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Basti News: चक्रवात के अलर्ट से किसान चिंतित, मड़ाई में जुटे

Thu, 29 Oct 2026 02:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:42 AM IST
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Farmers concerned by cyclone alert, rush to complete threshing
बजहिया गांव मे धान की मढाई कराते किसान। संवाद
टिनिच/छावनी। चक्रवात के अलर्ट से सल्टौआ ब्लॉक में किसान धान की मड़ाई तेजी से कराने में जुट गए हैं। बारिश की आशंका के बीच खेतों में कटी पड़ी फसल को सुरक्षित करने की होड़ मची है। थ्रेशर की मांग बढ़ने से किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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अजगैवा जंगल, बेतौहा, भदना, तिनहरी, बदलूपुर, पंडितपुर, बजहिया, नोनहा, निद्धीपुर, पचलौरिया और बसहवा समेत क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में धान की फसल तैयार है। कई जगह कटाई जारी है, जबकि कट चुकी फसल की मड़ाई कराने के लिए किसान जल्दबाजी कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि बारिश होने पर खेतों में पड़ी धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
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थ्रेशर संचालक रामतौल चौधरी ने बताया कि किसानों की बढ़ी मांग को देखते हुए सुबह छह बजे से लगातार थ्रेसर चलाया जा रहा है। इसके बावजूद कई किसान अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।
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किसान जगदीश यादव ने बताया कि धान काटकर खेतों में रखा है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। अधिक बारिश होने पर फसल को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं, किसान अखिलेश यादव ने बताया कि मड़ाई के लिए थ्रेसर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मौसम खराब होने से पहले फसल सुरक्षित करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती है।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार, कंबाइन से कटाई करा चुके किसान धान बेचने के लिए आढ़तियों का चक्कर लगा रहे हैं। नमी अधिक होने से आढ़तिए भी खरीद के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

किसान अमर बहादुर, रमेश सिंह, कुलदीप आदि का कहना है कि हमेशा परिवार के खर्चे को देखते हुए धान को घर में रखा जाता था। बाकी धान रबी की फसल की बोआई के लिए बेच दिया जाता था। इस बार चक्रवाती तूफान की आशंका ने फसल बचाने का अतिरिक्त खर्च बढ़ा दिया है। घर में पूरा धान रखने व्यवस्था नहीं होने से तिरपाल खरीदना पड़ रहा है। मजदूर लगाकर धान को इकट्ठा करके उसे ढंकना पड़ रहा है। मौसम साफ होने पर फिर से धान के सुखाना पड़ेगा। उसके लिए भी मजदूरी देना पड़ेगी।
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