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हुई और अस्पताल भी बंद नहीं कराया गया।
कटरा स्थित अस्पताल में बुजुर्ग की मौत के मामले में भी दो माह बाद कार्रवाई नहीं हो सकी है। पचपेड़िया स्थित अस्पताल में महिला की मौत के मामले में भी जांच लंबित है।
मुंडेरवा में तीन माह पहले महिला की मौत के मामले में अस्पताल को सील कर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है लेकिन जांच अभी जारी है।

सीएचसी कुदरहा में प्रसव के दौरान नवजात का सिर धड़ से अलग होने का मामला भी सामने आया था। इसमें स्टाफ नर्स पर कार्रवाई अभी लंबित है।

निजी अस्पतालों में लापरवाही से मौत के मामलों में जहां से शिकायत प्राप्त हुई है, वहां जांच कराई जा रही है। कई मामलों की रिपोर्ट लंबित है। जांच टीमों को जल्द आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे। लालगंज प्रकरण की भी जांच कराई जाएगी। एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती
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